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सड़क पार करते, तो कभी पानी में तैरते दिखाई दिया बाघ, दहशत
Updated Sun, 05 Aug 2018 12:20 AM IST
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कभी सड़क पार करते तो कभी पानी में तैरते दिखा बाघ, दहशत
क्रासर...
दियूनी डैम मार्ग पर एक बार फिर बाघ ने कराया मौजूदगी का अहसास
सूचना मिलने पर पहुंची वनकर्मियों की टीम ने जुटाई जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया (पीलीभीत)। एक बार फिर दियूनी डैम मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को बाघ ने अपनी मौजूदगी का अहसास कराकर दहशत में डाल दिया। पहले बाघ बाइक सवार दो युवकों को डैम के पानी में तैरता दिखाई दिया। वहीं कुछ ही देर बाद सड़क पार करते बाघ को देख लोग दहशत में आ गए। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई।
अमरिया तहसील क्षेत्र में छह साल से कई इलाकों में लगातार बाघ की चहलकदमी हो रही है। यहां तक कि बाघिन का शावकों के साथ विचरण भी जारी है। गन्ने के खेतों के अलावा बाघ कई बार दियूनी डैम मार्ग पर भी दिखाई देता रहा है। शनिवार सुबह इसी मार्ग पर बाघ जब कई राहगीरों को दिखाई दिया तो पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। फरदिया गांव निवासी शेर मोहम्मद और लालता प्रसाद समाचार पत्र विक्रेता हैं। शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे वह अखबार बांटने के लिए बाइक से मझोला की तरफ जा रहे थे। दियूनी डैम मार्ग पर विशनपुर साइफन के पास पहुंचते ही उनको बाघ पानी के भीतर होते हुए भूड़ा कैमोर गांव की तरफ जाता दिखाई दिया। बाघ पानी के बीच में था। इस पर उन्होंने बाइक रोककर उसको देखना शुरू कर दिया। इसके बाद बाघ ने रुख बदला और वापस उनकी तरफ बढ़ने लगा। तब उनके पसीने छूट गए। वह बाइक स्टार्ट कर भाग निकले। करीब आधा किमी दूर बलराज सिंह के फार्म हाउस पर उन्होंने इसकी सूचना अन्य लोगों को दी। एक घंटे बाद खलीनवादा गांव निवासी फार्मर कुलवंत सिंह के यहां काम करने वाले जोशी कॉलोनी निवासी बिल्लू को बाघ दिखाई दिया। उसने बताया कि वह लेबर लाने के लिए ट्रैक्टर लेकर जा रहा था। दियूनी डैम मार्ग पर शुक्ला फार्म के पास पहुंचते ही उसको बाघ सड़क पार करता दिखा। यहां कुछ अन्य मजदूर भी मौजूद थे। बाघ करीब आधा किमी की दूरी से निकला। इसकी सूचना मिलने पर निगरानी टीम के चेतन कुमार मौके पर पहुंचे और जानकारी जुटाई।
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दरोगा फार्म और मझोला-सितारगंज मार्ग पर मिले पगमार्क
दियूनी डैम मार्ग के अलावा कई अन्य स्थानों पर भी शनिवार को बाघ की चहलकदमी जारी रही। दोपहर 12 बजे क्षेत्र के भगततिया उर्फ दरोगा फार्म पर गिरधावर सिंह का नौकर पोथीराम चारा काटने के लिए खेत पर गया था। खेत पर पहुंचते ही उसको बाघ के पगचिह्न दिखाई दिए। वह वापस आ गया और सूचना खेत स्वामी व वनकर्मियों को दी। इसके अलावा मझोला-सितारगंज मार्ग पर भी साइड में बाघ के पगचिह्न वन विभाग की निगरानी टीम को मिले हैं।
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बरा मझलिया पहुंची आरआरटी टीम, ग्रामीणों को दिए सुझाव
बृहस्पतिवार को बरा मझलिया गांव में पशु चराने गए किसान रामऔतार को बाघ ने हमला कर घायल कर दिया था। किसान पर हमला करने से पहले बाघ ने पड़िया को निवाला बनाया था। उसका शव तीसरे दिन भी नहीं मिल सका। घटना के बाद से गांव में बढ़ती दहशत को देखते हुए वन अफसरों के निर्देश पर शनिवार को आरआरटी (रैपिड रिस्पांश टीम) बरा मझलिया गांव पहुंची। यहां टीम के लोगों ने घटनास्थल व आसपास के इलाके का भ्रमण किया। इसके बाद ग्रामीणों से बातचीत कर उनको अलर्ट रहने को कहा। साथ ही बाघ से बचाव को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए।
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हरदोई ब्रांच नहर में मिला चीतल का शव
जराकोठी। माला रेंज के जंगल से सटे गजरौला थाना क्षेत्र के नदहा गांव के पास हरदोई ब्रांच नहर की झाल में शनिवार सुबह चीतल का शव मिला। इसकी सूचना गांव के लोगों ने वनकर्मियों की दी। इसके बाद वनकर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाल गढ़ा रेंज पर लाया गया। इसके बाद वनकर्मियों ने शव को बारीकी से चेक किया। डिप्टी रेंजर महेश चंद्र सक्सेना ने बताया कि शव चीतल का और कई दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। शव को जंगल में दफन करा दिया गया है।
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क्रासर...
दियूनी डैम मार्ग पर एक बार फिर बाघ ने कराया मौजूदगी का अहसास
सूचना मिलने पर पहुंची वनकर्मियों की टीम ने जुटाई जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया (पीलीभीत)। एक बार फिर दियूनी डैम मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को बाघ ने अपनी मौजूदगी का अहसास कराकर दहशत में डाल दिया। पहले बाघ बाइक सवार दो युवकों को डैम के पानी में तैरता दिखाई दिया। वहीं कुछ ही देर बाद सड़क पार करते बाघ को देख लोग दहशत में आ गए। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई।
अमरिया तहसील क्षेत्र में छह साल से कई इलाकों में लगातार बाघ की चहलकदमी हो रही है। यहां तक कि बाघिन का शावकों के साथ विचरण भी जारी है। गन्ने के खेतों के अलावा बाघ कई बार दियूनी डैम मार्ग पर भी दिखाई देता रहा है। शनिवार सुबह इसी मार्ग पर बाघ जब कई राहगीरों को दिखाई दिया तो पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। फरदिया गांव निवासी शेर मोहम्मद और लालता प्रसाद समाचार पत्र विक्रेता हैं। शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे वह अखबार बांटने के लिए बाइक से मझोला की तरफ जा रहे थे। दियूनी डैम मार्ग पर विशनपुर साइफन के पास पहुंचते ही उनको बाघ पानी के भीतर होते हुए भूड़ा कैमोर गांव की तरफ जाता दिखाई दिया। बाघ पानी के बीच में था। इस पर उन्होंने बाइक रोककर उसको देखना शुरू कर दिया। इसके बाद बाघ ने रुख बदला और वापस उनकी तरफ बढ़ने लगा। तब उनके पसीने छूट गए। वह बाइक स्टार्ट कर भाग निकले। करीब आधा किमी दूर बलराज सिंह के फार्म हाउस पर उन्होंने इसकी सूचना अन्य लोगों को दी। एक घंटे बाद खलीनवादा गांव निवासी फार्मर कुलवंत सिंह के यहां काम करने वाले जोशी कॉलोनी निवासी बिल्लू को बाघ दिखाई दिया। उसने बताया कि वह लेबर लाने के लिए ट्रैक्टर लेकर जा रहा था। दियूनी डैम मार्ग पर शुक्ला फार्म के पास पहुंचते ही उसको बाघ सड़क पार करता दिखा। यहां कुछ अन्य मजदूर भी मौजूद थे। बाघ करीब आधा किमी की दूरी से निकला। इसकी सूचना मिलने पर निगरानी टीम के चेतन कुमार मौके पर पहुंचे और जानकारी जुटाई।
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दरोगा फार्म और मझोला-सितारगंज मार्ग पर मिले पगमार्क
दियूनी डैम मार्ग के अलावा कई अन्य स्थानों पर भी शनिवार को बाघ की चहलकदमी जारी रही। दोपहर 12 बजे क्षेत्र के भगततिया उर्फ दरोगा फार्म पर गिरधावर सिंह का नौकर पोथीराम चारा काटने के लिए खेत पर गया था। खेत पर पहुंचते ही उसको बाघ के पगचिह्न दिखाई दिए। वह वापस आ गया और सूचना खेत स्वामी व वनकर्मियों को दी। इसके अलावा मझोला-सितारगंज मार्ग पर भी साइड में बाघ के पगचिह्न वन विभाग की निगरानी टीम को मिले हैं।
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बरा मझलिया पहुंची आरआरटी टीम, ग्रामीणों को दिए सुझाव
बृहस्पतिवार को बरा मझलिया गांव में पशु चराने गए किसान रामऔतार को बाघ ने हमला कर घायल कर दिया था। किसान पर हमला करने से पहले बाघ ने पड़िया को निवाला बनाया था। उसका शव तीसरे दिन भी नहीं मिल सका। घटना के बाद से गांव में बढ़ती दहशत को देखते हुए वन अफसरों के निर्देश पर शनिवार को आरआरटी (रैपिड रिस्पांश टीम) बरा मझलिया गांव पहुंची। यहां टीम के लोगों ने घटनास्थल व आसपास के इलाके का भ्रमण किया। इसके बाद ग्रामीणों से बातचीत कर उनको अलर्ट रहने को कहा। साथ ही बाघ से बचाव को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए।
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हरदोई ब्रांच नहर में मिला चीतल का शव
जराकोठी। माला रेंज के जंगल से सटे गजरौला थाना क्षेत्र के नदहा गांव के पास हरदोई ब्रांच नहर की झाल में शनिवार सुबह चीतल का शव मिला। इसकी सूचना गांव के लोगों ने वनकर्मियों की दी। इसके बाद वनकर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाल गढ़ा रेंज पर लाया गया। इसके बाद वनकर्मियों ने शव को बारीकी से चेक किया। डिप्टी रेंजर महेश चंद्र सक्सेना ने बताया कि शव चीतल का और कई दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। शव को जंगल में दफन करा दिया गया है।