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पैरों में कमजोरी कहीं पोलियो तो नहीं, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
Updated Sun, 16 Sep 2018 12:53 AM IST
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दो बच्चियों में पोलियो के लक्षण की आशंका
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, डब्ल्यूएचओ को दी सूचना
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। पैरों में कमजोरी कहीं पोलियो तो नहीं, इसको लेकर गांव नारायनपुर निवासी सुनील कुमार की दो वर्षीय पुत्री वैष्णवी और मोहल्ला रजागंज देहात निवासी शान मोहम्मद की चार माह की पुत्री फातिमा के स्टूल टेस्ट की जांच के लिए डब्ल्यूएचओ को जानकारी दी गई है। बच्चों में मिले पोलियो लक्षण की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने मामले को गंभीरता से लिया है।
पोलियो को लेकर कई बार पल्स पोलियो अभियान चलाए गए। अब पोलियो मुक्त होने का दावा कर माना जा रहा है कि पोलियो वायरस नष्ट किया जा चुका है। इधर, सीएचसी में दो दिन पहले गांव नारायनपुर निवासी सुनील की दो वर्षीय पुत्री वैष्णवी और मोहल्ला रजागंज देहात निवासी शान मोहम्मद की चार माह की पुत्री फातिमा को पोलियो की आशंका पर सीएचसी लाया गया। बच्चों के तीमारदारों का कहना था कि पहले सब कुछ ठीक था। अब बच्चे एक पैर में कमजोरी महसूस कर पूरा पैर जमीन में नहीं टिका पा रहे हैं। दोनों बच्चों के स्टूल टेस्ट के लिए डब्ल्यूएचओ को सूचना दी गई है। एमओआईसी डॉ. छत्रपाल ने बताया कि बच्चों के पैरों में कमजोरी होने पर जरूरी नहीं कि उसे पोलियो हो, लेकिन आशंका पर ऐसे बच्चों की सूचना डब्ल्यूएचओ को देकर उसका स्टूल टेस्ट कराया जाता है। ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
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स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, डब्ल्यूएचओ को दी सूचना
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। पैरों में कमजोरी कहीं पोलियो तो नहीं, इसको लेकर गांव नारायनपुर निवासी सुनील कुमार की दो वर्षीय पुत्री वैष्णवी और मोहल्ला रजागंज देहात निवासी शान मोहम्मद की चार माह की पुत्री फातिमा के स्टूल टेस्ट की जांच के लिए डब्ल्यूएचओ को जानकारी दी गई है। बच्चों में मिले पोलियो लक्षण की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने मामले को गंभीरता से लिया है।
पोलियो को लेकर कई बार पल्स पोलियो अभियान चलाए गए। अब पोलियो मुक्त होने का दावा कर माना जा रहा है कि पोलियो वायरस नष्ट किया जा चुका है। इधर, सीएचसी में दो दिन पहले गांव नारायनपुर निवासी सुनील की दो वर्षीय पुत्री वैष्णवी और मोहल्ला रजागंज देहात निवासी शान मोहम्मद की चार माह की पुत्री फातिमा को पोलियो की आशंका पर सीएचसी लाया गया। बच्चों के तीमारदारों का कहना था कि पहले सब कुछ ठीक था। अब बच्चे एक पैर में कमजोरी महसूस कर पूरा पैर जमीन में नहीं टिका पा रहे हैं। दोनों बच्चों के स्टूल टेस्ट के लिए डब्ल्यूएचओ को सूचना दी गई है। एमओआईसी डॉ. छत्रपाल ने बताया कि बच्चों के पैरों में कमजोरी होने पर जरूरी नहीं कि उसे पोलियो हो, लेकिन आशंका पर ऐसे बच्चों की सूचना डब्ल्यूएचओ को देकर उसका स्टूल टेस्ट कराया जाता है। ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
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