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नवरात्रो के बाद मां दुर्गे की मूर्तियो को सूखे राजवाहे मे ही करना पडा विसर्जित
Updated Sun, 01 Oct 2017 01:23 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)
दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन की प्रशासन की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं करने पर भक्तों ने विवश होकर सूखे मीतली रजबाहे में मूर्ति का विसर्जित कर किया। इससे श्रद्धालुओं में जिला प्रशासन के प्रति आक्रोश है।
नगर के श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। नगर के समीप स्थित मीतली रजबाहे में पहले से ही नवरात्र के चलते दशमी पर मां दुर्गे की मूर्तियां भक्तों द्वारा विसर्जित की जाती रही है। साथ ही अनेक लोग तालाबों में भी मूर्तियों को विसर्जित करते है, वर्तमान समय में तालाबों के साथ ही रजबाहे में भी पानी नहीं है। कई साल से रजबाहे में पानी नहीं छोड़ने के कारण परेशान लोगों को सूखे रजबाहे में ही मूर्तियां विसर्जित करनी पड़ रही है। शनिवार को भी मजबूूरी में भक्तों को मां दुर्गे की मूर्तियां सूखे रजबाहे में ही विसर्जित करनी पड़ी। रजनीश, संजीव, सुमित, रोहित, संदीप, सुनील, विकास आदि भक्तों ने अधिकारियों से मां दुर्गे की मूर्तियों को रजबाहे से उठाकर यमुना में विसर्जित कराने की मांग की।
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दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन की प्रशासन की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं करने पर भक्तों ने विवश होकर सूखे मीतली रजबाहे में मूर्ति का विसर्जित कर किया। इससे श्रद्धालुओं में जिला प्रशासन के प्रति आक्रोश है।
नगर के श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। नगर के समीप स्थित मीतली रजबाहे में पहले से ही नवरात्र के चलते दशमी पर मां दुर्गे की मूर्तियां भक्तों द्वारा विसर्जित की जाती रही है। साथ ही अनेक लोग तालाबों में भी मूर्तियों को विसर्जित करते है, वर्तमान समय में तालाबों के साथ ही रजबाहे में भी पानी नहीं है। कई साल से रजबाहे में पानी नहीं छोड़ने के कारण परेशान लोगों को सूखे रजबाहे में ही मूर्तियां विसर्जित करनी पड़ रही है। शनिवार को भी मजबूूरी में भक्तों को मां दुर्गे की मूर्तियां सूखे रजबाहे में ही विसर्जित करनी पड़ी। रजनीश, संजीव, सुमित, रोहित, संदीप, सुनील, विकास आदि भक्तों ने अधिकारियों से मां दुर्गे की मूर्तियों को रजबाहे से उठाकर यमुना में विसर्जित कराने की मांग की।
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