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कूड़े के ढेर में वार्ड 18

Mon, 21 Jul 2014 05:30 AM IST
Pilibhit
Pilibhit Updated Mon, 21 Jul 2014 05:30 AM IST
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पीलीभीत। शहर के वार्ड 18 की आबादी अस्थाई डलावघरों से परेशान है। इन दिनों सबसे ज्यादा दिक्कतें रोजेदारों को रही हैं। सफाई और पथ प्रकाश व्यवस्था भी बेपटरी मिली। दूषित पानी पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो अधिकतर वार्ड वासी समस्याओं से दो चार हो रहे हैं।
करीब 15 हजार से अधिक आबादी वाले इस वार्ड में मोहल्ला तखान, मस्जिद पठानी, शेखचांद और बेनी चौधरी आते हैं। कहने को यहां सफाई व्यवस्था को 11 सफाई कर्मी तैनात हैं, लेकिन वार्ड मस्जिद पठानी, बेनी चौधरी में अस्थाई डलावघरों का सड़कों तक फैला कूड़ा और उसमें घूमते सुअर सफाई व्यवस्था की पोल पट्टी खोलने के लिए काफी हैं। कमोवेश ऐसा ही हाल नालियों का है। दो दिन से हो रही बरसात में कई नालियां चोक हो गईं। जिससे सड़कों पर जलभराव हो गया।
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खास बात यह है कि 15 हजार से अधिक की आबादी के लिए मात्र चार सरकारी हैंडपंप ही लगाए गए हैं, जिसमें एक हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है। मोहल्ला मस्जिद पठानी में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। जिस पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। बेनी चौधरी समेत अन्य मोहल्लों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था बदहाल है। जहां व्यवस्था दुरुस्त है वहां स्ट्रीट लाइटें पूरे दिन जलती रहती हैं।
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फैक्ट फाइल :
आबादी- 15000
वोटर- 7000

यह हैं प्रमुख समस्याएं
- वार्ड के दो मोहल्लों में डाला जा रहा है कूड़ा
- नहीं होती नियमित साफ-सफाई
- कुछ हिस्से में हो रही है दूषित पानी की सप्लाई
- प्रकाश व्यवस्था भी चल रही है बेपटरी
- शुद्घ पेयजल को लगे हैं मात्र तीन सरकारी हैंडपंप

सफाई व्यवस्था सिर्फ नाम की

वार्ड में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप चल रही है। नालियों में तलीझाड़ सफाई के नाम पर खानापूरी कर ली गई। सड़कें गंदगी से पटी पड़ी है।
अखिलेश सिंह

दूषित पानी पीने को मजबूर लोग

नगरपालिका की पाइपलाइनों से गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। गली में तो एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं है। शाम होते ही गली अंधेरे में डूब जाती है।
ऋषभ सिंह

रोजेदारों के लिए मुसीबत बना कूड़ा

मुख्य रोड पर बरसों से कर्मचारी ही दूसरों मोहल्लों को कूड़ा यहां डाल रहे हैं। गंदगी से रोजेदार नाक पर रुमाल रखकर निकलने को मजबूर हैं।
आबिद

वादे हवाई साबित हुए

रमजान से पूर्व अफसरों ने साफ-सफाई कराने को बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन वादे हवाई ही साबित हुए। कोई देखने और सुनने वाला ही नहीं है।
नसीर

सहूलियतों का रखा जा रहा है ध्यान

वार्ड वासियों की सहूलियत का पूरा ध्यान
हाल ही में करीब सौ मीटर पाइप लाइन और दो सड़कों का प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें एक सड़क का निर्माण शुरू करा दिया गया है। कुछ गलियां भी अधूरी पड़ी हुई हैं। इन सभी की मरम्मत कराई जाएगी।


नहीं हुए विकास कार्य
सुविधा में साफ-सफाई व्यवस्था प्राथमिक तौर पर गिनी जाती है लेकिन इस वार्ड में इसी पर काम नहीं हो रहा है। कूड़ा करकट कई कई दिनों तक नहीं उठाया जा रहा है। बिजली के तार झूल रहे हैं। लोगों की समस्याओं पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है।
यासमीन बेगम, द्वितीय स्थान पर रही प्रत्याशी।
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