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भाइयों को तिलक कर की रिहाई की कामना
Updated Sat, 21 Oct 2017 06:06 PM IST
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पीलीभीत। भैयादूज पर अपने भाई से मिलने बहनें उसके घर पहुंचती हैं। वहीं कई ऐसी बहनें भी हैं जिनके भाई विभिन्न आरोपों में जेल में बंद हैं। ऐसे में इन बहनों ने जिला जेल पहुंचकर अपने भाई के माथे पर तिलक कर जल्द रिहाई और दीर्घायु की कामना की। इसके चलते जेल पर सुबह से ही महिलाओं की कतारें लगी रहीं। इसके अलावा जेल में निरुद्ध कुछ महिलाओं के भाईयों ने भी जेल पहुंच बहनों से भेंट कर उनसे टीका लगवाया। इस दौरान कई महिलाओं की आंखें भी नम हो गईं।
भाई-बहन के इस त्योहार के लिए जिला जेल में भी पहले से ही तैयारियां की गई थीं। सुबह होते ही महिलाएं अपने भाइयों से मिलने पहुंचने लगीं। जेल में निरुद्ध भाई के लिए कोई फल, कोई मिठाई तो कोई मेवा लेकर जेल परिसर पहुंची। जेल प्रबंधन ने ऐसी महिलाओं का पंजीकरण कर पर्ची निर्गत करने के लिए काउंटर की व्यवस्था की। भीड़ बढ़ने पर दो और काउंटरों की संख्या भी बढ़ा दी गई। जांच के बाद महिलाओं को टुकड़ियों में जेल के अंदर प्रवेश दिया गया। एक टुकड़ी के वापस आने पर दूसरी टुकड़ी को अंदर भेजा गया। जेल अधीक्षक अनूप सिंह ने बताया कि महिलाओं के आने का क्रम सुबह से जारी रहा। जेल अधीक्षक अनूप सिंह ने बताया कि शाम तक 557 महिलाओं ने जेल पहुंच अपने भाइयों का टीका किया और उनके दीर्घायु की कामना की।
13 पुरुष भी बहनों से टीका कराने पहुंचे
जेल प्रशासन के मुताबिक जेल में कई महिलाएं भी विभिन्न अपराधों में निरुद्ध हैं। इनमें से 13 महिलाओं के भाइयों ने जेल पहुंच बहन से मिलाई की। बहनों ने उनको तिलक किया और भाई के दीर्घायु होने की कामना की। भाइयों ने भी साथ ले जाई गई मिठाई, फल आदि उन्हें खिलाया और रक्षा के साथ जल्द उन्हें सलाखों से बाहर लाने को पैरवी तेज करने का भी वचन दिया।
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भाई-बहन के इस त्योहार के लिए जिला जेल में भी पहले से ही तैयारियां की गई थीं। सुबह होते ही महिलाएं अपने भाइयों से मिलने पहुंचने लगीं। जेल में निरुद्ध भाई के लिए कोई फल, कोई मिठाई तो कोई मेवा लेकर जेल परिसर पहुंची। जेल प्रबंधन ने ऐसी महिलाओं का पंजीकरण कर पर्ची निर्गत करने के लिए काउंटर की व्यवस्था की। भीड़ बढ़ने पर दो और काउंटरों की संख्या भी बढ़ा दी गई। जांच के बाद महिलाओं को टुकड़ियों में जेल के अंदर प्रवेश दिया गया। एक टुकड़ी के वापस आने पर दूसरी टुकड़ी को अंदर भेजा गया। जेल अधीक्षक अनूप सिंह ने बताया कि महिलाओं के आने का क्रम सुबह से जारी रहा। जेल अधीक्षक अनूप सिंह ने बताया कि शाम तक 557 महिलाओं ने जेल पहुंच अपने भाइयों का टीका किया और उनके दीर्घायु की कामना की।
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13 पुरुष भी बहनों से टीका कराने पहुंचे
जेल प्रशासन के मुताबिक जेल में कई महिलाएं भी विभिन्न अपराधों में निरुद्ध हैं। इनमें से 13 महिलाओं के भाइयों ने जेल पहुंच बहन से मिलाई की। बहनों ने उनको तिलक किया और भाई के दीर्घायु होने की कामना की। भाइयों ने भी साथ ले जाई गई मिठाई, फल आदि उन्हें खिलाया और रक्षा के साथ जल्द उन्हें सलाखों से बाहर लाने को पैरवी तेज करने का भी वचन दिया।
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