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करोड़ों का बजट एक दिन में खपाने की तैयारी
Updated Fri, 30 Mar 2018 07:39 PM IST
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करोड़ों का बजट एक दिन में खपाने की तैयारी
पंचायत राज विभाग में बच गया हैं दस करोड़ का बजट
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभत। वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन शनिवार है। बिल बनाने के साथ भुगतान की तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही है। फिर भी पंचायत राज विभाग दस करोड़ रुपये का बजट नहीं खर्च कर पाया है। पूरे साल ग्रामीण शौचालय निर्माण कराने आदि के लिए अफसरों के पास चक्कर लगाते रहे और अफसर कागजी तैयारी में जुट रहे।
पंचायत राज विभाग के बजट का खास पहलू यह है कि पूरे वित्तीय वर्ष 2017-18 में विभाग को ग्राम निधि में 26 करोड़ 17 लाख 16 हजार, क्षेत्र पंचायत के लिए पांच करोड़ 23 लाख 43 हजार व शौचालयों के निर्माण कराने हेतु 58 करोड़ 89 हजार की धनराशि भेजी गई। यानी कुल 90 करोड़ 29 लाख 59 हजार रुपये विभाग को मिला। इस दौरान विभाग ने विकास कार्यों के नाम पर भरपूर पैसा खर्च कर दिया लेकिन शौचालयों के निर्माण पर ध्यान नहीं दिया। अब अंतिम दिन शौचालय निर्माण को मिली धनराशि का करीब दस करोड़ रुपये विभाग खपाने की तैयारी में लगा है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि अफसरों के दबाव में वह दिन रात एक कर विभिन्न योजनाओं में बजट का बंदरबांट करने में लगे हैं। डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि बैंक खुलते ही यह रकम शौचालय निर्माण के लिए लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएंगी।
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-बैंक बंद होने से ट्रांसफर नहीं हो सका बजट
पंचायत राज विभाग कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी की मानें तो दस करोड़ रुपये की धनराशि कोई ज्यादा नहीं है। अगर चार दिन बैंक बंद नहीं रहती तो यह धनराशि बैंक में ट्रांसफर कर लाभार्थियों के खाते में पहुंचा दी जाती।
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पंचायत राज विभाग में बच गया हैं दस करोड़ का बजट
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभत। वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन शनिवार है। बिल बनाने के साथ भुगतान की तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही है। फिर भी पंचायत राज विभाग दस करोड़ रुपये का बजट नहीं खर्च कर पाया है। पूरे साल ग्रामीण शौचालय निर्माण कराने आदि के लिए अफसरों के पास चक्कर लगाते रहे और अफसर कागजी तैयारी में जुट रहे।
पंचायत राज विभाग के बजट का खास पहलू यह है कि पूरे वित्तीय वर्ष 2017-18 में विभाग को ग्राम निधि में 26 करोड़ 17 लाख 16 हजार, क्षेत्र पंचायत के लिए पांच करोड़ 23 लाख 43 हजार व शौचालयों के निर्माण कराने हेतु 58 करोड़ 89 हजार की धनराशि भेजी गई। यानी कुल 90 करोड़ 29 लाख 59 हजार रुपये विभाग को मिला। इस दौरान विभाग ने विकास कार्यों के नाम पर भरपूर पैसा खर्च कर दिया लेकिन शौचालयों के निर्माण पर ध्यान नहीं दिया। अब अंतिम दिन शौचालय निर्माण को मिली धनराशि का करीब दस करोड़ रुपये विभाग खपाने की तैयारी में लगा है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि अफसरों के दबाव में वह दिन रात एक कर विभिन्न योजनाओं में बजट का बंदरबांट करने में लगे हैं। डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि बैंक खुलते ही यह रकम शौचालय निर्माण के लिए लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएंगी।
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-बैंक बंद होने से ट्रांसफर नहीं हो सका बजट
पंचायत राज विभाग कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी की मानें तो दस करोड़ रुपये की धनराशि कोई ज्यादा नहीं है। अगर चार दिन बैंक बंद नहीं रहती तो यह धनराशि बैंक में ट्रांसफर कर लाभार्थियों के खाते में पहुंचा दी जाती।
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