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कांस्टेबिल, एसडब्ल्यूसी गोदाम इंचार्ज के खिलाफ हत्या, रंगदारी मांगने की रिपोर्ट
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:17 PM IST
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कांस्टेबिल, एसडब्ल्यूसी गोदाम इंचार्ज के खिलाफ हत्या, रंगदारी मांगने की रिपोर्ट
होटल में सहायक प्रबंधक का शव मिलने का मामला
पुलिस ने दो बिंदुओं पर शुरू की तफ्तीश
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। राज्य भंडारण निगम के सहायक प्रबंधक राधेश्याम शर्मा की होटल के कमरे में मिली लाश के मामले में कोतवाली पुलिस ने राधेश्याम के पुत्र की ओर से एसडब्ल्यूसी गोदाम के मैनेजर और कोतवाली में तैनात कांस्टेबिल के खिलाफ हत्या और रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। प्रथम दृष्ट्या पुलिस ने आत्महत्या होना मानकर जांच शुरू की है।
गांव रम्पुरा स्थित राज्य भंडारण निगम में सहायक प्रबंधक पद पर तैनात शाहजहांपुर के मोहल्ला गदियाना निवासी राधेश्याम का शव सोमवार शाम असम हाइवे स्थित एक होटल के कमरा नंबर 208 में प्लास्टिक की रस्सी से फंदा लगे दीवार से सटा मिला था। राधेश्याम सोमवार सुबह साढ़े छह बजे होटल में रुकने को पहुंचे थे। सोमवार शाम राधेश्याम के पुत्रों के पहुंचने पर कमरा खोला गया तो पुत्रों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। घंटों के प्रयास के बाद तहरीर के अनुसार कार्रवाई के आश्वासन पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। पुलिस ने राधेश्याम के पुत्र शाहजहांपुर के मोल्ला गदियाना निवासी अजय की ओर से रंपुरा भंडारण निगम के प्रबंधक पंकज वर्मा और कांस्टेबिल राहुल पांचाल के खिलाफ हत्या करने और रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज की है। अजय का आरोप है कि कांस्टेबिल उसके पिता से दस लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था। रुपये न देने पर बदनामी होने की धमकी दे रहा था। आरोप है कि रम्पुरा गोदाम से कई कट्टे चावल गायब कर दिया गया। प्रबंधक उसके पिता पर कार्रवाई की बात कह रहा था। आरोप है कि उसके पिता की पंकज वर्मा, राहुल पांचाल ने अपने साथियों की मदद से हत्या की है। इधर, पुलिस ने घटना को आत्महत्या मानकर जांच शुरू की है। कोतवाल ने एसडब्ल्यूसी रीजनल मैनेजर से वार्ता कर गोदाम का स्टाक चेक कराने का आग्रह किया है। नामजद आरोपियों की कॉलडिटेल निकवाने में पुलिस जुटी है। कोतवाल केशव कुमार तिवारी ने बताया कि जांच की जा रही है। शीघ्र ही घटना का खुलासा होगा। गोदाम की निगरानी को पुलिस को तैनात किया गया है। कांस्टेबिल राहुल पांचाल की प्रथम दृष्टया संलिप्ता मिलने पर उसके निलंबन की रिपोर्ट एसपी को भेजी गई है। गोदाम की निगरानी शुरू कर एसडब्ल्यूसी के रीजनल मैनेजर से गोदाम की जांच कराने की अपेक्षा की गई है।
महिला भेजकर फंसाया और वीडियो बना ली थी
एक युवक ने पुलिस अफसरों को दी जानकारी, गिरोह के चंगुल में फंस गए थे राधेश्याम
पुलिस के संरक्षण में हो रहे अपराध, महिलाएं सक्रिय, जांच हुई तो कई गर्दन फंसेेंगी
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। एसडब्ल्यूसी के सहायक प्रबंधक की हत्या हुई या उन्होंने आत्महत्या की हो। पुलिस तफ्तीश में इसका खुलासा होगा लेकिन घटना के बाद हुए हंगामे पर रंगदारी के मामले में समझौता कराने वाले युवक की ओर से पुलिस को जो जानकारी दी गई, उसमें कई चौंकाने वाले तथ्य हैं। अगर जानकारी को पुलिस गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच करें तब कई की गर्दन फंसने के साथ घटना का सही खुलासा हो सकेगा। पुलिस का तर्क है कि सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कर कार्रवाई होगी।
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सोमवार रात हंगामा के दौरान रंगदारी के मामले में समझौते के प्रयास में लगे रहे एक युवक ने मौके पर पहुंचकर घटना के बारे में सनसनीखेज जानकारी सीओ और कोतवाल को सार्वजनिक रूप से दी। इस दौरान राधेश्याम के तीन पुत्र और अन्य लोग भी मौजूद थे। पुलिस को बताया कि सहायक प्रबंधक से रामलीला मेला मैदान में रहने वाले एक युवक ने नोट बरसाने का झांसा देकर करीब एक लाख की ठगी की। सहायक प्रबंधक मोहल्ला जायसवाल कालोनी में एक किराए के घर में रहते थे। ठगी की जानकारी होने पर किराए के मकान में रहने वाले दो युवकों ने एक महिला और कांस्टेबिलों से मिलकर सहायक प्रबंधक से ब्लैकमेलिंग कर मोटी रकम ऐंठने की योजना बनाई। इसके तहत सहायक प्रबंधक के कमरे में उस महिला को भेजा गया। कुछ देर बाद महिला के चीखने पर पहले से ही घर में मौजूद कांस्टेबिल ने पहुंचकर आपत्तिजनक हालत की वीडियो बना ली। यहीं से खेल शुरू कर कांस्टेबिल ने दस लाख में समझौता लिखवा लिया। इसी रकम की मांग को लेकर सहायक प्रबंधक को बार-बार फोन कर प्रताड़ित किया जाता था। युवक ने बताया कि राधेश्याम ने पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था। जानकारी कांस्टेबिल ने राधेश्याम के पुत्रों को दी और मौके पर पहुंचकर राधेश्याम को समझाया था। कोतवाल केशव कुमार तिवारी ने बताया कि युवक की ओर से दी गई जानकारी पर निष्पक्षता से जांच की जाएगी।
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पुलिस संरक्षण में चल रहा पैसे वालों को फंसाने का धंधा
पूरनपुर। नगर की चार चर्चित महिलाएं धनाड्य लोगों को फंसाने के लिए उनकी वीडियो तैयार करने का खेल कर रही हैं। पिछले दिनों बदायूं में तैनात एक पुलिस अफसर भी एक महिला के बुलावे पर उसके घर पहुंचे थे। तब कोतवाली में तैनात एक कांस्टेबिल ने अपने को महिला का भाई बताते हुए खेल शुरू किया था। पुलिस अफसर की वीडियो भी बननी शुरू हुई थी। खैर तब हुई जब एक अन्य पुलिस कर्मी को इसकी भनक लगी और उसने उस अफसर को गलत जगह पहुंचने की जानकारी मोबाइल पर दी। तब अफसर एक जरूरी फोन आने का झांसा देकर कुछ देर बाद आने की बात कहकर निकल गए थे। इसके अलावा नोट दुगने करने के खेल में भी पुलिसकर्मी शामिल रहे हैं। इसमें सौदा पटने पर मौके पर पुलिसकर्मी पहुंचकर पकड़ लेते थे और फिर वसूली शुरू होती थी।
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दो दिन पहले कार्रवाई को महिला पहुंची थी कोतवाली
पूरनपुर। सहायक प्रबंधक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में जिस महिला का नाम चर्चा में है, उस महिला ने दो दिन पहले कोतवाली पहुंचकर कोतवाल से मुलाकात की थी। कोतवाल केशव कुमार तिवारी ने बताया कि एक महिला ने अपनी पारिवारिक समस्या बताने के साथ उसके साथ कुछ गलत होने की जानकारी दी। साथ ही यह भी कहा कि पुलिस को पक्के सबूत भी देगी। तब कोतवाल ने उससे लिखित शिकायत करने को कहा। कोतवाल ने बताया कि महिला इसके बाद लौटकर कोतवाली नहीं आई। उधर, चर्चा है कि मामले की शिकायत इससे पहले कोतवाली पुलिस से की गई थी लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगर पुलिस शिकायत को गंभीरता से लेती तब घटना टल सकती थी। हालांकि कोतवाल ने घटना की जानकारी पहले होने से इनकार किया है।
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एक कांस्टेबिल का नाम हटा
पूरनपुर। सोमवार रात हंगामे के दौरान राधेश्याम के पुत्र कांस्टेबिल राहुल पांचाल सहित दो कांस्टेबिलों पर आरोप लगा रहे थे। हालांकि बाद में एक कांस्टेबिल के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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होटल में सहायक प्रबंधक का शव मिलने का मामला
पुलिस ने दो बिंदुओं पर शुरू की तफ्तीश
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। राज्य भंडारण निगम के सहायक प्रबंधक राधेश्याम शर्मा की होटल के कमरे में मिली लाश के मामले में कोतवाली पुलिस ने राधेश्याम के पुत्र की ओर से एसडब्ल्यूसी गोदाम के मैनेजर और कोतवाली में तैनात कांस्टेबिल के खिलाफ हत्या और रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। प्रथम दृष्ट्या पुलिस ने आत्महत्या होना मानकर जांच शुरू की है।
गांव रम्पुरा स्थित राज्य भंडारण निगम में सहायक प्रबंधक पद पर तैनात शाहजहांपुर के मोहल्ला गदियाना निवासी राधेश्याम का शव सोमवार शाम असम हाइवे स्थित एक होटल के कमरा नंबर 208 में प्लास्टिक की रस्सी से फंदा लगे दीवार से सटा मिला था। राधेश्याम सोमवार सुबह साढ़े छह बजे होटल में रुकने को पहुंचे थे। सोमवार शाम राधेश्याम के पुत्रों के पहुंचने पर कमरा खोला गया तो पुत्रों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। घंटों के प्रयास के बाद तहरीर के अनुसार कार्रवाई के आश्वासन पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। पुलिस ने राधेश्याम के पुत्र शाहजहांपुर के मोल्ला गदियाना निवासी अजय की ओर से रंपुरा भंडारण निगम के प्रबंधक पंकज वर्मा और कांस्टेबिल राहुल पांचाल के खिलाफ हत्या करने और रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज की है। अजय का आरोप है कि कांस्टेबिल उसके पिता से दस लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था। रुपये न देने पर बदनामी होने की धमकी दे रहा था। आरोप है कि रम्पुरा गोदाम से कई कट्टे चावल गायब कर दिया गया। प्रबंधक उसके पिता पर कार्रवाई की बात कह रहा था। आरोप है कि उसके पिता की पंकज वर्मा, राहुल पांचाल ने अपने साथियों की मदद से हत्या की है। इधर, पुलिस ने घटना को आत्महत्या मानकर जांच शुरू की है। कोतवाल ने एसडब्ल्यूसी रीजनल मैनेजर से वार्ता कर गोदाम का स्टाक चेक कराने का आग्रह किया है। नामजद आरोपियों की कॉलडिटेल निकवाने में पुलिस जुटी है। कोतवाल केशव कुमार तिवारी ने बताया कि जांच की जा रही है। शीघ्र ही घटना का खुलासा होगा। गोदाम की निगरानी को पुलिस को तैनात किया गया है। कांस्टेबिल राहुल पांचाल की प्रथम दृष्टया संलिप्ता मिलने पर उसके निलंबन की रिपोर्ट एसपी को भेजी गई है। गोदाम की निगरानी शुरू कर एसडब्ल्यूसी के रीजनल मैनेजर से गोदाम की जांच कराने की अपेक्षा की गई है।
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एक युवक ने पुलिस अफसरों को दी जानकारी, गिरोह के चंगुल में फंस गए थे राधेश्याम
पुलिस के संरक्षण में हो रहे अपराध, महिलाएं सक्रिय, जांच हुई तो कई गर्दन फंसेेंगी
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। एसडब्ल्यूसी के सहायक प्रबंधक की हत्या हुई या उन्होंने आत्महत्या की हो। पुलिस तफ्तीश में इसका खुलासा होगा लेकिन घटना के बाद हुए हंगामे पर रंगदारी के मामले में समझौता कराने वाले युवक की ओर से पुलिस को जो जानकारी दी गई, उसमें कई चौंकाने वाले तथ्य हैं। अगर जानकारी को पुलिस गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच करें तब कई की गर्दन फंसने के साथ घटना का सही खुलासा हो सकेगा। पुलिस का तर्क है कि सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कर कार्रवाई होगी।
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सोमवार रात हंगामा के दौरान रंगदारी के मामले में समझौते के प्रयास में लगे रहे एक युवक ने मौके पर पहुंचकर घटना के बारे में सनसनीखेज जानकारी सीओ और कोतवाल को सार्वजनिक रूप से दी। इस दौरान राधेश्याम के तीन पुत्र और अन्य लोग भी मौजूद थे। पुलिस को बताया कि सहायक प्रबंधक से रामलीला मेला मैदान में रहने वाले एक युवक ने नोट बरसाने का झांसा देकर करीब एक लाख की ठगी की। सहायक प्रबंधक मोहल्ला जायसवाल कालोनी में एक किराए के घर में रहते थे। ठगी की जानकारी होने पर किराए के मकान में रहने वाले दो युवकों ने एक महिला और कांस्टेबिलों से मिलकर सहायक प्रबंधक से ब्लैकमेलिंग कर मोटी रकम ऐंठने की योजना बनाई। इसके तहत सहायक प्रबंधक के कमरे में उस महिला को भेजा गया। कुछ देर बाद महिला के चीखने पर पहले से ही घर में मौजूद कांस्टेबिल ने पहुंचकर आपत्तिजनक हालत की वीडियो बना ली। यहीं से खेल शुरू कर कांस्टेबिल ने दस लाख में समझौता लिखवा लिया। इसी रकम की मांग को लेकर सहायक प्रबंधक को बार-बार फोन कर प्रताड़ित किया जाता था। युवक ने बताया कि राधेश्याम ने पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था। जानकारी कांस्टेबिल ने राधेश्याम के पुत्रों को दी और मौके पर पहुंचकर राधेश्याम को समझाया था। कोतवाल केशव कुमार तिवारी ने बताया कि युवक की ओर से दी गई जानकारी पर निष्पक्षता से जांच की जाएगी।
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पुलिस संरक्षण में चल रहा पैसे वालों को फंसाने का धंधा
पूरनपुर। नगर की चार चर्चित महिलाएं धनाड्य लोगों को फंसाने के लिए उनकी वीडियो तैयार करने का खेल कर रही हैं। पिछले दिनों बदायूं में तैनात एक पुलिस अफसर भी एक महिला के बुलावे पर उसके घर पहुंचे थे। तब कोतवाली में तैनात एक कांस्टेबिल ने अपने को महिला का भाई बताते हुए खेल शुरू किया था। पुलिस अफसर की वीडियो भी बननी शुरू हुई थी। खैर तब हुई जब एक अन्य पुलिस कर्मी को इसकी भनक लगी और उसने उस अफसर को गलत जगह पहुंचने की जानकारी मोबाइल पर दी। तब अफसर एक जरूरी फोन आने का झांसा देकर कुछ देर बाद आने की बात कहकर निकल गए थे। इसके अलावा नोट दुगने करने के खेल में भी पुलिसकर्मी शामिल रहे हैं। इसमें सौदा पटने पर मौके पर पुलिसकर्मी पहुंचकर पकड़ लेते थे और फिर वसूली शुरू होती थी।
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दो दिन पहले कार्रवाई को महिला पहुंची थी कोतवाली
पूरनपुर। सहायक प्रबंधक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में जिस महिला का नाम चर्चा में है, उस महिला ने दो दिन पहले कोतवाली पहुंचकर कोतवाल से मुलाकात की थी। कोतवाल केशव कुमार तिवारी ने बताया कि एक महिला ने अपनी पारिवारिक समस्या बताने के साथ उसके साथ कुछ गलत होने की जानकारी दी। साथ ही यह भी कहा कि पुलिस को पक्के सबूत भी देगी। तब कोतवाल ने उससे लिखित शिकायत करने को कहा। कोतवाल ने बताया कि महिला इसके बाद लौटकर कोतवाली नहीं आई। उधर, चर्चा है कि मामले की शिकायत इससे पहले कोतवाली पुलिस से की गई थी लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगर पुलिस शिकायत को गंभीरता से लेती तब घटना टल सकती थी। हालांकि कोतवाल ने घटना की जानकारी पहले होने से इनकार किया है।
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एक कांस्टेबिल का नाम हटा
पूरनपुर। सोमवार रात हंगामे के दौरान राधेश्याम के पुत्र कांस्टेबिल राहुल पांचाल सहित दो कांस्टेबिलों पर आरोप लगा रहे थे। हालांकि बाद में एक कांस्टेबिल के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कराई गई।