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बेसिक शिक्षकों ने शुरू किया धरना, सीटीओ के खिलाफ जांच की मांग उठाई

Tue, 13 Jun 2017 06:51 PM IST
Updated Tue, 13 Jun 2017 06:51 PM IST
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बेसिक शिक्षकों ने शुरू किया धरना, सीटीओ के खिलाफ जांच की मांग उठाई

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पीलीभीत। मुख्य कोषाधिकारी के खिलाफ जांच की मांग को लेकर जिले भर के बेसिक शिक्षकों ने मंगलवार से बीएसए कार्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया। धरनास्थल पर शिक्षक नेताओं ने मुख्य कोषाधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाए। शिक्षक नेताओं ने डीएम को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपकर मामले की जांच कराने की मांग की।

प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर जिले भर के कई शिक्षक मंगलवार को बीएसए कार्यालय परिसर में एकत्र हुए। यहां शिक्षकों ने मुख्य कोषाधिकारी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की मांग को लेकर नारेबाजी कर धरना दिया। धरना स्थल पर हुई सभा में संघ के जिलाध्यक्ष दयाशंकर ने कहा कि शिक्षकों का लंबे अरसे से उत्पीड़न किया जा रहा है। शिक्षकों के वेतन में अड़ंगेबाजी लगाकर उन्हें तंग किया जा रहा है। अब पानी सिर से ऊपर हो गया है। मुख्य कोषाधिकारी महामिलिंद लाल के द्वारा की गई वित्तीय अनियमितताओं की जांच कराई जाएगी। इसको लेकर संगठन के पास पर्याप्त सबूत हैं। जब तक मुख्य कोषाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जिला मंत्री उमेश गंगवार ने कहा कि शिक्षक एकता में बहुत बल है। शिक्षकों के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। मुख्य कोषाधिकारी को अपनी कार्यप्रणाली और व्यवहार मेंबदलाव लाना होगा। शिक्षक सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। शिक्षकों ने 18 जून को जिले में होने वाली साक्षरता परीक्षा का भी बहिष्कार करने की चेतावनी दी। इसके बाद शिक्षक नेताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि पूर्व में मुख्य कोषाधिकारी की दूषित कार्यप्रणाली को लेकर बिंदुवार शिकायती पत्र प्रेषित किया था। शासन द्वारा वर्ष 2006 से पूर्व मृतक या सेवानिवृत्त आश्रितों को न्यूनतम पेंशन 3500 रुपए देने के साथ अवशेष भुगतान करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद मुख्य कोषाधिकारी द्वारा न्यूनतम परिवार पेंशन की स्वीकृति तो पिछले वित्तीय वर्ष में कर दी गई, लेकिन वित्तीय वर्ष 2016-17 के बाद भी अवशेष धन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि अवशेष भुगतान के लिए कमीशन की मांग की जा रही है। वृद्ध महिला व पुरुष पेंशनरों का आर्थिक व मानसिक शोषण किया जा रहा है। ज्ञापन में उक्त प्रकरण की जांच के साथ पूर्व में प्रेषित बिंदुवार प्रकरणों की जांच कर कार्रवाई कराने की मांग की गई। धरना देने वालों में जिलाध्यक्ष व मंत्री के अलावा जिला कोषाध्यक्ष पवन कुमार सिन्हा, ब्लाक अध्यक्ष रामाधार पांडेय, बाबूराम गंगवार, सूरजपाल सिंह, संतोष गंगवार, ब्लाक मंत्री चंद्रमोहन गंगवार, उमेश मिश्रा, भूविंद्रवीर, सत्येंद्रप्रताप, गोविंदपाल सिंह, पंकज गंगवार, अनवर खां, ब्रहमदेव तिवारी, अरविंद गंगवार, प्रफुल्ल दीक्षित, विशाल सक्सेना, अवश्री गंगवार, अनुराग गंगवार, देवेंद्रपाल, शमशुल हसन, विद्या गंगवार, बिंदु गंगवार, ममता गंगवार, गायत्री गंगवार, शालिनी सक्सेना, जया गंगवार समेत जिले के कई शिक्षक शामिल रहे। मालूम हो कि दस जून को वेतन को लेकर शिक्षक नेताओं व मुख्य कोषाधिकारी के बीच नोकझोंक के साथ विवाद हो गया था। जिसको लेकर कोषागार कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। उस दौरान शिक्षक नेताओं ने भी सीटीओ के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी।
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