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ग्राम बसी की अर्शिया का फाइटर पायलट के लिए हुआ चयन
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:53 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
क्षेत्र के ग्राम बसी निवासी आर्मी के रिटायर्ड कर्नल की बेटी अर्शिया का एसएसबी से फाइटर पायलट के लिए चयन होने पर परिजनों ने खुशी मना मिठाई बांटी।
क्षेत्र के ग्राम बसी निवासी दिनेश कुमार नैन आर्मी में कर्नल थे। सेना से सेवानिवृत्त होने बाद कर्नल दिनेश गांव में रह रहे हैं। इनका एक बेटा अर्चित और एक बेटी अर्शिया है। बेटा बीबीए कर रहा हे। वही बेटी अर्शिया ने चंडीगढ़ से बीटेक की। लेकिन उसकी इच्छा अपने पिता की तरह ही फोर्स में नौकरी कर देश सेवा करना था। उसने एसएसबी की परीक्षा दी। घोषित परीक्षा परिणाम में उसका चयन फाइटर पायलट के लिए हो गया। इसकी डेढ़ वर्ष की ट्रेनिंग के लिए वह डंडियाल एयरफोर्स एकेडमी हैदराबाद के लिए रवाना हो गई। उसने सफलता के लिए श्रेय अपने माता पिता को दिया। गांव की बेटी के पायलट बनने पर परिजनों के साथ ही ग्रामीणों में खुशी की लहर है। गांव की बेटी ने गांव, क्षेत्र के साथ ही जनपद का नाम रोशन किया।
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क्षेत्र के ग्राम बसी निवासी आर्मी के रिटायर्ड कर्नल की बेटी अर्शिया का एसएसबी से फाइटर पायलट के लिए चयन होने पर परिजनों ने खुशी मना मिठाई बांटी।
क्षेत्र के ग्राम बसी निवासी दिनेश कुमार नैन आर्मी में कर्नल थे। सेना से सेवानिवृत्त होने बाद कर्नल दिनेश गांव में रह रहे हैं। इनका एक बेटा अर्चित और एक बेटी अर्शिया है। बेटा बीबीए कर रहा हे। वही बेटी अर्शिया ने चंडीगढ़ से बीटेक की। लेकिन उसकी इच्छा अपने पिता की तरह ही फोर्स में नौकरी कर देश सेवा करना था। उसने एसएसबी की परीक्षा दी। घोषित परीक्षा परिणाम में उसका चयन फाइटर पायलट के लिए हो गया। इसकी डेढ़ वर्ष की ट्रेनिंग के लिए वह डंडियाल एयरफोर्स एकेडमी हैदराबाद के लिए रवाना हो गई। उसने सफलता के लिए श्रेय अपने माता पिता को दिया। गांव की बेटी के पायलट बनने पर परिजनों के साथ ही ग्रामीणों में खुशी की लहर है। गांव की बेटी ने गांव, क्षेत्र के साथ ही जनपद का नाम रोशन किया।