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होमगार्ड जवानों को नहीं मिलती ड्यूटी

Pilibhit Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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पीलीभीत। वर्दी शरीर पर आने के बाद यदि होमगार्ड्स नियमित ड्यूटी का सपना देख रहे हैं तो उसे भूल जाएं। वजह यह कि होमगार्ड संगठन आवश्यकता पड़ने पर ही अपने जवानों की सेवाएं लेगा। यही कारण है कि जिले में 980 होमगार्ड के जवानों में से हर माह सिर्फ 504 को ही ड्यूटी का अवसर दिया जाता है। बाकी के लोग महीना भर बेगार करते हैं।
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यह अलग बात है कि जिले में होमगार्ड के 1032 पद शासन से स्वीकृत हैं। इनमें सात ब्लॉकों पर प्रत्येक ब्लाक मुख्यालय के लिए 100 जवानों और शहरी क्षेत्र के लिए 300 जवानों के अलावा 32 महिला प्लाटून हैं। इनमें से होमगार्ड विभाग प्रत्येक माह 504 जवानों को ड्यूटी प्रदान करता है। होमगार्ड की वर्दी पहनने वाले जवान इस गफलत में रहते हैं कि उन्हेें प्रशिक्षण दिलाकर संगठन में भर्ती कर लिया गया है तो उनसे हर माह ड्यूटी भी ली जाएगी। ऐसा न होने पर वह परेशान भी होते हैं और आंदोलन का रास्ता भी अपनाते हैं।
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1962 में हुआ था होमगार्ड संगठन का गठन
जिला होमगार्ड कमांडेंट जगत सिंह की माने तो होमगार्ड संगठन 1962 में चाइना युद्ध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने बनाया था। इसका उद्देश्य था कि जरूरत पड़ने पर लोग अपनी, अपने परिवार और आस पड़ोस की रक्षा कर सकें। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था की गई थी। उनका कहना है कि होमगार्ड्स को विभिन्न विभागों की आवश्यकता के अनुरूप ड्यूटी पर भेजा जाता है। अब इनका रिन्यूवल भी होने लगा है।

दुर्भावना ग्रस्त रहते हैं होमगार्ड
थानों पर पुलिस जवानों की तरह काम करने वाले होमगार्डों की दुर्गति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 1032 में से अधिकतम 504 गार्डों को ही ड्यूटी मिल पाती है, इससे वह दुर्भावना से ग्रसित हो रहे हैं। थानों पर जमकर उपेक्षा की जाती है। होमगार्ड बताते हैं कि थाने में थानेदार से लेकर सिपाही तक मेजे तक साफ कराते हैं। उनसे 12 से 18 घंटे तक ड्यूटी ली जाती है।
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ड्यूटी लगवाने को देना पड़ता है नजराना
कई होमगार्डों ने बताया कि ड्यूटी लगवाए जाने के लिए अवैध धन उगाही की जाती है। जो गार्ड संबंधित को धन मुहैया करा देते है उनकी ड्यूटी लगा दी जाती है। रिश्वत न देने वाले होमगार्ड तीन-तीन महीने तक चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन उन्हें ड्यूटी नहीं मिल पाती है।
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नहीं लग पा रही ऑनलाइन ड्यूटी
विभाग ने होमगार्डों की डयूटी ऑन लाइन लगाने के लिए कंप्यूटर लगाया गया था। होमगार्डों का डाटा लोड कर पांच-छह माह तक ड्यूटी लगाई गई, लेकिन आई तकनीकी कमियों के कारण वर्तमान समय में ऑन लाइन ड्यूटी नहीं लगाई जा रही है।
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980 होमगार्ड हैं। इनमें से दो भागों में बांटकर एक-एक माह की ड्यूटी लगाई जाती है। इससे 504 जवानों को ड्यूटी के अभाव में खाली बैठना पड़ता है। रिश्वत लेकर ड्यूटी दिए जाने के मामले उनके संज्ञान में नहीं हैं। अगर कोई शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। कंप्यूटर में तकनीकी खराबी को ठीक करने के लिए विभाग को पत्र लिखा जा चका है।
जगतार सिंह, होमगार्ड जिला कमांडेंट

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