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आयुष मेले के अंतिम दिन 800 मरीजों का हुआ इलाज
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Fri, 02 Feb 2018 06:50 PM IST
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ललित हरि राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय और चिकित्सालय के तत्वावधान में चल रहे दो दिवसीय आयुष मेले के अंतिम दिन मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। डॉक्टरों की टीमों द्वारा मरीजों का परीक्षण कर उन्हें परामर्श दिया गया। वहीं लोगों को आयुर्वेद विधा के बारे में जानकारी दी गई।
आयुर्वेदिक महाविद्यालय में गुरुवार से शुरू आयुष मेले का शुभारंभ राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार आयुष धर्म सिंह सैनी ने किया था। मेले के पहले दिन 900 से अधिक मरीजों का परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी गई थी।
इधर शुक्रवार सुबह से ही महाविद्यालय परिसर में लगे मेले में मरीजों और उनके तीमारदारों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ पूछताछ काउंटर भी लगाए गए। मरीजों की सुविधा को लेकर होम्योपैथी, पंचकर्म, स्वस्थ वृत, स्त्री एवं प्रसूता रोग, रोग एवं विकृति विज्ञान, काय चिकित्सा, द्रव्यगुण, रचना शरी विज्ञान, क्रिया शरीर विज्ञान समेत 14 विभागों द्वारा अलग-अलग स्टॉल लगाए गए। स्टॉलों में मौजूद चिकित्सकों की टीमों द्वारा मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श दिया गया। स्टालों के माध्यम से महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा आयुर्वेद के फायदे बताए गए। शाम करीब पांच बजे मेले का समापन हो गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रकाश चंद सक्सेना ने शुक्रवार को 800 मरीजों का परीक्षण हुआ। दो दिवसीय मेले कुल 1700 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श दिया गया। इस मौके पर डॉ. एचएस मिश्रा, डॉ. गुरमीत राम, डॉ. पीके चौधरी, प्रोफेसर केएन यादव, डॉ. आरबी यादव, फार्मेसी इंचार्ज नरेश गंगवार समेत चिकित्सालय के सभी शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।
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आयुर्वेदिक महाविद्यालय में गुरुवार से शुरू आयुष मेले का शुभारंभ राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार आयुष धर्म सिंह सैनी ने किया था। मेले के पहले दिन 900 से अधिक मरीजों का परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी गई थी।
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इधर शुक्रवार सुबह से ही महाविद्यालय परिसर में लगे मेले में मरीजों और उनके तीमारदारों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ पूछताछ काउंटर भी लगाए गए। मरीजों की सुविधा को लेकर होम्योपैथी, पंचकर्म, स्वस्थ वृत, स्त्री एवं प्रसूता रोग, रोग एवं विकृति विज्ञान, काय चिकित्सा, द्रव्यगुण, रचना शरी विज्ञान, क्रिया शरीर विज्ञान समेत 14 विभागों द्वारा अलग-अलग स्टॉल लगाए गए। स्टॉलों में मौजूद चिकित्सकों की टीमों द्वारा मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श दिया गया। स्टालों के माध्यम से महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा आयुर्वेद के फायदे बताए गए। शाम करीब पांच बजे मेले का समापन हो गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रकाश चंद सक्सेना ने शुक्रवार को 800 मरीजों का परीक्षण हुआ। दो दिवसीय मेले कुल 1700 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श दिया गया। इस मौके पर डॉ. एचएस मिश्रा, डॉ. गुरमीत राम, डॉ. पीके चौधरी, प्रोफेसर केएन यादव, डॉ. आरबी यादव, फार्मेसी इंचार्ज नरेश गंगवार समेत चिकित्सालय के सभी शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।
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