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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   30 percent of the crop Likely to fall

फसल में 30 प्रतिशत तक गिरावट के आसार

Tue, 12 Jan 2016 07:38 PM IST
plibhit
plibhit Updated Tue, 12 Jan 2016 07:38 PM IST
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चिल्ला जाड़े दिन चालीस, पूस पंद्रह माघ पच्चीस। ठंड के बारे में यह पुरानी कहावत इस बार बेमानी लग रही है। दो दिन बाद पूस का महीना खत्म होने को है लेकिन कड़ाके की ठंड अब तक नहीं पड़ी है। न कोहरा पड़ रहा है और न ही पाला। मौसम की इस बेरुखी की मार फसलों को झेलनी पड़ रही है, जिससे फसलों के उत्पादन में 30 प्रतिशत तक गिरावट के आसार हैं।

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रबी की फसलों के लिए कोहरा और पाले का मौसम वरदान होता है लेकिन इस बार दिसंबर जनवरी माह में भी तेज धूप खिलने और कोहरा पाला न पड़ने से फसलों पर प्रतिकृूल प्रभाव पड़ रहा है। जिले में करीब 1.72 लाख हेक्टेअर में रबी की फसलें बोई गई हैं जिसमें सर्वाधिक 1.42 लाख हेक्टेअर क्षेत्रफल गेहूं का है। मौसम अनुकूल न होने के कारण अगेती बोई गई फसल में बालियां आने लगी हैं, जिसमें दाने पड़ने की संभावना लगभग खत्म हो गई है। वहीं देर से बोई फसल में भी कल्लों की संख्या काफी कम जाएगी। गेहूं की फसल में कल्ले कम होने से उत्पादन प्रभावित होगा। गेहूं की तरह मटर, सरसों, मसूर, जौ, चना आदि की फसल भी मौसम से प्रभावित हो रही हैं। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो ठंड कम पडने से फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही है जिसका सीधा असर पर उपज पर पड़ेगा।
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रबी फसलों की स्थिति
फसल        क्षेत्रफल (हेक्टेअर)
गेहूं               1,42,490
मटर              425
मसूर              2,510
जौ                92
चना               17
तोरिया            15,695
राई/सरसों        11,292
कुल         1,72521


लगभग 30 हजार किसानों का हुआ बीमा
गत वर्ष बारिश और ओलावृष्टि से हुए गेहूं की फसल को नुकसान के बाद किसानों में फसल बीमा कराने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इस बार भी किसान जमकर फसल बीमा करा रहे हैं। कृषि अधिकारियों के अनुसार 31 दिसंबर तक बीमा कराया गया है। इसके आंकड़े बैंकों से अभी प्राप्त नहीं हुए हैं परंतु प्राप्त सूचनाओं के हिसाब से लगभग 30 हजार किसानों ने फसल बीमा अपनाया है। कृषि उपनिदेशक एके सिंह ने बताया कि रबी में केवल गेहूं और सरसों की फसल में ही बीमा कवर मिलता है। इसके लिए गेहूं के किसानों से कुल ऋण का 2.0 प्रतिशत और लाही (सरसों) के लिए कुल ऋण का 2.60 प्रतिशत धनराशि प्रीमियम के रूप में ली गई है।
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गेहूं की फसल के लिए अधिकतम 17-18 और न्यूनतम 5-6 डिग्री तापमान होना चाहिए लेकिन इस बार दोनों ही तापमान पांच अंक अधिक हैं। ऐसे में कल्लों की संख्या काफी कम हो जाएगी। इससे बचाव के लिए किसान खेतों में नमी बनाए रखें और पोषक तत्वों की कमी न होने दें।
डॉ. एसएस ढाका

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