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पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा गोमती उद्गम क्रासर...खास-खास
Updated Wed, 28 Mar 2018 09:19 PM IST
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पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा गोमती नदी उद्गम स्थल
अविरल धारा बहाने को एक अप्रैल से शुरू होगा श्रमदान
सरकारी महकमे उपलब्ध कराएंगे खुदाई को मशीन
हर महकमे को पांच किमी क्षेत्र में कराना होगा कार्य
गोमती स्थल का नया पोर्टल व ट्यूटर एकाउंट भी खोला जाएगा
28पीबीटीपी36
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। गोमती नदी की अविरल धारा बहाने के लिए एक अप्रैल से जिले में वृहद स्तर से कार्य शुरू होगा। गोमती उद्गम स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा साथ ही वहां एक भव्य स्वागत द्वार भी बनाया जाएगा। क्षेत्र के लोग जहां इसके लिए श्रमदान करेंगे वहीं विभिन्न विभाग अपने स्तर से खुदाई में प्रयुक्त होने वाली मशीन उपलब्ध कराएंगे। नया पोर्टल व ट्यूटर एकाउंट भी खोला जाएगा। बुधवार शहर के गांधी सभागार में सायं डीएम की अध्यक्षता में हुई विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
गोमती नदी के पुनर्जीवन को लेकर चल रही कवायद की कड़ी में बुधवार सायं डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विस्तार से चर्चा के बाद एक अप्रैल से गोमती पुनरोद्धार के लिए विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया। डीएम ने कहा कि श्रमदान एक पुण्य का कार्य है। सभी लोग श्रद्धा के साथ इस कार्य में अपनी सहभागिता करें। जिले के विभिन्न विभागों द्वारा श्रमदान के लिए अनुमानित व्यक्तियों को संबंधित विभागाध्यक्ष सहित कार्यस्थल पर श्रमदान के लिए उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने गोमती उद्गम स्थल से जेसीबी लगाने के लिए विभिन्न विभागों को दी गई कार्ययोजना के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए।
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हर महकमे को दी पांच किमी की जिम्मेदारी
डीएम ने शारदा सागर खंड द्वारा उद्गम स्थल के प्रारंभिक पांच किमी, लोक निर्माण विभाग द्वारा पांच से दस किमी, जिला पंचायत, जिला गन्ना अधिकारी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, जल निगम, मंडी समिति, बाढ़ खंड पूरनपुर, लोक निर्माण विभाग द्वारा क्रमानुसार पांच-पांच किमी दूरी जेसीबी द्वारा सफाई करने के लिए आवंटित किए।
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16 ग्राम पंचायतें मनरेगा से कराएंगी कार्य
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जो कार्य मनरेगा द्वारा संपन्न कराए जा सकते हैं उनको गोमती परिक्षेत्र में आने वाली 16 ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जाए।
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भव्य स्वागत द्वार भी बनेगा
बैठक में तय हुआ कि गोमती नदी उद्गम स्थल का सौंदर्यीकरण कराने के साथ गांव घाटमपुर में दलदली सीपेज के निस्तारण के लिए अभियंता शारदा खंड को विशेष योजना तैयार करेंगे। डीएम ने इसके लिए निर्देशित किया। अधिशासी अभियंता शारदा सागर खंड को गोमती उद्गम स्थल को अन्य माइनरो/नहरों से जोड़ने के लिए योजना बनाने को कहा। डीएम ने बताया कि गोमती नदी उद्गम स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए क्षेत्र पंचायत द्वारा सोलर लाईटें व पत्थर लगवाया जाएगा। साथ ही एक भव्य स्वागत द्वार का भी निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने गोमती स्थल पर पेड़ों का काटन रोकने के लिए एक वन वाचर की तैनाती, निर्मित शौचालय की मरम्मत कराने व नए शौचालयों का निर्माण करने के भी निर्देश दिए। पर्यटकों की सुविधा के लिए गोमती उद्गम स्थल को चिह्नित करने लिए जनपद के मुख्य मार्गों, जो स्थल को जोड़ते हैं पर प्रतीक चिन्ह को कहा। साथ ही टाइगर रिजर्व की सवारी गाड़ियों के संचालन के भी निर्देश दिए।
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पोर्टल, ट्यूटर एकाउंट भी
डीएम ने कहा कि गोमती स्थल को आकर्षक व लोकप्रिय बनाने के लिए गोमती उद्गम का एक नया पोर्टल, ट्यूटर एकाउंट खुलवाने के साथ-साथ पोर्टल का नया नाम निर्धारित करने के लिए सभी अधिकारियों से सुझाव मांगा।
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फोटोग्राफी प्रतियोगिता भी होगी
डीएम ने कहा कि एक अप्रैल को फोटोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता में जिले के सभी फोटोग्राफर भाग ले सकते हैं। इस प्रतियोगिता में तीन सदस्यीय समिति द्वारा अच्छे फोटोग्राफ का चयन कर तीन श्रेष्ठ फोटोग्राफर का नाम सहित चयन कर गोमती पोर्टल पर अपलोड करने के साथ उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा। जिला क्रीड़ा अधिकारी को प्रदेशस्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता कराने के भी निर्देश दिए गए।
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सहयोग राशि भी दी
डीएम ने गोमती उद्गम स्थल के उत्थान के लिए दस हजार रुपये की धनराशि देने की घोषणा की। इसी क्रम में खंड विकास अधिकारी बीसलपुर ने अपने कर्मचारियों सहित दो लाख व ग्राम प्रधान किरन सिंह द्वारा अपने एक वर्ष मानदेय देने की बात कही। बैठक में एडीएम ब्रजकिशोर, सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार समेत सभी एसडीएम, खंड विकास अधिकारी आदि मौजूद रहे।
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नोट: अन्य केंद्रों के लिए भी
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अविरल धारा बहाने को एक अप्रैल से शुरू होगा श्रमदान
सरकारी महकमे उपलब्ध कराएंगे खुदाई को मशीन
हर महकमे को पांच किमी क्षेत्र में कराना होगा कार्य
गोमती स्थल का नया पोर्टल व ट्यूटर एकाउंट भी खोला जाएगा
28पीबीटीपी36
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। गोमती नदी की अविरल धारा बहाने के लिए एक अप्रैल से जिले में वृहद स्तर से कार्य शुरू होगा। गोमती उद्गम स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा साथ ही वहां एक भव्य स्वागत द्वार भी बनाया जाएगा। क्षेत्र के लोग जहां इसके लिए श्रमदान करेंगे वहीं विभिन्न विभाग अपने स्तर से खुदाई में प्रयुक्त होने वाली मशीन उपलब्ध कराएंगे। नया पोर्टल व ट्यूटर एकाउंट भी खोला जाएगा। बुधवार शहर के गांधी सभागार में सायं डीएम की अध्यक्षता में हुई विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
गोमती नदी के पुनर्जीवन को लेकर चल रही कवायद की कड़ी में बुधवार सायं डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विस्तार से चर्चा के बाद एक अप्रैल से गोमती पुनरोद्धार के लिए विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया। डीएम ने कहा कि श्रमदान एक पुण्य का कार्य है। सभी लोग श्रद्धा के साथ इस कार्य में अपनी सहभागिता करें। जिले के विभिन्न विभागों द्वारा श्रमदान के लिए अनुमानित व्यक्तियों को संबंधित विभागाध्यक्ष सहित कार्यस्थल पर श्रमदान के लिए उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने गोमती उद्गम स्थल से जेसीबी लगाने के लिए विभिन्न विभागों को दी गई कार्ययोजना के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए।
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हर महकमे को दी पांच किमी की जिम्मेदारी
डीएम ने शारदा सागर खंड द्वारा उद्गम स्थल के प्रारंभिक पांच किमी, लोक निर्माण विभाग द्वारा पांच से दस किमी, जिला पंचायत, जिला गन्ना अधिकारी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, जल निगम, मंडी समिति, बाढ़ खंड पूरनपुर, लोक निर्माण विभाग द्वारा क्रमानुसार पांच-पांच किमी दूरी जेसीबी द्वारा सफाई करने के लिए आवंटित किए।
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16 ग्राम पंचायतें मनरेगा से कराएंगी कार्य
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जो कार्य मनरेगा द्वारा संपन्न कराए जा सकते हैं उनको गोमती परिक्षेत्र में आने वाली 16 ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जाए।
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भव्य स्वागत द्वार भी बनेगा
बैठक में तय हुआ कि गोमती नदी उद्गम स्थल का सौंदर्यीकरण कराने के साथ गांव घाटमपुर में दलदली सीपेज के निस्तारण के लिए अभियंता शारदा खंड को विशेष योजना तैयार करेंगे। डीएम ने इसके लिए निर्देशित किया। अधिशासी अभियंता शारदा सागर खंड को गोमती उद्गम स्थल को अन्य माइनरो/नहरों से जोड़ने के लिए योजना बनाने को कहा। डीएम ने बताया कि गोमती नदी उद्गम स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए क्षेत्र पंचायत द्वारा सोलर लाईटें व पत्थर लगवाया जाएगा। साथ ही एक भव्य स्वागत द्वार का भी निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने गोमती स्थल पर पेड़ों का काटन रोकने के लिए एक वन वाचर की तैनाती, निर्मित शौचालय की मरम्मत कराने व नए शौचालयों का निर्माण करने के भी निर्देश दिए। पर्यटकों की सुविधा के लिए गोमती उद्गम स्थल को चिह्नित करने लिए जनपद के मुख्य मार्गों, जो स्थल को जोड़ते हैं पर प्रतीक चिन्ह को कहा। साथ ही टाइगर रिजर्व की सवारी गाड़ियों के संचालन के भी निर्देश दिए।
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पोर्टल, ट्यूटर एकाउंट भी
डीएम ने कहा कि गोमती स्थल को आकर्षक व लोकप्रिय बनाने के लिए गोमती उद्गम का एक नया पोर्टल, ट्यूटर एकाउंट खुलवाने के साथ-साथ पोर्टल का नया नाम निर्धारित करने के लिए सभी अधिकारियों से सुझाव मांगा।
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फोटोग्राफी प्रतियोगिता भी होगी
डीएम ने कहा कि एक अप्रैल को फोटोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता में जिले के सभी फोटोग्राफर भाग ले सकते हैं। इस प्रतियोगिता में तीन सदस्यीय समिति द्वारा अच्छे फोटोग्राफ का चयन कर तीन श्रेष्ठ फोटोग्राफर का नाम सहित चयन कर गोमती पोर्टल पर अपलोड करने के साथ उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा। जिला क्रीड़ा अधिकारी को प्रदेशस्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता कराने के भी निर्देश दिए गए।
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सहयोग राशि भी दी
डीएम ने गोमती उद्गम स्थल के उत्थान के लिए दस हजार रुपये की धनराशि देने की घोषणा की। इसी क्रम में खंड विकास अधिकारी बीसलपुर ने अपने कर्मचारियों सहित दो लाख व ग्राम प्रधान किरन सिंह द्वारा अपने एक वर्ष मानदेय देने की बात कही। बैठक में एडीएम ब्रजकिशोर, सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार समेत सभी एसडीएम, खंड विकास अधिकारी आदि मौजूद रहे।
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नोट: अन्य केंद्रों के लिए भी