{"_id":"599d85224f1c1bb9678b459c","slug":"181503495458-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आबादी में विचरण करते सुअर, क्यों न हो स्वाइन फ्लू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आबादी में विचरण करते सुअर, क्यों न हो स्वाइन फ्लू
Updated Wed, 23 Aug 2017 07:07 PM IST
विज्ञापन
पूरनपुर/पीलीभीत। नगर में स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग, पशु पालन विभाग और नगर पालिका की ओर से इसकी रोकथाम के लिए कोई प्रयास शुरू नहीं किए गए। परिणाम स्वरूप आबादी के अंदर अब भी सुअर घूमते देखे गए। सुअरों को वैक्शीनेशन आदि की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। मात्र सीएचसी में स्वाइन फ्लू को लेकर वार्ड तैयार कर दिया गया, लेकिन जिस मोहल्ला में स्वाइन फ्लू की दस्तक हुई, उस मोहल्ले के बीमार लोगों से पूछताछ तक नहीं हुई। नगर की एक महिला को स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने से जुकाम बुखार से पीड़ित लोगों में हड़कंप है।
नगर की अशोक कालोनी निवासी पवन यादव की पत्नी को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि के बाद दूसरे दिन बुधवार को नगर में सुअरों के विचरण को लेकर न तो कोई अलर्ट जारी किया गया और न ही सुअरों के वैक्शीनेशन आदि की व्यवस्था की गई। अशोक कालोनी में खाली पड़े कुछ प्लाटों मेें सुअर विचरण करते देखे गए। नगर पालिका कर्मचारियों की माने तो नगर और पूरनपुर देहात में ही 45 सुअर पालक और उनके पास करीब डेढ़ हजार सुअर हैं। सुअर रेलवे प्लेटफार्म के समीप के अलावा अशोक कालोनी, धानुको वाली गौटिया, लाइनपार आदि मोहल्लों के खाली पड़े प्लाटों में अक्सर देखे जाते हैं। रेलवे स्टेशन के समीप तो सुबह होते ही छोड़े गए सुअर स्टेशन के सामने तालाब और उसके आसपास अपना डेरा जमा लेते हैं। नगर पालिका की ओर से तीज त्योहार पर सुअर पालकों को नोटिस जारी कर सुअरों को बाड़े में रखने की हिदायत दी जाती है। पशु पालन विभाग के पास सुअरों और अन्य आवारा पशुओं को वैक्साीनेशन की व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट तो हुआ, लेकिन सीएचसी में मात्र स्पेशल वार्ड बनाने के अलावा और कोई प्रयास नहीं हुए। यहां तक की जिस मोहल्ला में स्वाइन फ्लू का मरीज मिला, उसके मोहल्ला के आसपास ऐसे लोगों का भी हाल नहीं लिया गया, जो बुखार, जुकाम आदि से पीड़ित हैं।
00000
पकड़कर छोड़ने पड़े थे सुअर
नगर में आबादी में विचरण करने वाले सुअरों पर रोकथाम को नगर पालिका ने एक बार प्रयास कर आबादी में घूमने वाले कुछ सुअरों को पकड़वाया था। नगर पालिका के पास सुअरों को रखने को जगह न होने पर आखिर पकड़े गए सुअर उनके पालकों को चेतावनी देकर छोड़ने पड़े थे। हालांकि उधर, कुछ सुअर पालकों का तर्क है कि उनके पशु आबादी में नहीं विचरण करते। आबादी के बाहर सुअरों को घुमाने ले जाया जाता है।
विज्ञापन
00000
आबादी में सुअरों का विचरण रोकने का काम प्रशासन और नगर पालिका का है। सुअर और अन्य पशुओं को वैक्सीनेशन की व्यवस्था नहीं है। हालांकि पालतू कुत्तों को उनके मालिक द्वारा वैक्सीनेशन करवाने पर वैक्सीन लगवाई जाती है। पालतू पशुओं में गला घोटू, मुंहपका, खुरपका बीमारी रोकने को बैक्सीनेशन समय-समय पर किया जाता है।
- डॉ. एमपी सिंह डिप्टी सीवीओ
000000
स्वाइन फ्लू को लेकर सीएचसी में अलग से वार्ड की व्यवस्था की गई है। बीमारी को लेकर क्षेत्र में पूरी मुस्तैदी की गई है। अशोक कालोनी मेें स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने को लेकर उसके आसपास के लोगों से बुखार, जुकाम आदि को लेकर जानकारी एकत्र करने को चार सदस्यीय टीम बनाई गई है। बुधवार को बारिश के चलते टीम सर्वे नहीं कर सकी। पूरे मोहल्ले का सर्वे कराया जाएगा।
- डॉ. मोहम्मद असलम, एमओआईसी
छह माह के गर्भ से हैं स्वाइन फ्लू की पीड़ित सीमा
पूरनपुर। स्वाइन फ्लू से पीड़ित बरेली के एक अस्पताल में भर्ती सीमा यादव की हालत में बुधवार को भी कोई खास सुधार नहीं हुआ। सीमा के पति पवन यादव ने बताया कि सीमा छह माह के गर्भ से है। इसको लेकर बुधवार को चिकित्सकों ने जांच करवाई। जांच के बाद गर्भ को लेकर सब ठीक बताया। हालांकि सीमा को ठीक होने में कितने दिन लगेंगे यह चिकित्सक नहीं बता रहे हैं।
विज्ञापन
नगर की अशोक कालोनी निवासी पवन यादव की पत्नी को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि के बाद दूसरे दिन बुधवार को नगर में सुअरों के विचरण को लेकर न तो कोई अलर्ट जारी किया गया और न ही सुअरों के वैक्शीनेशन आदि की व्यवस्था की गई। अशोक कालोनी में खाली पड़े कुछ प्लाटों मेें सुअर विचरण करते देखे गए। नगर पालिका कर्मचारियों की माने तो नगर और पूरनपुर देहात में ही 45 सुअर पालक और उनके पास करीब डेढ़ हजार सुअर हैं। सुअर रेलवे प्लेटफार्म के समीप के अलावा अशोक कालोनी, धानुको वाली गौटिया, लाइनपार आदि मोहल्लों के खाली पड़े प्लाटों में अक्सर देखे जाते हैं। रेलवे स्टेशन के समीप तो सुबह होते ही छोड़े गए सुअर स्टेशन के सामने तालाब और उसके आसपास अपना डेरा जमा लेते हैं। नगर पालिका की ओर से तीज त्योहार पर सुअर पालकों को नोटिस जारी कर सुअरों को बाड़े में रखने की हिदायत दी जाती है। पशु पालन विभाग के पास सुअरों और अन्य आवारा पशुओं को वैक्साीनेशन की व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट तो हुआ, लेकिन सीएचसी में मात्र स्पेशल वार्ड बनाने के अलावा और कोई प्रयास नहीं हुए। यहां तक की जिस मोहल्ला में स्वाइन फ्लू का मरीज मिला, उसके मोहल्ला के आसपास ऐसे लोगों का भी हाल नहीं लिया गया, जो बुखार, जुकाम आदि से पीड़ित हैं।
विज्ञापन
00000
पकड़कर छोड़ने पड़े थे सुअर
नगर में आबादी में विचरण करने वाले सुअरों पर रोकथाम को नगर पालिका ने एक बार प्रयास कर आबादी में घूमने वाले कुछ सुअरों को पकड़वाया था। नगर पालिका के पास सुअरों को रखने को जगह न होने पर आखिर पकड़े गए सुअर उनके पालकों को चेतावनी देकर छोड़ने पड़े थे। हालांकि उधर, कुछ सुअर पालकों का तर्क है कि उनके पशु आबादी में नहीं विचरण करते। आबादी के बाहर सुअरों को घुमाने ले जाया जाता है।
विज्ञापन
00000
आबादी में सुअरों का विचरण रोकने का काम प्रशासन और नगर पालिका का है। सुअर और अन्य पशुओं को वैक्सीनेशन की व्यवस्था नहीं है। हालांकि पालतू कुत्तों को उनके मालिक द्वारा वैक्सीनेशन करवाने पर वैक्सीन लगवाई जाती है। पालतू पशुओं में गला घोटू, मुंहपका, खुरपका बीमारी रोकने को बैक्सीनेशन समय-समय पर किया जाता है।
- डॉ. एमपी सिंह डिप्टी सीवीओ
000000
स्वाइन फ्लू को लेकर सीएचसी में अलग से वार्ड की व्यवस्था की गई है। बीमारी को लेकर क्षेत्र में पूरी मुस्तैदी की गई है। अशोक कालोनी मेें स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने को लेकर उसके आसपास के लोगों से बुखार, जुकाम आदि को लेकर जानकारी एकत्र करने को चार सदस्यीय टीम बनाई गई है। बुधवार को बारिश के चलते टीम सर्वे नहीं कर सकी। पूरे मोहल्ले का सर्वे कराया जाएगा।
- डॉ. मोहम्मद असलम, एमओआईसी
छह माह के गर्भ से हैं स्वाइन फ्लू की पीड़ित सीमा
पूरनपुर। स्वाइन फ्लू से पीड़ित बरेली के एक अस्पताल में भर्ती सीमा यादव की हालत में बुधवार को भी कोई खास सुधार नहीं हुआ। सीमा के पति पवन यादव ने बताया कि सीमा छह माह के गर्भ से है। इसको लेकर बुधवार को चिकित्सकों ने जांच करवाई। जांच के बाद गर्भ को लेकर सब ठीक बताया। हालांकि सीमा को ठीक होने में कितने दिन लगेंगे यह चिकित्सक नहीं बता रहे हैं।