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बाढ़ नियंत्रण कार्यों के नाम पर निभा ली गई औपचारिकताएं

Wed, 05 Jul 2017 05:47 PM IST
Updated Wed, 05 Jul 2017 05:47 PM IST
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बाढ़ नियंत्रण कार्यों के नाम पर निभा ली गई औपचारिकताएं
माधोटांडा (पीलीभीत)। शारदा डैम व सनेडी तटबंध को शारदा नदी की बाढ़ से बचाने के लिए कराए गए बाढ़ नियंत्रण कार्य पर्याप्त नहीं साबित हो रहे हैं। सिंचाई विभाग द्वारा महज कुछ स्थानों पर बचाव कार्य के नाम पर औपचारिकता पूरी कर बजट ठिकाने लगा दिया गया।
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शारदा डैम को शारदा नदी की बाढ़ एवं भू कटान से बचाने को नौजल्हा से लेकर नलडेंगा तक सनेडी तटबंध बनाया गया था। इस तटबंध को बचाने के लिए शारदा नदी के भीतरी हिस्से में पत्थर की ठोकरें बनाई गई थी, लेकिन इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे शारदा सागर के अभियंताओं ने कभी भी नदी पर बने स्परों की मरम्मत कराने की नहीं सोची। नतीजा यह निकला कि गत वर्ष बाढ़ के समय नलडेंगा में सनेडी तटबंध पर बने तीन पत्थर के स्परों को शारदा निगल गई। ग्रामीणों के होहल्ला मचाने पर पांच दिन तक यह तय नहीं हो पाया कि यह योजना स्थल का जिम्मा किसके पास है। योजनास्थल जब शारदा सागर के अधीन निकला तो अभियंताओं ने आनन-फानन में बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू कराएं, लेकिन तब तक स्पर की नोज नदी की भेंट चढ़ चुकीथी। इधर यह माना जा रहा था कि बरसात बाद यहां मरम्मत कार्य कराएं जाएंगे, लेकिन पूरा वर्ष बीत गया और एक धेले का भी कार्य नहीं कराया गया। अब जब पुन: बरसात का समय आया तो अभियंताओं को बचाव कार्य कराने की याद आई। अभियंताओं ने स्परों के अगले भाग को मजबूत करने को अभियंताओं ने एसी बैग व जियो बैग में रेत भरकर लगाया है। हालांकि यह ऊंट के मुंह में जीरे के समान साबित होंगेे। इधर जब नदी में पानी बढ़ने लगा तो ठेकेदारों के माध्यम से हौचपौच में बेतरतीब ढंग से बैगों को लगवाया गया है। स्परों के डाउनस्ट्रीम में सही से बोरे भी नहीं लगाए गए हैं, जबकि नलडेंगा का यह इलाका शारदा डैम के सबसे नजदीक माना जाता है।
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नगरिया खुर्दकला का भी यही हाल
नदी के दाएं किनारे पर ही नगरिया खुर्दकला क्षेत्र में स्पर संख्या नौ ए व नौ बी की मरम्मत के नाम पर भी औपचारिकता निभाई गई हैं। यहां दो वर्ष पूर्व बनी योजनाओं के 11 स्पर क्षतिग्रस्त होने के बावजूद कोई मरम्मत नहीं कराए गए, लेकिन उस योजना स्थल के डाउनस्ट्रीम में बने पत्थर के स्परों के अगले भाग को जियो बैग व एसी बैग लगाकर मजबूत किया गया है।
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ढकिया तालुके महाराजपुर को किया मजबूत
बाढ़ खंड ने दांए किनारे पर ही ढकिया ताल्लुके महाराजपुर में बने स्पर संख्या छह व उसके डाउनस्ट्रीम में एक फर्लांग तक पटरी बनाकर इस इलाके को मजबूत किया है। संभावना है कि यदि बाढ़ से कराए गए कार्य को नुकसान पहुंचता तो एकत्र सिल्ट से यह इलाका सुरक्षित हो जाएगा।

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रमनगरा बुझिया का अस्तित्व खतरे में
गत वर्ष रमनगरा बुझिया में भीषण कटान हुआ था। कहा गया था कि बरसात बाद ठोकरें बनेंगी, लेकिन पूरा साल गुजरने के बाद भी कोई काम नहीं कराया गया। अब मामूली जलस्तर में बढ़ोत्तरी से ही यह अंदाज लगाया जा सकता है कि इस बार यदि गत वर्ष की भांति कटान होता है तो नदी की धार का रुख चूका सुतिया की ओर हो सकता है। इससे पुरैना ताल्लुके महाराजपुर, धुरिया पलिया व मझारा तक शारदा की बाढ़ कहर बरपा सकती है। फिलहाल सभी स्थानों पर मामूली जलस्तर में बढ़ोत्तरी से भू कटान की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
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