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वन विभाग की जांच में जंगल के अंदर हुआ ग्रामीण पर बाघ का हमला

Fri, 25 Jan 2019 12:02 AM IST
Prashant Singh Prashant Singh
Updated Fri, 25 Jan 2019 12:02 AM IST
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वन विभाग की जांच में जंगल के अंदर हुआ ग्रामीण पर बाघ का हमला
पीलीभीत। न्यूरिया क्षेत्र के ग्राम भरतपुर कॉलोनी गांव निवासी किसान मिलन बाला पर बुधवार को हुए बाघ के हमले की घटना को ग्रामीण भले जंगल के बाहर बता रहे हो, लेकिन वन विभाग अपनी जांच में घटना सुरई रेंज के जंगल के भीतर होने की बात कह रहा है। डिप्टी डायरेक्टर का दावा है कि इसके कई साक्ष्य भी जांच के दौरान मिले हैं। ग्रामीण का खून और बाघ के पगचिह्न भी जंगल के अंदर घटनास्थल पर मिले हैं। यह भी सामने आया है कि कई अन्य लोग भी घायल के साथ जंगल के भीतर गए थे। बाद में हमला खेत में होने की बात कह दी गई। यह भी कहा कि खेत पर बाघ के हमले का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। महोफ रेंज की सीमा से सटा न्यूरिया क्षेत्र का भरतपुर कॉलोनी गांव है। ग्रामीणों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब नौ बजे गांव निवासी मिलन बाला अपनी पत्नी विभा बाला के साथ फसल में भरा बारिश का पानी निकालने खेत पर पहुंचे थे, तभी बाघ ने हमला कर मिलन को घायल कर दिया। पत्नी के शोर शराबा करने पर बाघ जंगल की ओर चला गया। सूचना के बाद घायल को जिला अस्पताल लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बरेली भेज दिया गया। घटना की सूचना के बाद टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार भी जिला अस्पताल पहुंच गए थे। इधर, घायल को देखने के बाद घटना की हकीकत परखने के लिए अफसर मौके पर पहुंचे। अफसरों की जांच में घटना सुरई रेंज के कंपार्टमेंट ककरा 10 में जंगल के अंदर की निकली। जांच टीम को मौके पर घायल का खून व बाघ के पगचिह्न भी मिले हैं। यह भी बात सामने आई की घायल मिलन बाला गांव के अन्य लोगों के साथ जंगल क्षेत्र के ग्रासलैंड में बकरियों चराने पहुंचा था।
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घटना की जांच करने के लिए टीम के साथ मौका मुआयना किया गया। घटना सुरई रेंज के कंपार्टमेंट ककरा 10 के जंगल क्षेत्र में हुई है। मौके पर खून व बाघ के पगचिह्न भी मिले हैं। यह बात भी सामने आई है कि ग्रासलैंड होने के चलते अकसर ग्रामीण इस क्षेत्र में बकरियां चराने पहुंच जाते हैं। जंगल के बाहर बाघ के हमले की घटना बिलकुल गलत है। - आदर्श कुमार, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
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