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जर्जर कोठरी ढही, मलबे में दबकर वृद्धा की मौत

Thu, 02 Aug 2018 11:18 PM IST
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:18 PM IST
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जर्जर कोठरी ढही, मलबे में दबकर वृद्धा की मौत
02 पीबीटीपी 16,17,18
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जर्जर कोठरी ढही, मलबे में दबकर वृद्धा की मौत
क्रासर....
एसडीएम, विधायक मौके पर पहुंचे, परिजनों को बंधाया ढांढस
क्रासर....
बिलसंडा क्षेत्र के गौहनिया गोपीपुरा गांव का मामला, शव पोस्टमार्टम को भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
बिलसंडा /पीलीभीत। नहाने के लिए नल पर पानी भरने गई 65 वर्षीय वृद्धा गौहनिया गोपीपुरा गांव निवासी लीलावती की जर्जर कोठरी ढहने से मलबे में दबकर मौत हो गई। कोठरी गिरने की आवाज सुनकर परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद शव को बमुश्किल बाहर निकाला जा सका। एसडीएम और बीसलपुर पुलिस ने मुआयना कर जानकारी जुटाई और परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इसके बाद बिलसंडा पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बिलसंडा थाना क्षेत्र के गौहनिया योगीपुरा गांव निवासी लीलावती पत्नी स्वर्गीय लालता प्रसाद परिवार संग रहती हैं। वैसे तो मकान के अधिकांश हिस्सा पक्का और टिनशेड पड़ा हुआ है लेकिन परिसर के एक हिस्से में बनी कोठरी जर्जर हालत में है। उसी के पास पानी का नल लगा हुआ है। रोज की तरह बृहस्पतिवार सुबह साढ़े नौ बजे लीलावती घरेलू कामकाज निपटाने के बाद नहाने के लिए जा रही थी। इस बीच पानी भरने के लिए नल पर पहुंची। नल से पानी भर रही थीं कि जर्जर कोठरी सुबह से हो रही तेज बारिश के चलते भरभराकर ढह गई। इस दौरान नल पर पानी भर रही वृद्धा कोठरी के मलबे में दब गई। कोठरी ढहने की आवाज सुनकर परिजन व आसपास के लोग जमा हो गए। इसके बाद बमुश्किल वृद्धा के शव को बाहर निकाला जा सका। इसकी सूचना पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को दी गई। कुछ ही देर में विधायक रामसरन वर्मा, एसडीएम बीसलपुर राकेश कुमार, थानाध्यक्ष मनोज कुमार त्यागी मौके पर पहुंच गए। परिवार के लोगों से बातचीत कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद से परिवार में चीखपुकार मची हुई है।
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महिला की मौत की सूचना मिलने पर मौके पर जाकर जानकारी जुटाई गई है। मृतक महिला के नाम पर अगर जमीन निकलती है तो कृषक दुर्घटना बीमा से पांच लाख रुपये अनुदान और दैवीय आपदा के तहत चार लाख रुपये दिए जाएंगे। परिवार के लोगों को इसकी प्रक्रिया को बताते हुए मदद का भरोसा दिलाया गया है। - राकेश कुमार, एसडीएम बीसलपुर
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आधे घंटे बाद मलबा हटा तो दम तोड़ चुकी थीं लीलावती
बरसात के चलते मकान ढहने से छह दिन में बीसलपुर क्षेत्र में दूसरी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
बिलसंडा (पीलीभीत)। बरसात भले किसानों के लिए राहत ला रही हो लेकिन पुराने जर्जर आशियानों में गुजर-बसर करने वालों के लिए ये जानलेवा साबित हो रही है। बीसलपुर तहसील क्षेत्र में छह दिन के भीतर दो वृद्ध महिलाएं इसका खामियाजा जान देकर चुका गई हैं। हाल ही में 28 जुलाई की सुबह बीसलपुर के पटेल नगर इलाके में बारिश के बाद कच्चा मकान ढह गया था। हादसे में मलबे में दबकर 60 वर्षीय रामवती की मौत हो गई थी। इसके अलावा परिवार के सात लोग घायल हो गए थे। इस हादसे को भुलाया नहीं जा सका था कि दोबारा तेज बरसात होते ही एक और जान चली गई है। मात्र छह दिन के भीतर हुई दो मौतों से प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लग गया है। अधिकारी इसको लेकर अलर्ट तो जारी कर रहे हैं लेकिन इसका चिन्हीकरण कराकर ऐसा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है, इससे दुखद हादसों को रोका जा सके। बीसलपुर के बाद अब बिलसंडा के गौहनिया गोपीपुरा गांव निवासी लीलावती की मौत के बाद फिर प्रशासनिक मशीनरी पूर्व की तरह बयानबाजी कर भरोसा दिलाने में जुटी है। वहीं परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है।

लीलावती के पति लालता प्रसाद की 12 साल पहले मौत हो गई थी। उनके तीन बेटे मोहनलाल, जगन्नाथ, पतराखनलाल व दो विवाहित पुत्रियां हैं। छोटा बेटा पतराखन मानसिक रूप से कमजोर हैं। एक ही मकान में वह तीनों बेटों के साथ जीवनयापन कर रही थीं। बृहस्पतिवार सुबह परिवार के अन्य सदस्य घर के बाहर बैठे हुए थे। लीलावती घरेलू कामकाज करने के बाद नहाने के लिए नल पर पानी भरने के लिए गई हुई थीं। सुबह से हो रही तेज बारिश के चलते मकान के एक हिस्से में बनी जर्जर कोठरी उनकी मौत का सबब बन जाएगी, किसी ने सोचा भी नहीं था। घर के बाहर मौजूद परिजनों ने तेज आवाज सुनी तो वह दौड़कर भीतर आ गए। यहां देखा तो कोठरी धराशाई हो चुकी और उनकी मां मलबे में दबी हुई थीं। इस पर शोर मचाकर आसपास के लोगों को जमा किया। इसके बाद सभी ने एकजुट होकर मलबा हटाना शुरू किया। करीब आधे धंटे की मशक्कत के बाद मलबे में दबी लीलावती को बाहर तो निकालने में कामयाबी मिल गई लेकिन उनकी तब तक मौत हो चुकी थी। वृद्ध मां की मौत के बाद से सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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