फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   सरकार की आमद मरहबा से गूंजा शहर

सरकार की आमद मरहबा से गूंजा शहर

Sat, 02 Dec 2017 10:47 PM IST
Updated Sat, 02 Dec 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
सरकार की आमद मरहबा से गूंजा शहर
julus - फोटो : amar ujala
अकीदत-ओ-एहतराम से निकाला गया जुलूस-ए-मोहम्मदी
विज्ञापन


पीलीभीत। शहंशाह-ए-दोआलम मोहम्मद मुस्तफा सलल्लाहो अलैहिवसल्लम का यौमे विलादत (जन्मदिन) धूमधाम से मनाया गया। पूरे शहर में सजावट की गई। जुलूस-ए-मोहम्मदी में सरकार की आमद मरहबा के नारों से शहर गूंज उठा। उलमा ने अल्लाह के प्यारे नबी की जिंदगी पर रोशनी डाली। रास्तों पर लोगों ने अपने घरों से फूलों की बारिश कर जुलूस का इस्तकबाल किया।
शुक्रवार की रात शहर के हशमत नगर से जुलूस-ए-मोहम्मदी का आगाज आस्ताने हशमतिया के सज्जादानशीं जरताब रजा की अगुवाई में शान-ओ-शौकत से हुआ। कमल्ले चौराहा, जुगनू पाकर, छोटी मार्केट, अब्बासियान मस्जिद, दरगाह शाहजी मोहम्मद शेर मियां होकर चौक बाजार, जेपी रोड, नवल्टी चौराहा, फीलखाना, बेनी चौधरी, डालचंद्र होता हुआ जुलूस वापस हशमत नगर पहुंचा। पूरे रास्ते सरकार की आमद मरहबा, दिलदार की आमद मरहबा, मक्की की आमद मरहबा, मदनी की आमद मरहबा के नारों से शहर गूंजता रहा। इस बीच मौलाना बुरहान रजा खां, जरताब रजा खां और हाफिज मो. इसरार अशरफी ने जगह-जगह तकरीरें कर नबी-ए-करीम की जिंदगी के कई पहलुओं पर रोशनी डाली। लोगों ने जगह-जगह महफिले मीलाद पाक और लंगर किए। घरों, दुकानों, तालीमी इदारों पर खूबसूरत ढंग से सजावट की गई। फातेहाख्वानी कर तबर्रुक तकसीम किया गया।
विज्ञापन


नबी-ए-करीम ने माफ करना सिखाया
पीलीभीत। जुलूस में शामिल होने की अनुमति न मिल पाने के कारण खानकाहे उस्मानियां कदीरिया के सज्जादानशीं मौलाना मुफ्ती हसन मियां कदीरी की अगुवाई में शुक्रवार रात नौ बजे खानकाह से तमाम अकीदतमंद मद्दे की पुलिया कदीरी चौक पहुंचे। जहां पहले से मौजूद सैकड़ों अकीदतमंदों ने फूल की बारिश कर और आतिशबाजी कर हसनमियां कदीरी व उनके साथ आए उलमा का इस्तकबाल किया। पूरे समय तनाव के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

उत्साह से लबरेज जलसे में मौजूद अकीदतमंदों को खिताब करते हुए मौलाना मुफ्ती हसनमियां कदीरी ने आवाम के लोगों से करीम सलल्लाहो अलैह वसल्लम के बताए रास्ते पर चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि सच्चा मुसलमान वह है जो बदले की भावना से काम नहीं करता है। हुजूर ने भी कभी किसी से बदला नहीं लिया बल्कि माफ किया। आपस में मोहब्बत रखनी चाहिए। नायब सज्जादानशीन सूफी इरफान मियां कदीरी ने भी जलसे को खिताब किया। बाद में मुल्क व कौम की तरक्की के लिए खानकाह पर सभी ने दुआ फरमाई। इसके बाद वहां लंगर का आयोजन हुआ। इससे पूर्व में अनस कदीरी, शोएब कादरी, वामिक हसन, कारी यासीन ने नातें पेश कीं।

शनिवार सुबह मंडी समिति में हसनमियां कदीरी ने जलसे को खिताब करते हुए कौम के लोगों से एकता व भाईचारा बनाए रखने की अपील की। वहां उन्होंने कहा कि हमारे नबी रहमत बन कर दुनियां में आए थे। वह सिर्फ मुसलमानों के लिए ही नहीं रहमत बनकर आए थे बल्कि सबके लिए रहमत बन कर आए और सभी को प्यार मोहब्बत का रास्ता दिखाया। इस मौके पर शानू, मोहम्मद मियां आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed