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सर्पदंश से बरेली में बीसलपुर की तीन महिलाओं की मौत, कोहराम
Updated Wed, 05 Jul 2017 06:59 PM IST
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बीसलपुर (पीलीभीत)। नामकरण संस्कार में बरेली रिश्तेदारी में गईं नगर के मोहल्ला दुर्गाप्रसाद की तीन महिलाओं की मंगलवार शाम सर्प दंश से मौत हो गई। मरने वालों में सास-बहू और बेटी शामिल हैं। इसका पता लगने पर यहां घर मेें कोहराम मच गया है।
मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी रामभरोसे कश्यप ने बताया है कि उनकी पुत्री बेबी का विवाह बरेली के गांव अहिरोला निवासी अमर सिंह से हुआ था। तीन जुलाई को बेबी के बेटे का नामकरण संस्कार था। इसमें शामिल होने को राम भरोसे की पत्नी 50 वर्षीय आशा और मां 71 वर्षीय शांति देवी अहरोला गई थीं। जहां कार्यक्रम निपटने के बाद रात को तीनों महिलाएं मकान के एक कमरे में जमीन पर सो गई। रात लगभग तीन बजे तीनों महिलाओं को एक काले सर्प ने डस लिया। सर्प के डसने पर तीनों महिलाएं जाग गईं और सर्प को देखकर चिल्लाने लगीं। उनकी चीख सुनकर जागे घर के लोग दौड़कर कमरे में पहुंच गए। भीड़ देखकर सर्प भाग गया। कुछ ही देर में तीनों महिलाएं बेहोश हो गईं। घरवाले महिलाओं का उपचार कराने के बजाय झाड़फूंक कराने लगे। इलाज न होने से मंगलवार देर शाम तीनों महिलाओं की मौत हो गई। घरवाले आशा और शांति का शव बीसलपुर ले आए। जबकि बेबी का अहिरोला में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। बुधवार सुबह आशा और शांति देवी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बेबी के पास उसका नवजात बेटा भी लेटा था, जो सांप का शिकार होने से बच गया। इस घटना का पता लगने पर भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने रामभरोसे के घर पहुंचकर शोक संवेदना जताई। विधायक ने तहसीलदार विवेक मिश्रा से मृतकों के घर वालों को आर्थिक सहायता देने को कहा। तहसीलदार ने घटना दूसरे जिले की होने की कहकर आर्थिक सहायता देने से हाथ खड़े कर दिए।
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मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी रामभरोसे कश्यप ने बताया है कि उनकी पुत्री बेबी का विवाह बरेली के गांव अहिरोला निवासी अमर सिंह से हुआ था। तीन जुलाई को बेबी के बेटे का नामकरण संस्कार था। इसमें शामिल होने को राम भरोसे की पत्नी 50 वर्षीय आशा और मां 71 वर्षीय शांति देवी अहरोला गई थीं। जहां कार्यक्रम निपटने के बाद रात को तीनों महिलाएं मकान के एक कमरे में जमीन पर सो गई। रात लगभग तीन बजे तीनों महिलाओं को एक काले सर्प ने डस लिया। सर्प के डसने पर तीनों महिलाएं जाग गईं और सर्प को देखकर चिल्लाने लगीं। उनकी चीख सुनकर जागे घर के लोग दौड़कर कमरे में पहुंच गए। भीड़ देखकर सर्प भाग गया। कुछ ही देर में तीनों महिलाएं बेहोश हो गईं। घरवाले महिलाओं का उपचार कराने के बजाय झाड़फूंक कराने लगे। इलाज न होने से मंगलवार देर शाम तीनों महिलाओं की मौत हो गई। घरवाले आशा और शांति का शव बीसलपुर ले आए। जबकि बेबी का अहिरोला में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। बुधवार सुबह आशा और शांति देवी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बेबी के पास उसका नवजात बेटा भी लेटा था, जो सांप का शिकार होने से बच गया। इस घटना का पता लगने पर भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने रामभरोसे के घर पहुंचकर शोक संवेदना जताई। विधायक ने तहसीलदार विवेक मिश्रा से मृतकों के घर वालों को आर्थिक सहायता देने को कहा। तहसीलदार ने घटना दूसरे जिले की होने की कहकर आर्थिक सहायता देने से हाथ खड़े कर दिए।
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