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'प.एशिया में 23 भारतीयों की मौत': विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस; ओमान हमले और नेपाल हादसे पर क्या बताया?
Tue, 03 Nov 2026 04:56 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 03 Nov 2026 04:56 PM IST
सार
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को पुष्टि की कि पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में संघर्ष के दौरान 28 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, जबकि दो अब भी लापता हैं। मंत्रालय ने ओमान के तट पर जहाज पर हमले, नेपाल में हेलीकॉप्टर हादसे और रूस में फंसे भारतीयों को लेकर भी जानकारी दी। उज्बेकिस्तान में भारतीय पढ़ने जाने वाले छात्रों पर क्या कहा? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
विस्तार
नई दिल्ली में मंगलवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उज्बेकिस्तान में भारतीय छात्रों की शिक्षा और पश्चिम एशिया के हालात समेत कई अहम विषयों पर जानकारी की। जायसवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर हम लगातार नजर बनाए हुए हैं और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर करीब से ध्यान दे रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान भारत के 23 नागरिकों की मौत हुई है। इनमें 15 भारतीय नाविक थे। वहीं, काला सागर क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों में पांच भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। दो भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं।
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ओमान के तट के पास एक व्यावसायिक जहाज पर हमला हुआ था। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, उस जहाज पर भारतीय चालक दल के14 सदस्य थे। दुर्भाग्य से उनमें से एक की मौत हो गई है। अब हम वहां मौजूद 13 भारतीय नागरिकों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया सुनिश्चित कर रहे हैं। हम इस पर भी काम कर रहे हैं कि भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को भारत वापस कैसे लाया जा सके।
ये भी पढ़ें: दिल्ली रक्षा संवाद: 'पारंपरिक और गैर-पारंपरिक युद्ध के बीच अंतर तेजी से धुंधला हो रहा'; राजनाथ सिंह क्या बोले?
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, मुझे कहना चाहिए कि हम ओमान के अधिकारियों को उनकी तत्काल कार्रवाई के लिए धन्यवाद देते हैं। हम एक बार फिर सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाएं, ताकि इस क्षेत्र में जल्द शांति लौट सके। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र और समुद्री मार्गों से जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल होनी चाहिए और इसकी गारंटी दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम अब भी सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर चलने की अपील करते हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस आ सके। जैसा कि आप जानते हैं, इस संघर्ष की वजह से बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, सिर्फ उस क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में। इसका असर वैश्विक स्तर पर खाद्य पदार्थों, ईंधन, उर्वरक और वित्तीय गतिविधियों पर भी पड़ा है। हम सभी पक्षों से लड़ाई-झगड़ा बंद करने और शत्रुता समाप्त करने की अपील करते हैं ताकि हालात सामान्य हो सकें।
रूस में मौजूद भारतीय नागरिकों की वापसी पर क्या कहा?
जायसवाल ने कहा, विदेश मंत्री ने जी-20 बैठक से इतर कई द्विपक्षीय बैठकें कीं। इनमें से एक बैठक रूस के विदेश मंत्री के साथ हुई। इस बैठक में उन्होंने यूरोप, मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों पर चर्चा की। जहां तक उन भारतीय नागरिकों की रिहाई का सवाल है, जो अभी भी रूसी पक्ष के पास हैं, जैसा कि मैंने आपको पहले बताया था, यह ऐसा मुद्दा है जिसे हम अलग-अलग स्तरों पर रूसी पक्ष के सामने लगातार उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा, जहां तक शांति स्थापित करने में भारत की भूमिका या विचारों का सवाल है, मैं पहले भी हमारे विचारों के बारे में बता चुका हूं। हमने अपने सुझाव यूक्रेन और रूस, दोनों पक्षों के साथ साझा किए हैं। आपने राष्ट्रपति पुतिन की टिप्पणियां भी देखी हैं और यूक्रेन के विदेश मंत्री की प्रतिक्रियाएं भी सुनी हैं।
प्रवक्ता ने कहा, 'पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर हम लगातार नजर बनाए हुए हैं और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर करीबी ध्यान दे रहे हैं। हम अब भी सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर चलने की अपील करते हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस आ सके। जैसा कि आप जानते हैं, इस संघर्ष की वजह से बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, सिर्फ उस क्षेत्र में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में। इसका असर वैश्विक स्तर पर खाद्य पदार्थों, ईंधन, उर्वरक और वित्तीय गतिविधियों पर भी पड़ा है। हम सभी पक्षों से लड़ाई-झगड़ा बंद करने और शत्रुता समाप्त करने की अपील करते हैं ताकि हालात सामान्य हो सकें'।
नेपाल में हेलीकॉप्टर हादसे पर क्या कहा?
नेपाल में दो हेलीकॉप्टरों के आपस में टकराने के मामले पर रणधीर जायसवाल ने कहा, हमने इस घटना की खबरें और कुछ तस्वीरें भी देखी हैं। इसमें दो हेलीकॉप्टर शामिल थे। इस हादसे में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है। हमारे दूतावास ने इसकी पुष्टि की है और शोक जताया है। हम जल्द से जल्द शव को भारत वापस लाने की कोशिश करेंगे।
छात्रों से जुड़े मुद्दों पर क्या कहा?
भारतीय छात्रों से जुड़े मुद्दे पर बात करते हुए जायसवाल ने कहा कि हम लगातार उज्बेकिस्तान की सरकार और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं। आपने ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास की ओर से जारी की गई कुछ एडवाइजरी देखी होगी। इसके अलावा, नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने भी कुछ दिशानिर्देश और सलाह जारी की हैं। ये सिर्फ उज्बेकिस्तान ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों में पढ़ाई करने की योजना बना रहे छात्रों के लिए भी हैं। मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि इन एडवाइजरी को जरूर पढ़ें।
उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि सरकार इस बात को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि जो भारतीय छात्र उज्बेकिस्तान में पढ़ाई करने, खासकर मेडिकल शिक्षा हासिल करने जा रहे हैं, उन्हें अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। मेडिकल शिक्षा का स्तर ऐसा होना चाहिए जो भारत के नेशनल मेडिकल कमीशन द्वारा तय नियमों और मानकों के अनुरूप हो।
यूरोप में जारी विरोध प्रदर्शनों और अशांति पर बात करते हुए एमईए प्रवक्ता ने कहा कि आपने देखा होगा कि हमारे दूतावासों ने फ्रांस और इटली में एडवाइजरी जारी की है। बेल्जियम के बारे में मुझे अभी पूरी तरह से जानकारी नहीं है। हमने वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों और छात्रों को सलाह दी है कि वे हमारी एडवाइजरी और स्थानीय सरकारों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
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विदेश मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान भारत के 23 नागरिकों की मौत हुई है। इनमें 15 भारतीय नाविक थे। वहीं, काला सागर क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों में पांच भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। दो भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं।
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ओमान के तट के पास एक व्यावसायिक जहाज पर हमला हुआ था। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, उस जहाज पर भारतीय चालक दल के14 सदस्य थे। दुर्भाग्य से उनमें से एक की मौत हो गई है। अब हम वहां मौजूद 13 भारतीय नागरिकों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया सुनिश्चित कर रहे हैं। हम इस पर भी काम कर रहे हैं कि भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को भारत वापस कैसे लाया जा सके।
ये भी पढ़ें: दिल्ली रक्षा संवाद: 'पारंपरिक और गैर-पारंपरिक युद्ध के बीच अंतर तेजी से धुंधला हो रहा'; राजनाथ सिंह क्या बोले?
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, मुझे कहना चाहिए कि हम ओमान के अधिकारियों को उनकी तत्काल कार्रवाई के लिए धन्यवाद देते हैं। हम एक बार फिर सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाएं, ताकि इस क्षेत्र में जल्द शांति लौट सके। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र और समुद्री मार्गों से जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल होनी चाहिए और इसकी गारंटी दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम अब भी सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर चलने की अपील करते हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस आ सके। जैसा कि आप जानते हैं, इस संघर्ष की वजह से बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, सिर्फ उस क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में। इसका असर वैश्विक स्तर पर खाद्य पदार्थों, ईंधन, उर्वरक और वित्तीय गतिविधियों पर भी पड़ा है। हम सभी पक्षों से लड़ाई-झगड़ा बंद करने और शत्रुता समाप्त करने की अपील करते हैं ताकि हालात सामान्य हो सकें।
रूस में मौजूद भारतीय नागरिकों की वापसी पर क्या कहा?
जायसवाल ने कहा, विदेश मंत्री ने जी-20 बैठक से इतर कई द्विपक्षीय बैठकें कीं। इनमें से एक बैठक रूस के विदेश मंत्री के साथ हुई। इस बैठक में उन्होंने यूरोप, मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों पर चर्चा की। जहां तक उन भारतीय नागरिकों की रिहाई का सवाल है, जो अभी भी रूसी पक्ष के पास हैं, जैसा कि मैंने आपको पहले बताया था, यह ऐसा मुद्दा है जिसे हम अलग-अलग स्तरों पर रूसी पक्ष के सामने लगातार उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा, जहां तक शांति स्थापित करने में भारत की भूमिका या विचारों का सवाल है, मैं पहले भी हमारे विचारों के बारे में बता चुका हूं। हमने अपने सुझाव यूक्रेन और रूस, दोनों पक्षों के साथ साझा किए हैं। आपने राष्ट्रपति पुतिन की टिप्पणियां भी देखी हैं और यूक्रेन के विदेश मंत्री की प्रतिक्रियाएं भी सुनी हैं।
प्रवक्ता ने कहा, 'पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर हम लगातार नजर बनाए हुए हैं और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर करीबी ध्यान दे रहे हैं। हम अब भी सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर चलने की अपील करते हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस आ सके। जैसा कि आप जानते हैं, इस संघर्ष की वजह से बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, सिर्फ उस क्षेत्र में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में। इसका असर वैश्विक स्तर पर खाद्य पदार्थों, ईंधन, उर्वरक और वित्तीय गतिविधियों पर भी पड़ा है। हम सभी पक्षों से लड़ाई-झगड़ा बंद करने और शत्रुता समाप्त करने की अपील करते हैं ताकि हालात सामान्य हो सकें'।
नेपाल में हेलीकॉप्टर हादसे पर क्या कहा?
नेपाल में दो हेलीकॉप्टरों के आपस में टकराने के मामले पर रणधीर जायसवाल ने कहा, हमने इस घटना की खबरें और कुछ तस्वीरें भी देखी हैं। इसमें दो हेलीकॉप्टर शामिल थे। इस हादसे में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है। हमारे दूतावास ने इसकी पुष्टि की है और शोक जताया है। हम जल्द से जल्द शव को भारत वापस लाने की कोशिश करेंगे।
छात्रों से जुड़े मुद्दों पर क्या कहा?
भारतीय छात्रों से जुड़े मुद्दे पर बात करते हुए जायसवाल ने कहा कि हम लगातार उज्बेकिस्तान की सरकार और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं। आपने ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास की ओर से जारी की गई कुछ एडवाइजरी देखी होगी। इसके अलावा, नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने भी कुछ दिशानिर्देश और सलाह जारी की हैं। ये सिर्फ उज्बेकिस्तान ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों में पढ़ाई करने की योजना बना रहे छात्रों के लिए भी हैं। मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि इन एडवाइजरी को जरूर पढ़ें।
उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि सरकार इस बात को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि जो भारतीय छात्र उज्बेकिस्तान में पढ़ाई करने, खासकर मेडिकल शिक्षा हासिल करने जा रहे हैं, उन्हें अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। मेडिकल शिक्षा का स्तर ऐसा होना चाहिए जो भारत के नेशनल मेडिकल कमीशन द्वारा तय नियमों और मानकों के अनुरूप हो।
यूरोप में जारी विरोध प्रदर्शनों और अशांति पर बात करते हुए एमईए प्रवक्ता ने कहा कि आपने देखा होगा कि हमारे दूतावासों ने फ्रांस और इटली में एडवाइजरी जारी की है। बेल्जियम के बारे में मुझे अभी पूरी तरह से जानकारी नहीं है। हमने वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों और छात्रों को सलाह दी है कि वे हमारी एडवाइजरी और स्थानीय सरकारों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।