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झाड़ियों से निकले बाघ ने बछड़े को बनाया निवाला
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:20 AM IST
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जंगल से दूर अमरिया क्षेत्र में घूम रहे बाघों ने एक बार फिर अपनी मौजूदगी का अहसास कराकर ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया। कैलाश नदी के पास चरने आए पशुओं में से एक बछड़े पर हमला किया और खींचकर पास की झाड़ियों में ले गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पड़ताल की लेकिन बछड़े का शव नहीं मिल सका है। घटना के बाद से ग्रामीण दहशत में हैं।
तहसील अमरिया क्षेत्र के भूड़ा कैमोर गांव निवासी भूपराम खेती करते हैं। इसके अलावा उन्होंने कई पशु भी पाल रखे हैं। मंगलवार शाम वह पशुओं को चराने के लिए कैलाश नदी किनारे गए हुए थे। वहां पर गांव के कई अन्य लोग भी अपने पशु लाए थे। उन्होंने बताया कि नदी के पास की झाड़ियों से अचानक बाघ निकला और उनके बछड़े पर हमला बोल दिया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, बाघ बछड़े को दबोचकर झाड़ियों में ले गया। यह देख मौके पर मौजूद लोग गांव की तरफ भाग आए। शोर मचाकर ग्रामीणों को जमा किया और पूरी घटना बताई। इसकी सूचना वन विभाग के कर्मचारियों को दी गई। रात होने की वजह से कोई मौके पर नहीं पहुंचा। दूसरे दिन बुधवार सुबह निगरानी टीम के वन दरोगा शेर सिंह, मुश्ताक और चेतन कुमार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से बाघ के हमले को लेकर जानकारी जुटाई। बछड़े के शव को तलाशने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ नहीं मिल सका। उन्होंने गांव के लोगों को अलर्ट कर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। वन दरोगा शेर सिंह ने बताया कि झाड़ियां काफी बड़ी होने की वजह से बछड़े का शव अभी नहीं मिल सका है। शव को खोजने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा गांव के लोगों को सुरक्षा को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
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तहसील अमरिया क्षेत्र के भूड़ा कैमोर गांव निवासी भूपराम खेती करते हैं। इसके अलावा उन्होंने कई पशु भी पाल रखे हैं। मंगलवार शाम वह पशुओं को चराने के लिए कैलाश नदी किनारे गए हुए थे। वहां पर गांव के कई अन्य लोग भी अपने पशु लाए थे। उन्होंने बताया कि नदी के पास की झाड़ियों से अचानक बाघ निकला और उनके बछड़े पर हमला बोल दिया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, बाघ बछड़े को दबोचकर झाड़ियों में ले गया। यह देख मौके पर मौजूद लोग गांव की तरफ भाग आए। शोर मचाकर ग्रामीणों को जमा किया और पूरी घटना बताई। इसकी सूचना वन विभाग के कर्मचारियों को दी गई। रात होने की वजह से कोई मौके पर नहीं पहुंचा। दूसरे दिन बुधवार सुबह निगरानी टीम के वन दरोगा शेर सिंह, मुश्ताक और चेतन कुमार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से बाघ के हमले को लेकर जानकारी जुटाई। बछड़े के शव को तलाशने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ नहीं मिल सका। उन्होंने गांव के लोगों को अलर्ट कर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। वन दरोगा शेर सिंह ने बताया कि झाड़ियां काफी बड़ी होने की वजह से बछड़े का शव अभी नहीं मिल सका है। शव को खोजने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा गांव के लोगों को सुरक्षा को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
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