फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   तीन गांव के 450 किसानों के गन्ना सप्लाई सट्टे किए बंद

तीन गांव के 450 किसानों के गन्ना सप्लाई सट्टे किए बंद

Tue, 30 Oct 2018 06:48 PM IST
Updated Tue, 30 Oct 2018 06:48 PM IST
विज्ञापन
तीन गांव के 450 किसानों के गन्ना सप्लाई सट्टे किए बंद
तीन गांव के 450 किसानों के गन्ना सप्लाई सट्टे किए बंद
विज्ञापन


अब तक भूमि पर कब्जा के आधार पर चल रहा था सट्टा

अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। भूमि पर मालिकाना हक न मिलने पर चंदिया हजारा, राहुलनगर, खिरकिया बरगदिया के साढ़े चार सौ गन्ना किसानों के सट्टे बंद कर दिए गए। अब तक उक्त गन्ना किसानों के सट्टे भूमि पर कब्जे के आधार पर संचालित हो रहे थे। गन्ना सप्लाई सट्टा बंद होने पर गन्ना सप्लाई चीनी मिलों को कैसे होगा, को लेकर किसान असमंजस में है।
गन्ना सप्लाई को किसान के नाम राजस्व अभिलेखों में भूमि जरूरी है। इसके लिए किसानों से घोषणा पत्र भरवाएं जा रहे हैं। घोषण पत्र के साथ राजस्व अभिलेख भी लगाना जरूरी है। अब वे किसान ही चीनी मिलों का गन्ना सप्लाई कर सकेंगे, जिनके पास भूमि का मालिकाना हक है। पहले भूमि पर कब्जे के आधार गन्ना सप्लाई सट्टा बनता था। इस प्रक्रिया में बंगला देश से आए विस्थापित 450 गन्ना किसानों के सट्टा इस बार बंद कर दिए गए हैं। जिन विस्थापित किसानों के सट्टे बंद किए गए हैं, वे क्षेत्र के गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर और खिरकिया बरगदिया में रह रहे हैं। वरिष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सुनील कुमार शुक्ला ने बताया कि चंदिया हजारा में सवा चार सौ किसानों को पुनर्वासन योजना के तहत भूमि का आवंटन किया गया था। इसमें से 167 किसान जीवित हैं। जिन किसानों की मृत्यु हो गई, उन किसानों के उत्तराधिकारियों के नाम भूमि अभिलेखों में नहीं आ सकी है। जीवित और वैद्य वारिस को छोड़कर क्षेत्र के 450 किसानों के सट्टा बंद किए गए है। अब भूमि पर मालिकाना हक वाले ही गन्ना सप्लाई सट्टा चला सकेंगे।
विज्ञापन

000000
30 पीबीटीपी1
लोगों एवं भूमिहीन कल्याण समिति के माध्यम से दो एकड़ भूमि दी गई थी। भूमि का मालिकाना हक मेरे पास नहीं है। डेढ़ एकड़ भूमि पर गन्ना खड़ा है। पिछली बार गन्ना समिति के माध्यम से चीनी मिल को गन्ना सप्लाई किया गया था। इस बार सर्वे भी किया गया। अब कहा जा रहा है कि सप्लाई सट्टा बंद कर दिया गया है। अगर गन्ना सप्लाई सट्टा बंद करना था तब पहले बता देते। गन्ना की फसल नहीं करता।
विज्ञापन
विज्ञापन

राधेश्याम, राहुलनगर
000000
30 पीबीटीपी 2
समिति की भूमि उसके पास भी है। दो एकड़ भूमि पर गन्ना खड़ा है। अब तक गन्ना समिति के माध्यम से चीनी मिलों को गन्ना सप्लाई करते थे। अब सट्टा बंद करने की जानकारी दी जा रही है। यह धोखा है।
रामकुमार, राहुलनगर
000000
30 पीबीटीपी 3
पुनर्वासन की तीन एकड़ भूमि मेरे पास है। भूमि पर पिछली बार गन्ना बोया था। इस बार भी गन्ना है। पिछली बार गन्ना को पूरनपुर चीनी मिल को सप्लाई किया गया था। अगर सट्टा बंद हो गया। तब औने-पौने दामों में गन्ना की बिक्री करना होगा। सट्टा बंद होने के विरोध में एकजुट होकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

सुखदेव मंडल, चंदिया हजारा
00000
30 पीबीटीपी 4
बंगाल से विस्थापित होकर आने पर तीन एकड़ भूमि मिली थी। भूमि पर गन्ना की फसल है। गन्ना सप्लाई सट्टा अब तक उनकी मां के नाम चलता था। गन्ना सप्लाई भी चीनी मिल को करते थे। अब सट्टा बंद होने पर फसल औने-पौने दामों में बिक्री करनी होगी। ऐसे में फसल की लागत भी नहीं निकल पाएगी।
परितोष, चंदिया हजारा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed