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एससीडीआई पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की रिपोर्ट
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:18 PM IST
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आय से अधिक संपत्ति होने पर फंसे एससीडीआई
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुई रिपोर्ट
आय से अधिक खर्च किए 29.14 लाख रुपये का नहीं दे सके जवाब
तीन साल पहले हुई गोपनीय शिकायत पर उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान बरेली की टीम कर रही थी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। आय से अधिक संपत्ति को लेकर तीन साल पहले की गई गोपनीय शिकायत जांच में सही पाए जाने पर अब ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक नंदलाल के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा गया है। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान बरेली के निरीक्षक अमर सिंह से मिली तहरीर पर सुनगढ़ी पुलिस ने बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस को दी गई तहरीर में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान बरेली के निरीक्षक अमर सिंह ने बताया कि 2015 में एक गोपनीय शिकायत की गई थी। इसमें बल्लभ नगर कॉलोनी निवासी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक नंदलाल पर आय से अधिक संपत्ति होने के आरोप लगाए गए थे। इसकी जांच शासन से बरेली कार्यालय से कराए जाने के निर्देश हुए। जिसके बाद से पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी नंदलाल ने लोक सेवक के रुप में कार्य करते हुए 56 लाख 74 हजार 327 रुपये कमाए। इसी अवधि में उनके द्वारा किया गया खर्च 85 लाख 88 हजार 841 रुपये निकला। आय से अधिक खर्च किए गए 29 लाख 14 हजार 514 रुपये का वह जांच अधिकारियों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। ऐसे में वह कराई गई जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। उन पर गोपनीय शिकायत में लगाए गए आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए। इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी गई। शासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिसका पालन करते हुए बृहस्पतिवार को टीम के साथ पहुंचकर निरीक्षक अमर सिंह ने मामले की तहरीर सुनगढ़ी पुलिस को दी। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि मामले में दी गई तहरीर के आधार पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक नंदलाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुई रिपोर्ट
आय से अधिक खर्च किए 29.14 लाख रुपये का नहीं दे सके जवाब
तीन साल पहले हुई गोपनीय शिकायत पर उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान बरेली की टीम कर रही थी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। आय से अधिक संपत्ति को लेकर तीन साल पहले की गई गोपनीय शिकायत जांच में सही पाए जाने पर अब ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक नंदलाल के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा गया है। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान बरेली के निरीक्षक अमर सिंह से मिली तहरीर पर सुनगढ़ी पुलिस ने बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस को दी गई तहरीर में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान बरेली के निरीक्षक अमर सिंह ने बताया कि 2015 में एक गोपनीय शिकायत की गई थी। इसमें बल्लभ नगर कॉलोनी निवासी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक नंदलाल पर आय से अधिक संपत्ति होने के आरोप लगाए गए थे। इसकी जांच शासन से बरेली कार्यालय से कराए जाने के निर्देश हुए। जिसके बाद से पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी नंदलाल ने लोक सेवक के रुप में कार्य करते हुए 56 लाख 74 हजार 327 रुपये कमाए। इसी अवधि में उनके द्वारा किया गया खर्च 85 लाख 88 हजार 841 रुपये निकला। आय से अधिक खर्च किए गए 29 लाख 14 हजार 514 रुपये का वह जांच अधिकारियों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। ऐसे में वह कराई गई जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। उन पर गोपनीय शिकायत में लगाए गए आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए। इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी गई। शासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिसका पालन करते हुए बृहस्पतिवार को टीम के साथ पहुंचकर निरीक्षक अमर सिंह ने मामले की तहरीर सुनगढ़ी पुलिस को दी। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि मामले में दी गई तहरीर के आधार पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक नंदलाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
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