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दिमागी बुखार से महिला की मौत
Pilibhit
Updated Tue, 18 Sep 2012 12:00 PM IST
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पहले भी हो चुकी हैं बुखार से कई मौतें
बिलसंडा। गांव बिलहरा में भी दिमागी बुखार से पीड़ित एक महिला की मौत हो गई। अब तक क्षेत्र में इस रोग से पीड़ित करीब एक दर्जन लोग मौत के आगोश मेें समा चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे पर काबू नहीं कर पा रहा है।
गांव निवासी रामदुलारे ने बताया कि उनकी पत्नी लीलावती को तीन दिन पूर्व तेज बुखार आया था। सिर में दर्द अधिक होने की वजह से उन्हें नगर के एक निजी अस्पताल में लेकर आए। कुछ घंटे उपचार चला, लेकिन सुधार नहीं होने पर डॉक्टर ने बरेली ले जाने की बात कही।
चूंकि आर्थिक स्थिति सुदृढ़ नहीं थी, जिस कारण उसने गांव लिलहर के एक झोलाछाप के यहां भर्ती करा लिया। झोलाछाप द्वारा पूरे दिन इलाज किया गया, लेकिन यहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ। मजबूरन वह उन्हें घर ले आया और रविवार की रात करीब 12 बजे मौत हो गई। इस घटना से घर में कोहराम मच गया। इस गांव में भी तमाम लोग इस रोग से पीड़ित हैं ,लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग बेखबर है।
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आसपास रखें सफाई
जिन गांवों में रोग फैलने की सूचना मिलती है, वहां पर टीम भेजकर दवाओं का वितरण कराया जा रहा है। फीवर गंदगी और बदलते मौसम के कारण फैल रहा है। इसके बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। ग्रामीणों को चाहिए कि मकान के आसपास गंदगी न फैलाएं, जलभराव न होने दें, मच्छरदानी लगाकर सोएं, कटे हुए फल न खाएं, वासी भोजन न करें, पानी उबाल कर पिएं और खुले में शौच न करें।
डॉ सीएम चतुर्वेदी अधीक्षक सीएचसी बिलसंडा।
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बिलसंडा। गांव बिलहरा में भी दिमागी बुखार से पीड़ित एक महिला की मौत हो गई। अब तक क्षेत्र में इस रोग से पीड़ित करीब एक दर्जन लोग मौत के आगोश मेें समा चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे पर काबू नहीं कर पा रहा है।
गांव निवासी रामदुलारे ने बताया कि उनकी पत्नी लीलावती को तीन दिन पूर्व तेज बुखार आया था। सिर में दर्द अधिक होने की वजह से उन्हें नगर के एक निजी अस्पताल में लेकर आए। कुछ घंटे उपचार चला, लेकिन सुधार नहीं होने पर डॉक्टर ने बरेली ले जाने की बात कही।
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चूंकि आर्थिक स्थिति सुदृढ़ नहीं थी, जिस कारण उसने गांव लिलहर के एक झोलाछाप के यहां भर्ती करा लिया। झोलाछाप द्वारा पूरे दिन इलाज किया गया, लेकिन यहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ। मजबूरन वह उन्हें घर ले आया और रविवार की रात करीब 12 बजे मौत हो गई। इस घटना से घर में कोहराम मच गया। इस गांव में भी तमाम लोग इस रोग से पीड़ित हैं ,लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग बेखबर है।
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जिन गांवों में रोग फैलने की सूचना मिलती है, वहां पर टीम भेजकर दवाओं का वितरण कराया जा रहा है। फीवर गंदगी और बदलते मौसम के कारण फैल रहा है। इसके बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। ग्रामीणों को चाहिए कि मकान के आसपास गंदगी न फैलाएं, जलभराव न होने दें, मच्छरदानी लगाकर सोएं, कटे हुए फल न खाएं, वासी भोजन न करें, पानी उबाल कर पिएं और खुले में शौच न करें।
डॉ सीएम चतुर्वेदी अधीक्षक सीएचसी बिलसंडा।