{"_id":"5c8d318dbdec2213f932ebbd","slug":"171552757133-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डगा गांव के निकट पहुंचा बाघ, खेत से भागे मजदूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डगा गांव के निकट पहुंचा बाघ, खेत से भागे मजदूर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माधोटांडा। बराही रेंज के अंतर्गत डगा गांव की सीमा में तीन दिन पूर्व से बाघ की चहलकदमी जारी है। शनिवार दोपहर बाद गांव के निकट खेत पर बैव घास की खुदाई कर रहे मजदूरों के उस समय होश उड़ गए जब नहर की झाड़ियों से निकला बाघ खेत की ओर बढ़ा। बाघ देखकर दहशत में आए मजदूरों ने गांव की ओर दौड़ लगा दी।
टाइगर रिजर्व की बराही रेंज के अंतर्गत हल्दीडेंगा क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी पूर्व से ही खतरा की घंटी मानी जाती रही है। यहां खारजा नहर की पटरी पर खड़ी जंगल झाड़ी इसकी मुख्य वजह मानी जाती है। इधर तीन दिन पूर्व से जंगल से बाहर निकला बाघ हल्दीडेंगा क्षेत्र के अंतर्गत डगा गांव की सीमा तक चहलकदमी कर रहा है। शनिवार को एक बार पुन: बाघ ने गांव के निकट दस्तक दे डाली। यहां गांव निवासी तौफीक खां के खेत में बैव घास की खुदाई का कार्य चल रहा है। इसके चलते मौर्य गौठिया निवासी मजदूर शंकर लाल, हरीबाबू व सालिक राम समेत अन्य मजदूर बैव घास की खुदाई कर रहे थे। अपराह्न करीब एक बजे नहर की पटरी से निकला बाघ पास के खेत की ओर पहुंच गया। बाघ की चहलकदमी देख सहमें मजदूरों ने गांव की और दौड़ लग दी। ग्रामीणों के अलावा वन विभाग को भी जानकारी दी गई है। मौके पर बाघ के पगचिह्न भी मिले है।
विज्ञापन
टाइगर रिजर्व की बराही रेंज के अंतर्गत हल्दीडेंगा क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी पूर्व से ही खतरा की घंटी मानी जाती रही है। यहां खारजा नहर की पटरी पर खड़ी जंगल झाड़ी इसकी मुख्य वजह मानी जाती है। इधर तीन दिन पूर्व से जंगल से बाहर निकला बाघ हल्दीडेंगा क्षेत्र के अंतर्गत डगा गांव की सीमा तक चहलकदमी कर रहा है। शनिवार को एक बार पुन: बाघ ने गांव के निकट दस्तक दे डाली। यहां गांव निवासी तौफीक खां के खेत में बैव घास की खुदाई का कार्य चल रहा है। इसके चलते मौर्य गौठिया निवासी मजदूर शंकर लाल, हरीबाबू व सालिक राम समेत अन्य मजदूर बैव घास की खुदाई कर रहे थे। अपराह्न करीब एक बजे नहर की पटरी से निकला बाघ पास के खेत की ओर पहुंच गया। बाघ की चहलकदमी देख सहमें मजदूरों ने गांव की और दौड़ लग दी। ग्रामीणों के अलावा वन विभाग को भी जानकारी दी गई है। मौके पर बाघ के पगचिह्न भी मिले है।
विज्ञापन