{"_id":"5c421530bdec22738563d283","slug":"91547834672-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी ठीक नहीं हुई पाइप लाइन, पानी को तरसे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी ठीक नहीं हुई पाइप लाइन, पानी को तरसे लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। शहर के पांच मोहल्लों की लंबे समय से ठप पड़ी पेयजल सप्लाई को लेकर जिम्मेदार जलकल विभाग संजीदा नहीं है। लापरवाही का आलम यह है कि कर्मचारी शुक्रवार को भी फटी लाइनें दुरुस्त नहीं करने पहुंचे। ऐसे में मोहल्ले के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इसको लेकर लोगों में रोष है।
शहरवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैय्या कराने की जिम्मेदार नगर पालिका के जलकल विभाग की है, लेकिन मौजूदा हालातों को देखते हुए लगता है कि जलकल विभाग को अपनी जिम्मेदारियों से कोई सरोकार ही नहीं है। मामला शहर के वार्ड 25 का है। इस वार्ड के मोहल्ला इनायतगंज, पूरनमल, बागगुलशेर, कुंवरगढ़ व थान सिंह में बिछाई गई पाइप लाइनें पिछले कई दिनों से बार-बार फट रही हैं। इन दिनों मोहल्ला पूरनमल में तीन स्थानों पर जबकि कुंवरगढ़ और इनायतगंज में भी पिछले कई दिनों से पाइप लाइन फटी चल रही है। इसके चलते इन मोहल्लों में रहने वाली करीब पांच हजार की आबादी को बूंद-बूंद पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। हालांकि समस्या को लेकर वार्ड सदस्य संजीव सक्सेना समेत अन्य लोगों ने पालिकाध्यक्ष व ईओ को जानकारी दी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। वहीं जलकल विभाग वॉटर पंप की मोटर जल्द बदलने की बात कहकर पल्ला झाड़ता आ रहा है।
विज्ञापन
शहरवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैय्या कराने की जिम्मेदार नगर पालिका के जलकल विभाग की है, लेकिन मौजूदा हालातों को देखते हुए लगता है कि जलकल विभाग को अपनी जिम्मेदारियों से कोई सरोकार ही नहीं है। मामला शहर के वार्ड 25 का है। इस वार्ड के मोहल्ला इनायतगंज, पूरनमल, बागगुलशेर, कुंवरगढ़ व थान सिंह में बिछाई गई पाइप लाइनें पिछले कई दिनों से बार-बार फट रही हैं। इन दिनों मोहल्ला पूरनमल में तीन स्थानों पर जबकि कुंवरगढ़ और इनायतगंज में भी पिछले कई दिनों से पाइप लाइन फटी चल रही है। इसके चलते इन मोहल्लों में रहने वाली करीब पांच हजार की आबादी को बूंद-बूंद पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। हालांकि समस्या को लेकर वार्ड सदस्य संजीव सक्सेना समेत अन्य लोगों ने पालिकाध्यक्ष व ईओ को जानकारी दी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। वहीं जलकल विभाग वॉटर पंप की मोटर जल्द बदलने की बात कहकर पल्ला झाड़ता आ रहा है।
विज्ञापन