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सवा दो लाख किसानों के मोबाइल पर कृषि विभाग भेजेगा मैसेज
Mon, 31 Dec 2018 08:51 PM IST
zaidi saba
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Published by: zaidi saba
Updated Mon, 31 Dec 2018 08:51 PM IST
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पंजीकृत किसानों को खेती की नई तकनीक की जानकारी देने के लिए शुरू हुई पहल
पीलीभीत। कृषि विभाग ने किसानों को खेती की नई तकनीक की जानकारी देने के लिए नई पहल शुरू की है। विभाग में पंजीकृत किसानों को ऑनलाइन करने के साथ ही उनके मोबाइल पर मेसेज भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिले के दो लाख से अधिक पंजीकृत किसानों के मोबाइल पर मेसेज भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि किसान खेती की हर सूचना से अपडेट रहें, इसके लिए उनके मोबाइल नंबर को राज्य सरकार के वेबसाइट से जोड़ा गया है। कुछ ऐसे किसान हैं, जिनका नंबर पंजीकृत नहीं है। उनके मोबाइल नंबरों को भी पंजीकृत किया जा रहा है। इसकी मॉनीटरिंग कृषि विभाग कर रहा है। उन्होंने बताया कि नियमित मौसमी खेती से जुड़ी जानकारियां किसानों को मेसेज के जरिये प्राप्त होती रहेंगी। इस पहल से किसानों में नई तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। न्याय पंचायत स्तर पर खुले सूचना तकनीक केंद्र पर कोई भी किसान अपनी समस्या का निवारण करा सकता है। जिले में 2.22 लाख किसान कृषि विभाग में पंजीकृत हैं, इनमें 2.17 लाख किसानों के मोबाइल पर मेसेज भेजे जा रहे हैं। शेष पांच हजार किसानों के मोबाइल नंबर जोड़े जा रहे हैं। किसान समस्या का समाधान नहीं होने पर जिला मुख्यालय पर बैठे अधिकारियों के समक्ष भी ऑफलाइन शिकायत कर सकते हैं।
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पीलीभीत। कृषि विभाग ने किसानों को खेती की नई तकनीक की जानकारी देने के लिए नई पहल शुरू की है। विभाग में पंजीकृत किसानों को ऑनलाइन करने के साथ ही उनके मोबाइल पर मेसेज भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिले के दो लाख से अधिक पंजीकृत किसानों के मोबाइल पर मेसेज भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि किसान खेती की हर सूचना से अपडेट रहें, इसके लिए उनके मोबाइल नंबर को राज्य सरकार के वेबसाइट से जोड़ा गया है। कुछ ऐसे किसान हैं, जिनका नंबर पंजीकृत नहीं है। उनके मोबाइल नंबरों को भी पंजीकृत किया जा रहा है। इसकी मॉनीटरिंग कृषि विभाग कर रहा है। उन्होंने बताया कि नियमित मौसमी खेती से जुड़ी जानकारियां किसानों को मेसेज के जरिये प्राप्त होती रहेंगी। इस पहल से किसानों में नई तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। न्याय पंचायत स्तर पर खुले सूचना तकनीक केंद्र पर कोई भी किसान अपनी समस्या का निवारण करा सकता है। जिले में 2.22 लाख किसान कृषि विभाग में पंजीकृत हैं, इनमें 2.17 लाख किसानों के मोबाइल पर मेसेज भेजे जा रहे हैं। शेष पांच हजार किसानों के मोबाइल नंबर जोड़े जा रहे हैं। किसान समस्या का समाधान नहीं होने पर जिला मुख्यालय पर बैठे अधिकारियों के समक्ष भी ऑफलाइन शिकायत कर सकते हैं।
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