{"_id":"5a66ba844f1c1bb2208b4c2b","slug":"31516681860-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैनिक बटन दबाते ही महिला सुरक्षा को पहुंचेगी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पैनिक बटन दबाते ही महिला सुरक्षा को पहुंचेगी पुलिस
Updated Tue, 23 Jan 2018 10:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाक्स............
पैनिक बटन दबाने पर महिला सुरक्षा को पहुंचेगी पुलिस
हर मोबाइल फोन में होगी पैनिक बटन की सुविधा
प्रदेश में गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी से होगी इसकी शुरुआत
केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी का प्रयास
22पीबीटीपी33
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। प्रदेश की महिलाओं के लिए यह एक अच्छी खबर है। संकट की घड़ी में उन्हें अब घबराने की जरूरत नहीं है। इसके लिए उन्हें अपने पास मौजूद मोबाइल फोन में सिर्फ एक पैनिक बटन दबाना होगा। इस बटन के दबते ही निकटवर्ती थाना पुलिस के पास इसकी सूचना चली जाएगी और इसी के साथ पुलिस तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंच जाएगी। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के प्रयास से यह संभव हो सका है। प्रदेश में इस व्यवस्था का शुभारंभ गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी से होगा।
संसदीय क्षेत्र के दौरे पर पहुंची कैंप कार्यालय पर सोमवार को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने अमर उजाला को बताया कि खास कर कामकाजी महिलाओं को संकट की घड़ी में भय रहता है, लेकिन अब उन्हें इस डर से निजात दिलाने के साथ-साथ वह अपने कार्य को और शिद्दत व बिना भय के साथ अंजाम दे सकेगी। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार शुरू से ही गंभीर है। उन्होंने बताया कि मोबाइल कंपनियों से कई बार बात करने के बाद उन्हें इसके लिए तैयार किया जा सका है। उन्होंने बताया कि अब हर मोबाइल फोन में एक पैनिक बटन होगा। जिसे दबाते ही पुलिस मदद को पहुंच जाएगी। मेनका गांधी ने कहा कि इस व्यवस्था का ट्रायल पहले दिल्ली में किया गया था। उन्होंने बताया कि जिस दिन वहां इस व्यवस्था की शुरुआत हुई उस दिन सिर्फ एक घंटे में दो लाख लोगों की कॉल पुलिस के पास पहुंच गई। पड़ताल के बाद पता चला कि लगभग सभी कॉलें गैर जरूरी थीं। लिहाजा दिल्ली पुलिस ने इस व्यवस्था को सुचारु करने में अपने हाथ पीछे खींच लिए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में यह व्यवस्था 26 जनवरी से शुरू हो रही है। उन्होंने अपील की कि यह व्यवस्था लोगों की सुरक्षा से जुड़ी हुई है, लिहाजा इसका बेजा इस्तेमाल कोई न करे। पहले दिन से इसका इस्तेमाल वही करे जिसको इसकी वास्तव में जरूरत हो। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के बेजा प्रयोग से जरूरतमंद लोगों को समय से मदद मिलने में दिक्कत भी हो सकती है।
----
विज्ञापन
पैनिक बटन दबाने पर महिला सुरक्षा को पहुंचेगी पुलिस
हर मोबाइल फोन में होगी पैनिक बटन की सुविधा
प्रदेश में गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी से होगी इसकी शुरुआत
केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी का प्रयास
22पीबीटीपी33
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। प्रदेश की महिलाओं के लिए यह एक अच्छी खबर है। संकट की घड़ी में उन्हें अब घबराने की जरूरत नहीं है। इसके लिए उन्हें अपने पास मौजूद मोबाइल फोन में सिर्फ एक पैनिक बटन दबाना होगा। इस बटन के दबते ही निकटवर्ती थाना पुलिस के पास इसकी सूचना चली जाएगी और इसी के साथ पुलिस तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंच जाएगी। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के प्रयास से यह संभव हो सका है। प्रदेश में इस व्यवस्था का शुभारंभ गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी से होगा।
संसदीय क्षेत्र के दौरे पर पहुंची कैंप कार्यालय पर सोमवार को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने अमर उजाला को बताया कि खास कर कामकाजी महिलाओं को संकट की घड़ी में भय रहता है, लेकिन अब उन्हें इस डर से निजात दिलाने के साथ-साथ वह अपने कार्य को और शिद्दत व बिना भय के साथ अंजाम दे सकेगी। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार शुरू से ही गंभीर है। उन्होंने बताया कि मोबाइल कंपनियों से कई बार बात करने के बाद उन्हें इसके लिए तैयार किया जा सका है। उन्होंने बताया कि अब हर मोबाइल फोन में एक पैनिक बटन होगा। जिसे दबाते ही पुलिस मदद को पहुंच जाएगी। मेनका गांधी ने कहा कि इस व्यवस्था का ट्रायल पहले दिल्ली में किया गया था। उन्होंने बताया कि जिस दिन वहां इस व्यवस्था की शुरुआत हुई उस दिन सिर्फ एक घंटे में दो लाख लोगों की कॉल पुलिस के पास पहुंच गई। पड़ताल के बाद पता चला कि लगभग सभी कॉलें गैर जरूरी थीं। लिहाजा दिल्ली पुलिस ने इस व्यवस्था को सुचारु करने में अपने हाथ पीछे खींच लिए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में यह व्यवस्था 26 जनवरी से शुरू हो रही है। उन्होंने अपील की कि यह व्यवस्था लोगों की सुरक्षा से जुड़ी हुई है, लिहाजा इसका बेजा इस्तेमाल कोई न करे। पहले दिन से इसका इस्तेमाल वही करे जिसको इसकी वास्तव में जरूरत हो। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के बेजा प्रयोग से जरूरतमंद लोगों को समय से मदद मिलने में दिक्कत भी हो सकती है।
विज्ञापन
----