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बिरहनी गांव में मिले बाघ के पगचिन्ह
Updated Wed, 20 Jun 2018 12:13 AM IST
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अब बिरहनी गांव में मिले बाघ के पगचिह्न
19 पीबीटीपी 26
अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया। तहसील क्षेत्र में कई साल से विचरण कर रहे बाघों का समाधान वन महकमा नहीं निकाल सका है। एक बार फिर बाघ ने अपनी मौजूदगी का अहसास कराकर ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया। बिरहनी गांव में खेत में पगचिह्न मिलने की सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने पड़ताल की। जिसके बाद ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है।
तहसील क्षेत्र के गांव बिरहनी निवासी जिंदरपाल सिंह खेती करते हैं। मंगलवार सुबह वह मजदूरों के साथ अपने खेत पर धान लगाने के लिए पहुंचे। इस बीच उनको खेत पर बाघ के पगचिह्न दिखाई दिए। यह देखकर किसान घबरा गए। बाघ की मौजूदगी का अहसास होते ही सभी खेत से कुछ दूर आकर खड़े हो गए। शोर पर गांव के कई लोग जमा हुए। जिसके बाद सूचना वन विभाग को दी गई। इस पर वन दरोगा महेंद्र पाल, अंकित कुमार और चेतन कुमार मौके पर पहुंचे। खेत स्वामी से पूरे मामले की जानकारी की गई। पगचिह्न को वनकर्मियों ने ट्रेस किया। वन दरोगा महेंद्र पाल ने बताया कि पगचिह्न बाघ के ही है। गांव के लोगों को बाघ की मौजूदगी के बारे में अलर्ट कर दिया है। यह बताया गया है कि अकेले खेतों पर न जाएं।
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अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया। तहसील क्षेत्र में कई साल से विचरण कर रहे बाघों का समाधान वन महकमा नहीं निकाल सका है। एक बार फिर बाघ ने अपनी मौजूदगी का अहसास कराकर ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया। बिरहनी गांव में खेत में पगचिह्न मिलने की सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने पड़ताल की। जिसके बाद ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है।
तहसील क्षेत्र के गांव बिरहनी निवासी जिंदरपाल सिंह खेती करते हैं। मंगलवार सुबह वह मजदूरों के साथ अपने खेत पर धान लगाने के लिए पहुंचे। इस बीच उनको खेत पर बाघ के पगचिह्न दिखाई दिए। यह देखकर किसान घबरा गए। बाघ की मौजूदगी का अहसास होते ही सभी खेत से कुछ दूर आकर खड़े हो गए। शोर पर गांव के कई लोग जमा हुए। जिसके बाद सूचना वन विभाग को दी गई। इस पर वन दरोगा महेंद्र पाल, अंकित कुमार और चेतन कुमार मौके पर पहुंचे। खेत स्वामी से पूरे मामले की जानकारी की गई। पगचिह्न को वनकर्मियों ने ट्रेस किया। वन दरोगा महेंद्र पाल ने बताया कि पगचिह्न बाघ के ही है। गांव के लोगों को बाघ की मौजूदगी के बारे में अलर्ट कर दिया है। यह बताया गया है कि अकेले खेतों पर न जाएं।
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