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पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर हादसे को न्योता दे रहे आवारा पशु
Updated Wed, 29 Aug 2018 01:29 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
देश के सबसे तेज गति के पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर आवारा पशु दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। टोल टैक्स देकर भी वाहन चालकों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। इससे वाहन चालकों में सरकार के प्रति गुस्सा पनप रहा है।
देश का सबसे तेज गति का पेरिफेरल एक्सप्रेस वे खेकड़ा तहसील क्षेत्र से होकर गुजर रहा है। इससे गुजरने वाले वाहन टोल टैक्स तो भर रहे हैं, लेकिन अधिकृत अधिकारियों और कंपनियों ने वाहनों को भगवान भरोसे छोड़ रखा है। खेतों में घूमने वाले आवारा पशु सांड़ आदि इस एक्सप्रेस वे पर चढ़कर वाहनों की गति पर रोक ही नहीं लगा रहे है, बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। एक्सप्रेस वे पर आवारा जानवर आसानी से आ जाते हैं। इन्हें रोकने के लिए रेलिंग और जाल लगाए गए हैं, लेकिन कई जगह जाल खुले पडे़ हैं, कई जगहों पर रेलिंग टूटी हुई है। एक्सप्रेस वे के रख रखाव में हद दर्जे की लापरवाही की गई है।
बारिश में एक्सप्रेस वे की मरम्मत नहीं की गई। लिहाजा एक्सप्रेस वे के किनारों पर कटान के कारण गहरे गड्ढों में तब्दील हो रहे हैं। एक्सप्रेस वे में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है। नालियों में सिल्ट जमा है। इसे हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है।
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एक्सप्रेस वे से गुजरने वाले वाहन चालक अतुल, प्रवेश, अमित कुमार, संदीप, जितेंद्र, आलोक, विकास आदि का कहना है कि जब वह टोल देकर एक्सप्रेस वे से आते जाते हैं तो उनकी जान जोखिम में क्यों डाली जा रही है। एनएचएआई एक्सप्रेस वे पर आवारा सांड़, पशुओं पर रोक क्यों नहीं लगा पा रहा है। शायद सरकार और अधिकारियों को किसी बडे़ हादसे का इंतजार है। दूसरी तरफ एक्सप्रेस वे के टोल अधिकारी राहुल जिंदल का कहना है कि एक्सप्रेस वे पर मरम्मत कराई जा रही है। इसके लिए टीमें लगा दी गई हैं। फिलहाल मिट्टी का भराव किया जा रहा है। जल्द पत्थर व कंकरीट का प्रयोग किया जाएगा। यह कार्य बारिश के बाद होगा। आवारा पशुओं को रोकने के लिए रास्तों को रोका जाएगा
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देश के सबसे तेज गति के पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर आवारा पशु दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। टोल टैक्स देकर भी वाहन चालकों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। इससे वाहन चालकों में सरकार के प्रति गुस्सा पनप रहा है।
देश का सबसे तेज गति का पेरिफेरल एक्सप्रेस वे खेकड़ा तहसील क्षेत्र से होकर गुजर रहा है। इससे गुजरने वाले वाहन टोल टैक्स तो भर रहे हैं, लेकिन अधिकृत अधिकारियों और कंपनियों ने वाहनों को भगवान भरोसे छोड़ रखा है। खेतों में घूमने वाले आवारा पशु सांड़ आदि इस एक्सप्रेस वे पर चढ़कर वाहनों की गति पर रोक ही नहीं लगा रहे है, बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। एक्सप्रेस वे पर आवारा जानवर आसानी से आ जाते हैं। इन्हें रोकने के लिए रेलिंग और जाल लगाए गए हैं, लेकिन कई जगह जाल खुले पडे़ हैं, कई जगहों पर रेलिंग टूटी हुई है। एक्सप्रेस वे के रख रखाव में हद दर्जे की लापरवाही की गई है।
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बारिश में एक्सप्रेस वे की मरम्मत नहीं की गई। लिहाजा एक्सप्रेस वे के किनारों पर कटान के कारण गहरे गड्ढों में तब्दील हो रहे हैं। एक्सप्रेस वे में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है। नालियों में सिल्ट जमा है। इसे हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है।
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एक्सप्रेस वे से गुजरने वाले वाहन चालक अतुल, प्रवेश, अमित कुमार, संदीप, जितेंद्र, आलोक, विकास आदि का कहना है कि जब वह टोल देकर एक्सप्रेस वे से आते जाते हैं तो उनकी जान जोखिम में क्यों डाली जा रही है। एनएचएआई एक्सप्रेस वे पर आवारा सांड़, पशुओं पर रोक क्यों नहीं लगा पा रहा है। शायद सरकार और अधिकारियों को किसी बडे़ हादसे का इंतजार है। दूसरी तरफ एक्सप्रेस वे के टोल अधिकारी राहुल जिंदल का कहना है कि एक्सप्रेस वे पर मरम्मत कराई जा रही है। इसके लिए टीमें लगा दी गई हैं। फिलहाल मिट्टी का भराव किया जा रहा है। जल्द पत्थर व कंकरीट का प्रयोग किया जाएगा। यह कार्य बारिश के बाद होगा। आवारा पशुओं को रोकने के लिए रास्तों को रोका जाएगा