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बाघ संरक्षण को बनेगी स्पेशल टाइगर फोर्स

Sun, 15 Jun 2014 05:33 AM IST
Pilibhit
Pilibhit Updated Sun, 15 Jun 2014 05:33 AM IST
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जल्द तैयार करें टाइगर रिजर्व
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की कार्ययोजना: डॉ. गोपाल

पीलीभीत। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के सचिव डॉ. राजेश गोपाल ने बैठक कर डीएफओ को टाइगर रिजर्व की कार्ययोजना शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग की दिक्कतें जल्द दूर कर संसाधन एवं पर्याप्त स्टाफ मुहैया कराया जाएगा।
टाइगर रिजर्व की अधिसूचना लेकर शुक्रवार को एनटीसीए सदस्य सचिव, एआईजी संजय कुमार और चीफ कंजरवेटर एमपी सिंह के साथ पीलीभीत पहुंचे। यहां अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने वन क्षेत्र का दौरा किया था। शनिवार सुबह उन्होंने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से मुलाकात कर उन्हें अधिसूचना की जानकारी दी। इसके बाद डीएफओ कार्यालय में बैठक की। उन्होंने टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद होने वाले परिवर्तन की जानकारी डीएफओ को दी साथ ही इसकी वृहद कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व में संसाधन एवं स्टाफ की कमी पूरी की जाएगी और धन की समस्या आड़े नहीं आएंगी। एनटीसीए टीम बाघ संरक्षण के लिए समय-समय पर यहां का दौरा कर स्थिति का आंकलन करेंगी। टाइगर रिजर्व बनने के साथ ही अब वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट भी लागू हो गया है। बाघों की निगरानी कैमरा ट्रैप से भी की जाएगी साथ ही इसका डाटा बेस तैयार किया जाएगा। बैठक में एनटीसीए की टीम के अलावा स्थानीय अधिकारी मौजूद रहे।
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पीलीभीत। एनटीसीए के सदस्य सचिव डॉ. राजेश गोपाल ने कहा कि टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद मुख्य फोकस बाघ संरक्षण पर रहेगा। इसके लिए जल्द ही स्पेशल टाइगर फोर्स गठित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जंगल से सटे दो किमी क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को भी प्राथमिकता से दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। जलौनी लकड़ी की समस्या से बचने के लिए उन्हें गैस कनेक्शन दिलाने पर जोर रहेगा।
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दो दिवसीय दौरे पर आए डॉ. गोपाल डीएफओ कार्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि टाइगर रिजर्व बनने से जिले में इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और इसकी पहचान विश्व स्तर पर होगी, लेकिन पूरी तरह विकसित होने पर कुछ समय लगेगा। इसके लिए 10 वर्ष की एक वृहद कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश उन्होंने दिए हैं। उन्होंने बताया कि अब जंगल में आम जनता के घुसने अथवा वाहन सहित पकड़े जाने पर जुर्माना न वसूलकर संपत्ति जब्त कर सीधे जेल भेजा जाएगा। कटान और अतिक्रमण के बाबत पूछने पर उन्होंने बताया कि सीमांकन कराया जा रहा है। समय-समय पर वर्कशॉप आयोजित कर स्टाफ एवं जन सामान्य को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।
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