{"_id":"5a0de8c24f1c1b6e548bd75c","slug":"41510860994-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यदि जल्द मांगे नहीं मानी तो आंदोलन होगा तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यदि जल्द मांगे नहीं मानी तो आंदोलन होगा तेज
Updated Fri, 17 Nov 2017 01:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेकड़ा (बागपत)।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश पांडे ने कहा यदि जल्द ही मांगे नहीं मानी तो आंदोलन तेज होगा।
आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी अनिश्चित कालीन धरना दे रही है। बृहस्पतिवार को भी आंगनबाड़ियों ने कार्य बहिष्कार जारी रखते हुए केंद्र पर दिन भर धरना दिय। धरना स्थल पर आयोजित बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश पांडे समेत अनेक पदाधिकारी दोपहर करीब दो बजे पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार आंगनबाड़ियों की उपेक्षा करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा आंगनबाड़ी हिम्मत न हारे और बुलंद आवाज के साथ संघर्ष को ओर अधिक तेज करें। सरकार को आखिरकार उनकी जायज मांगे माननी पड़ेगी। वह इस संघर्ष में साथ है। इस दौरान जिलाध्यक्ष सुषमा गुर्जर, मंडल सचिव सुनीता रंगा, सुषमा, पवित्रा देवी, छमा रानी, ललिता, रेखा, संतोष, बेबी, पूनम, मधु, सुनीता, बबीता, पुष्पा, इंद्रा, अल्का, सीमा खातून, विनीता, शिवानी आदि रही।
विज्ञापन
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश पांडे ने कहा यदि जल्द ही मांगे नहीं मानी तो आंदोलन तेज होगा।
आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी अनिश्चित कालीन धरना दे रही है। बृहस्पतिवार को भी आंगनबाड़ियों ने कार्य बहिष्कार जारी रखते हुए केंद्र पर दिन भर धरना दिय। धरना स्थल पर आयोजित बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश पांडे समेत अनेक पदाधिकारी दोपहर करीब दो बजे पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार आंगनबाड़ियों की उपेक्षा करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा आंगनबाड़ी हिम्मत न हारे और बुलंद आवाज के साथ संघर्ष को ओर अधिक तेज करें। सरकार को आखिरकार उनकी जायज मांगे माननी पड़ेगी। वह इस संघर्ष में साथ है। इस दौरान जिलाध्यक्ष सुषमा गुर्जर, मंडल सचिव सुनीता रंगा, सुषमा, पवित्रा देवी, छमा रानी, ललिता, रेखा, संतोष, बेबी, पूनम, मधु, सुनीता, बबीता, पुष्पा, इंद्रा, अल्का, सीमा खातून, विनीता, शिवानी आदि रही।