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राज्य की सीमाएं बटी हैं, दिल से एक हैं: धामी
Updated Sun, 15 Apr 2018 06:08 PM IST
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‘राज्य की सीमाएं बटी हैं, दिल से एक हैं’
मझोला के सम्मान समारोह में बोले उत्तराखंड के विधायक
चीनी मिल चालू कराने की मिली मंजूरी पर पीलीभीत व खटीमा के विधायक का सम्मान
15पीबीटीपी 27
अमर उजाला ब्यूरो
मझोला (पीलीभीत)। पिछले आठ साल से बंद पड़ी सहकारी चीनी मिल को फिर से चलाने की कैबिनेट से मिली मंजूरी से गदगद क्षेत्र के लोगों ने समारोह आयोजित कर खटीमा (उत्तराखंड) विधायक पुष्कर धामी व शहर विधायक संजय सिंह गंगवार का स्वागत किया। इस मौके पर दोनों विधायकों ने क्षेत्र की जनता को भरोसा दिलाया कि जल्द ही डिस्टलरी प्लांट भी चालू कराए जाने के प्रयास संयुक्त रूप से करेंगे।
वर्ष 2009-10 से बंद पड़ी मझोला चीनी मिल को चलाने का फैसला कुछ दिन पहले ही कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। इस मिल में उत्तराखंड क्षेत्र के भी कुछ क्षेत्रों का गन्ना पहले आपूर्ति होता था। मिल के बंद हो जाने से क्षेत्र के किसानों को जहां काफी असुविधा हुई वहीं मिल में लगे तमाम लोगों को बेरोजगारी का भी सामना करना पड़ा। बंद मिल को चालू कराने के लिए शहर विधायक संजय सिंह गंगवार ने जहां मामले को सदन में उठाया था वहीं उत्तराखंड क्षेत्र के लोगों की मांग पर खटीमा विधायक भी मिल को चालू कराने की बात पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से कह चुके थे। कुछ दिन पहले ही कैबिनेट में मिल को चालू किए जाने की मंजूरी मिलने के बाद से ही क्षेत्र में जश्न का माहौल है। भाजपा नगर अध्यक्ष दीपक जिंदल और कसबे के व्यापारियों ने मझोला बाजार में समारोह आयोजित कर दोनों विधायकों को शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया और मिल चलाने की मंजूरी दिलाने के लिए उनका आभार जताया।
सभा में विधायक संजय गंगवार ने कहा कि मझोला मेरी जन्मभूमि है। विधायक यह बताते हुए भावुक हो गए कि उनके पिता भी मझोला चीनी मिल में कर्मचारी थे और मिल बंद होने के बाद उनके बेरोजगार हो जाने पर उनके परिवार के लोगों ने क्या कष्ट झेले यह उन्हें अच्छी तरह याद है। वह मिल से जुड़े कर्मचारियों के परिवार की पीड़ा जानते व महसूस करते हैं। इसी लिए उन्होंने चुनाव में इसे चलाने का वादा किया था जिसे एक साल में पूरा कर दिखाया। डिस्टलरी भी चालू हो इसके भी प्रयास जारी हैं।
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खटीमा विधायक धामी ने भी लोगों को भरोसा दिलवाया कि मझोला की पहचान चीनी मिल से होती थी। उन्होंने कहा कि बेशक हमारी प्रदेश की सीमाएं बटी हैं मगर हम दिल से एक हैं। समारोह में दीपक जिंदल, रमानंद सिंह, चरनजीत सिंह, बलविंदर सिंह, देवेंद्र कुमार, गुलशन स्वर्णकार, ब्लाक प्रमुख श्याम सिंह आदि मौजूद रहे।
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मझोला के सम्मान समारोह में बोले उत्तराखंड के विधायक
चीनी मिल चालू कराने की मिली मंजूरी पर पीलीभीत व खटीमा के विधायक का सम्मान
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अमर उजाला ब्यूरो
मझोला (पीलीभीत)। पिछले आठ साल से बंद पड़ी सहकारी चीनी मिल को फिर से चलाने की कैबिनेट से मिली मंजूरी से गदगद क्षेत्र के लोगों ने समारोह आयोजित कर खटीमा (उत्तराखंड) विधायक पुष्कर धामी व शहर विधायक संजय सिंह गंगवार का स्वागत किया। इस मौके पर दोनों विधायकों ने क्षेत्र की जनता को भरोसा दिलाया कि जल्द ही डिस्टलरी प्लांट भी चालू कराए जाने के प्रयास संयुक्त रूप से करेंगे।
वर्ष 2009-10 से बंद पड़ी मझोला चीनी मिल को चलाने का फैसला कुछ दिन पहले ही कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। इस मिल में उत्तराखंड क्षेत्र के भी कुछ क्षेत्रों का गन्ना पहले आपूर्ति होता था। मिल के बंद हो जाने से क्षेत्र के किसानों को जहां काफी असुविधा हुई वहीं मिल में लगे तमाम लोगों को बेरोजगारी का भी सामना करना पड़ा। बंद मिल को चालू कराने के लिए शहर विधायक संजय सिंह गंगवार ने जहां मामले को सदन में उठाया था वहीं उत्तराखंड क्षेत्र के लोगों की मांग पर खटीमा विधायक भी मिल को चालू कराने की बात पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से कह चुके थे। कुछ दिन पहले ही कैबिनेट में मिल को चालू किए जाने की मंजूरी मिलने के बाद से ही क्षेत्र में जश्न का माहौल है। भाजपा नगर अध्यक्ष दीपक जिंदल और कसबे के व्यापारियों ने मझोला बाजार में समारोह आयोजित कर दोनों विधायकों को शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया और मिल चलाने की मंजूरी दिलाने के लिए उनका आभार जताया।
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सभा में विधायक संजय गंगवार ने कहा कि मझोला मेरी जन्मभूमि है। विधायक यह बताते हुए भावुक हो गए कि उनके पिता भी मझोला चीनी मिल में कर्मचारी थे और मिल बंद होने के बाद उनके बेरोजगार हो जाने पर उनके परिवार के लोगों ने क्या कष्ट झेले यह उन्हें अच्छी तरह याद है। वह मिल से जुड़े कर्मचारियों के परिवार की पीड़ा जानते व महसूस करते हैं। इसी लिए उन्होंने चुनाव में इसे चलाने का वादा किया था जिसे एक साल में पूरा कर दिखाया। डिस्टलरी भी चालू हो इसके भी प्रयास जारी हैं।
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खटीमा विधायक धामी ने भी लोगों को भरोसा दिलवाया कि मझोला की पहचान चीनी मिल से होती थी। उन्होंने कहा कि बेशक हमारी प्रदेश की सीमाएं बटी हैं मगर हम दिल से एक हैं। समारोह में दीपक जिंदल, रमानंद सिंह, चरनजीत सिंह, बलविंदर सिंह, देवेंद्र कुमार, गुलशन स्वर्णकार, ब्लाक प्रमुख श्याम सिंह आदि मौजूद रहे।
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