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महाविद्यालय में अवैध नियुक्तियों पर समिति चेयरमैन को नोटिस
Updated Tue, 08 Aug 2017 07:07 PM IST
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पूरनपुर/पीलीभीत। गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने गन्ना कृषक महाविद्यालय में बीते साल हुई नियुक्तियों के मामले में बगैर विज्ञापन के नियुक्तियां करने, वित्तीय अनियमितताओं पर मई माह में दिए नोटिस का स्पष्टीकरण न देने पर रोष व्यक्त किया है। साथ ही गन्ना समिति अध्यक्ष श्रीकांत सिंह को पुन: नोटिस जारीकर स्पष्टीकरण मांगा है।
गन्ना कृषक महाविद्यालय में वर्ष 2014 से पहले दो लिपिकों और अंशकालिक कर्मचारियों की गलत ढंग से नियुक्ति होने का आरोप लगाते हुए सहकारी गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने मुख्य सचिव और गन्ना आयुक्त से शिकायत की थी। आरोप था कि बगैर विज्ञापन प्रकाशित कराए गलत ढंग से नियुक्तियां कर ली गई। जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर सिंह ने बताया कि शिकायत को विभाग और शासन ने गंभीरता से लिया। शासन को हुई शिकायत की जांच डीएम को सौंपी गई। डीएम ने जांच के आदेश उनको दिए थे। इसके अलावा गन्ना आयुक्त ने डिप्टी केन कमिनर को सौंपी गई थी। जांच में गलत ढंग से नियुक्तियां करने, केशबुक, लेजर बुक न होने, महाविद्यालय में एसआर रजिस्टर न होने, बगैर मिट्टी भराव के गड़बड़ी करने आदि की अनियमितताएं पाई गई। जांच के बाद गन्ना आयुक्त ने सहकारी गन्ना समिति चेयरमैन श्रीकांत सिंह को मई माह में नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया, लेकिन स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। गन्ना आयुक्त ने फिर 19 जून को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण देने की चेतावनी दी है।
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गन्ना कृषक महाविद्यालय विभाग का नहीं, किसानों का है। सभी कार्य नियमानुसार हुए हैं। बाइलाज का खुला उल्लंघन तो जिला गन्ना अधिकारी ने जिला मुख्यालय पर बोर्ड की बैठक बुलाकर किया। बैठक में कोरम पूरा नहीं था और गलत तरीके से प्रस्ताव पास किए गए।
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- श्रीकांत सिंह, चेयरमैन गन्ना समिति
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बाइलॉज को समझने और उसे गलत ढंग से परिभाषित करने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक नियमानुसार हुई। एजेंडा चपरासी से लेने के बाद चेयरमैन ने रिसीव करने से मना कर दिया। कुछ अन्य सदस्यों को भी भड़काया गया। महाविद्यालय किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है। महाविद्यालय सहकारी गन्ना समिति का है। सहकारी गन्ना समिति सरकारी है।
- राजेश्वर सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
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गन्ना कृषक महाविद्यालय में वर्ष 2014 से पहले दो लिपिकों और अंशकालिक कर्मचारियों की गलत ढंग से नियुक्ति होने का आरोप लगाते हुए सहकारी गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने मुख्य सचिव और गन्ना आयुक्त से शिकायत की थी। आरोप था कि बगैर विज्ञापन प्रकाशित कराए गलत ढंग से नियुक्तियां कर ली गई। जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर सिंह ने बताया कि शिकायत को विभाग और शासन ने गंभीरता से लिया। शासन को हुई शिकायत की जांच डीएम को सौंपी गई। डीएम ने जांच के आदेश उनको दिए थे। इसके अलावा गन्ना आयुक्त ने डिप्टी केन कमिनर को सौंपी गई थी। जांच में गलत ढंग से नियुक्तियां करने, केशबुक, लेजर बुक न होने, महाविद्यालय में एसआर रजिस्टर न होने, बगैर मिट्टी भराव के गड़बड़ी करने आदि की अनियमितताएं पाई गई। जांच के बाद गन्ना आयुक्त ने सहकारी गन्ना समिति चेयरमैन श्रीकांत सिंह को मई माह में नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया, लेकिन स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। गन्ना आयुक्त ने फिर 19 जून को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण देने की चेतावनी दी है।
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गन्ना कृषक महाविद्यालय विभाग का नहीं, किसानों का है। सभी कार्य नियमानुसार हुए हैं। बाइलाज का खुला उल्लंघन तो जिला गन्ना अधिकारी ने जिला मुख्यालय पर बोर्ड की बैठक बुलाकर किया। बैठक में कोरम पूरा नहीं था और गलत तरीके से प्रस्ताव पास किए गए।
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- श्रीकांत सिंह, चेयरमैन गन्ना समिति
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बाइलॉज को समझने और उसे गलत ढंग से परिभाषित करने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक नियमानुसार हुई। एजेंडा चपरासी से लेने के बाद चेयरमैन ने रिसीव करने से मना कर दिया। कुछ अन्य सदस्यों को भी भड़काया गया। महाविद्यालय किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है। महाविद्यालय सहकारी गन्ना समिति का है। सहकारी गन्ना समिति सरकारी है।
- राजेश्वर सिंह, जिला गन्ना अधिकारी