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Pilibhit News: कैलाश नदी के कटान से बचाव पर 2.89 करोड़ मंजूर, पांच दिन बाद थमा काम
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कैलाश नदी पर बाढ़ खंड की ओर से कराए गए कार्य। संवाद
- फोटो : लाखनमाजरा गांव में हुई पंचायत में आईटीआई बनवाने का मुद्दा रखते ग्रामीण। संवाद
अमरिया। तहसील क्षेत्र के उड़रा, भदसरा और बिरहनी गांवों को कैलाश नदी के कटान से बचाने के लिए स्वीकृत 2.89 करोड़ रुपये की कटान निरोधक परियोजना का कार्य शुरू होने के पांच दिन बाद ठप पड़ गया। 21 अप्रैल से शुरू हुए निर्माण कार्य में शुरुआती चरण में सीमेंट के खाली कट्टों में रेत भरने का काम किया गया, लेकिन मजदूरों के चले जाने से काम रुक गया।
कैलाश नदी तहसील क्षेत्र के कई गांव से होकर गुजरती है। बरसात के बाद जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिति बिगड़ जाती है। कई इलाके नदी की जद में आ जाते हैं। ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पर शासन ने नाबार्ड पोषित इस योजना को मंजूरी दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत दो करोड़ 89 लाख 72 हजार रुपये का बजट जारी किया गया है। योजना का उद्देश्य मानसून के दौरान होने वाले कटान से गांवों और खेती योग्य भूमि को सुरक्षित करना है। दावा किया जा रहा है कि परियोजना से संबंधित कार्यों के लिए अब तक करीब 92 ट्रक पत्थर और 600 बंडल तार साइट पर पहुंच चुके हैं। संवाद
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हर साल बढ़ रहा कटान, सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार बाढ़ के दौरान करीब 500 एकड़ फसल जलमग्न हो जाती है। साथ ही बड़े और छोटे उड़रा गांव से भदसरा जाने वाली सड़क पर बनी पुलिया के पास करीब 300 मीटर क्षेत्र में पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। एक-दो दिन बाद पानी कम होने पर ही रास्ता खुल पाता है। इस समस्या से तीन गांवों के हजारों किसान और करीब पांच हजार से अधिक लोग प्रभावित होते हैं।
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कैलाश नदी हर साल कटान करती आई है। पिछले आठ सालों में नदी ने करीब 25 बीघा कृषि भूमि काट दी। - अर्शदीप सिंह, भदसरा
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नदी का वर्षों से कटान देखते आए हैं। 30 बीघा जमीन कट गई आम का बाग भी नदी में कट गया। अब बचाव कार्य से उम्मीद है। - जयदीप सिंह, ग्राम उड़रा
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500 मीटर क्षेत्र में चल रहा पिचिंग कार्य
बाढ़ खंड के अवर अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि उड़रा-भदसरा क्षेत्र में स्लोप पिचिंग और कटान निरोधक दीवार का कार्य पहले 15 मई तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन मजदूरों के चले जाने से काम प्रभावित हुआ। अब 22 मजदूरों को कार्य पर लगाया गया है और जल्द उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। विभाग का लक्ष्य बरसात शुरू होने से पहले 30 मई तक पिचिंग कार्य पूरा करना है। वर्तमान में ग्राम उड़रा के सामने कैलाश नदी के किनारे 500 मीटर क्षेत्र में पिचिंग का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
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कैलाश नदी तहसील क्षेत्र के कई गांव से होकर गुजरती है। बरसात के बाद जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिति बिगड़ जाती है। कई इलाके नदी की जद में आ जाते हैं। ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पर शासन ने नाबार्ड पोषित इस योजना को मंजूरी दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत दो करोड़ 89 लाख 72 हजार रुपये का बजट जारी किया गया है। योजना का उद्देश्य मानसून के दौरान होने वाले कटान से गांवों और खेती योग्य भूमि को सुरक्षित करना है। दावा किया जा रहा है कि परियोजना से संबंधित कार्यों के लिए अब तक करीब 92 ट्रक पत्थर और 600 बंडल तार साइट पर पहुंच चुके हैं। संवाद
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हर साल बढ़ रहा कटान, सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार बाढ़ के दौरान करीब 500 एकड़ फसल जलमग्न हो जाती है। साथ ही बड़े और छोटे उड़रा गांव से भदसरा जाने वाली सड़क पर बनी पुलिया के पास करीब 300 मीटर क्षेत्र में पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। एक-दो दिन बाद पानी कम होने पर ही रास्ता खुल पाता है। इस समस्या से तीन गांवों के हजारों किसान और करीब पांच हजार से अधिक लोग प्रभावित होते हैं।
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कैलाश नदी हर साल कटान करती आई है। पिछले आठ सालों में नदी ने करीब 25 बीघा कृषि भूमि काट दी। - अर्शदीप सिंह, भदसरा
नदी का वर्षों से कटान देखते आए हैं। 30 बीघा जमीन कट गई आम का बाग भी नदी में कट गया। अब बचाव कार्य से उम्मीद है। - जयदीप सिंह, ग्राम उड़रा
500 मीटर क्षेत्र में चल रहा पिचिंग कार्य
बाढ़ खंड के अवर अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि उड़रा-भदसरा क्षेत्र में स्लोप पिचिंग और कटान निरोधक दीवार का कार्य पहले 15 मई तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन मजदूरों के चले जाने से काम प्रभावित हुआ। अब 22 मजदूरों को कार्य पर लगाया गया है और जल्द उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। विभाग का लक्ष्य बरसात शुरू होने से पहले 30 मई तक पिचिंग कार्य पूरा करना है। वर्तमान में ग्राम उड़रा के सामने कैलाश नदी के किनारे 500 मीटर क्षेत्र में पिचिंग का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

कैलाश नदी पर बाढ़ खंड की ओर से कराए गए कार्य। संवाद- फोटो : लाखनमाजरा गांव में हुई पंचायत में आईटीआई बनवाने का मुद्दा रखते ग्रामीण। संवाद

कैलाश नदी पर बाढ़ खंड की ओर से कराए गए कार्य। संवाद- फोटो : लाखनमाजरा गांव में हुई पंचायत में आईटीआई बनवाने का मुद्दा रखते ग्रामीण। संवाद