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जिले में तेज बुखार ने दी दस्तक, सेहत महकमा बेखबर

Bareily Bureau Updated Sun, 09 Sep 2018 12:06 AM IST
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08 पीबीटीपी 13,14,15, 27 से 35 तक
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छह गांवों में घर-घर तप रहा बुखार
पूरनपुर विधायक के पैतृक गांव समेत पांच गांवों में 50 से अधिक तेज बुखार की चपेट में
बीसलपुर के रम्पुरा रना में भी फैला बुखार, 16 से अधिक मरीज चपेट में
स्वास्थ्य विभाग की टीम न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। मौसम में फेरबदल के बाद जिले में तेज बुखार ने दस्तक दे दी है। पूरनपुर क्षेत्र में विधायक बाबूराम पासवान के पैतृक गांव उदरहा समेत पांच गांवों में 50 से अधिक बच्चे, युवा व बुजुर्ग बुखार की चपेट में है, जबकि बीसलपुर के अकेले एक गांव में 16 लोग तेज बुखार से पीड़ित है। सरकारी स्तर पर इलाज की कोई सुविधा न होने के चलते मरीजों को मजबूरन झोलाछापों से इलाज कराना पड़ रहा है। जिम्मेदार सेहत महकमे को भनक तक नहीं है। कई दिनों से बुखार से पीड़ित मरीजों के परिवार वाले स्वास्थ्य विभाग की ओर टकटकी लगाए देख रहे हैं।
घुंघचाई। क्षेत्र में तेज बुखार का प्रकोप तेजी से पैर पसार रहा है। गांव जितौरिया निवासी विजय वर्मा (40), रामप्रकाश का पुत्र विनीत (6) व पुत्री शालिनी, बबलू (35) उनकी पत्नी कुंता, पुत्र अंकुश (5) व पुत्री विनीता (2) व इसी गांव के जगन्नाथ समेत कई मरीज बुखार व डायरिया से पीड़ित हैं। उदरहा में निवासी चंदन लाल (65), प्रेमपाल (40) व उसकी पुत्री काजल (10), रामऔतार की पुत्री शालिनी (11), शेरपाल (40) व उनका पुत्र उमेश (5), गोपीकृष्ण (45), शालिकराम की पत्नी रामकली (45) पांच दिनों तेज बुखार से पीड़ित हैं। रामविलास को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिलावरपुर में रामकुमार (50) व उनकी पुत्री नीरज (16), पिंकू की पत्नी पूजा (30), प्रेमपाल (47), दिनेश (35), ओमप्रकाश की पुत्री सोनी (17), गांव शिंभुआ में कुलदीप सिंह की पत्नी बलविंदर कौर (45), हरविंदर सिंह का पुत्र रेशम सिंह (6), घुंघचाई में मुकेश (32) व उनकी पत्नी दुर्गा देवी (30), युवराज का पुत्र अनमोल (12) व पुत्री रिया (17) और पलक (9) बुखार की चपेट में हैं। ब्रजराज सिंह की पत्नी रेशमा देवी (39) व उनका पुत्र राजवीर (18), वासु (22), महाराज सिंह का विजय (9) भी तेज बुखार की चपेट में हैं। ग्रामीणों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मी यहां झांकने तक नहीं आया। यहां कोई सरकारी अस्पताल भी नहीं है। लोगों को 12 किमी दूर पूरनपुर जाना पड़ता है या फिर झोलाछापों से इलाज कराना पड़ता है। एमओआईसी ने बताया कि पिछले दिनों पुन्नापुर में बुखार से दो लोगों की मौत की जानकारी मिली थी। शिविर लगाकर दवाई का वितरण किया गया। स्लाइड भी बनवाई गई लेकिन मलेरिया बुखार किसी को नहीं निकला।
बीसलपुर। गांव रंपुरा रना में ही इन दिनों 16 लोग तेज बुखार की चपेट में हैं। स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा मरीज तेज बुखार के पहुंच रहे हैं। खांडेपुर की प्रधान प्रेमो देवी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को उसी समय सूचना दे दी गई थी, लेकिन टीम गांव नहीं पहुंची। प्रधान के मुताबिक रंपुरा रना निवासी रामकृष्ण सिंह की शिल्पी (17) उनका पुत्र गब्बर सिंह (14) व पुत्री शिखा (18), रामेंद्रपाल की पुत्री ओमवती (17), जगवीर सिंह का पुत्र गरुप्रीत (8), बेंचे सिंह की पुत्री कामिनी (12), रामासरे का पुत्र अभिषेक (16), हरीओम का पुत्र आनंद (2), मदनपाल का पुत्र अमन (4), कल्लू सिंह की पुत्री निधि (14), राजवीर का पुत्र शिवम (18), संतपाल, रतिपाल सिंह व रघुवीर सिंह एक सप्ताह से तेज बुखार की चपेट में हैं। शिल्पी, गब्बर सिंह व शिखा की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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सरकारी इलाज नहीं, प्राइवेट और झोलाछापों के यहां मरीजों का अंबार
08 पीबीटीपी 26
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिले में सप्ताह भर से तेज बुखार तेजी से पैर पसार रहा है। प्राइवेट अस्पतालों में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सेहत महकमा फॉगिंग कराने व अस्पतालों में पर्याप्त दवा का दावा कर रहा है, लेकिन यह सब कुछ कई मायनों में बेअसर साबित हो रहा है। अभी महज शुरूआत है, यदि जिम्मेदार महकमे के अफसर नहीं चेते, तो आने वाले दिनों में हालात गंभीर हो सकते हैं। अमर उजाला ने शनिवार को सीएचसी पूरनपुर व बीसलपुर का जायजा लिया।
पूरनपुर। सीएचसी में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। रोजाना करीब 300 मरीज बुखार से पीड़ित पहुंच रहे है। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। इसके बाद भी बुखार से निपटने को सीएचसी स्तर पर कोई इंतजाम नहीं किए गए है। पूरनपुर व कलीनगर के लिए मात्र पूरनपुर में ही सीएचसी है। प्रतिदिन करीब 1200 मरीज दवाई लेने पहुंचते है। मरीजों को दवा लेने में घंटों लग जाते हैं। इसके बाद सीएचसी स्तर पर बुखार से निपटने को कोई अलग इंतजाम नहीं किए गए है। गांवों में भी बुखार का प्रकोप चल रहा है। एमओआईसी डॉ. छत्रपाल ने बताते हैं कि पिछले कुछ दिनों से बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन सभी में सामान्य बुखार ही पाया गया। ऐसी स्थिति में कोई अलग से इंतजाम नहीं किए गए हैं। स्थिति काबू में हैं। कैंप लगाने की अभी जरूरत नहीं है।
बीसलपुर। आलम यह है कि सीएचसी में सुबह से ही भीड लग रही है। सबसे ज्यादा मरीज बुखार पीड़ित होते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ ठाकुरदास ने बताया कि संक्रामक रोग से निपटने के लिए सीएचसी में पर्याप्त इंतजाम है। आपातकालीन कक्ष बनाया जा चुका है। क्षेत्रों में फॉगिंग कराई जा चुकी है। यदि कहीं कोई सूचना आती है तो तत्काल टीम जाएगी।
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कांग्रेस करेगी धरना प्रदर्शन
बीसलपुर। गांव रंपुरा रना में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है, इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची। कांग्रेस के जिला सचिव हरीओम सिंह ने बताया कि यदि स्वास्थ्य केंद्र की टीम रविवार को गांव नहीं पहुंचती है तो कांग्रेस पार्टी स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ 10 सितंबर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू करेगी।
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माधोटांडा क्षेत्र में भी तेज बुखार से निपटने के इंतजाम निल
माधोटांडा। कलीनगर तहसील क्षेत्र के दस से अधिक गांवों की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देने को माधोटांडा का एक मात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। यहां आलम यह हैं कि पिछले डेढ़ माह से कोई डॉक्टर ही तैनात नहीं है। सीएचसी में आने वाले मरीजों का इलाज यहां तैनात फार्मासिस्ट श्याम सुंदरदास वर्मा के हवाले ही चल रहा है। खास बात यह हैं कि प्रतिदिन सीएचसी पर आने वाले मरीजों की संख्या सौ के करीब रहती हैं। ऐसे में एक मात्र फार्मासिस्ट इतने मरीजों को कैसे इलाज करते होंगे, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। फार्मासिस्ट श्याम सुंदरदास ने बताया कि शनिवार को सौ मरीज सीएचसी पहुंचे। लगभग बीस वायरल बुखार से पीड़ित पाए गए।
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वर्जन:
संक्रामक रोगों को लेकर जिले में अलर्ट जारी किया जा चुका है। सभी चिकित्साधिकारियों को हाईफीवर ट्रेकिंग रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सीएचसी पीएचसी में पर्याप्त इंतजाम किए जा चुके हैं। पूरनपुर व बीसलपुर के गांवों में बुखार फैलने की सूचना नहीं मिली है। जानकारी की जा रही है। रविवार को इन गांवों में टीमों को भेजा जाएगा।- डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ

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