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सोलर लाइट लगाने में खेल, प्रशासन फेल
Sun, 23 Dec 2018 10:19 PM IST
zaidi saba
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Published by: zaidi saba
Updated Sun, 23 Dec 2018 10:19 PM IST
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solar light
- फोटो : amar ujala
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नियमों को ताक पर रखकर नेडा से लगवाने के बजाए ठेकेदार को दे दी जिम्मेदारी
नेडा विभाग वाले बोले- तीन साल से नहीं की विभाग से सोलर लाइट की खरीद
कूड़ेदान घोटाले में कार्रवाई के नाम पर इक्का-दुक्का प्रधान व सचिवों पर कार्रवाई का मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, वहीं अब ग्राम पंचायतों में पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर लाइट लगवाने में बड़ा घोटाला किए जाने का मामला सामने आया है। जिले में गांवों को सोलर लाइटों से रोशन करने की मुहिम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। नेडा द्वारा दी जाने वाली लाइट और ग्राम प्रधानों द्वारा स्वयं लगवाई जा रही लाइटों की कीमत में भारी अंतर है। कमीशनखोरी के खेल में प्रधान, सचिव आदि ने बहती गंगा में हाथ धोया है। माना जा रहा है कि इस मामले की ढंग से जांच हुई तो कई की गर्दन फंसना तय है।
ग्रामीण अंचलों में बिजली कटौती की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए करीब तीन साल पूर्व सोलर लाइट लगाने की कवायद शुरू हुई। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के सात ब्लॉकों के 721 गांवों में ग्राम पंचायत निधि से चार हजार से ज्यादा सोलर लाइटें लगाई जा चुकी हैं। कुछ पंचायतों में पांच से दस सोलर लाइटें तो कुछ में 25 से 40 तक लाइटें लगाई गई हैं। खास बात यह है कि बाजार में सोलर लाइट की कीमत 13 से 15 हजार रुपये बताई गई है, उसी को 21 से 22 हजार की दर से खर्च दिखाकर ठेकेदार ने अफसरों से सांठगांठ कर भुगतान करा लिया। दबी जुबान से इसे प्रधान भी स्वीकार कर रहे हैं लेकिन वे खुलकर सामने आने से कतरा रहे हैं। प्रधानों का कहना है कि सरकारी धन अगर अधिकारियों की मंशा के अनुरूप नहीं खर्च करते तो परेशान होना पड़ता। एक प्रधान ने तो यहां तक बताया कि अधिकारी पहले से सोलर लाइट खरीदने के लिए ठेकेदारों को तय कर चुके थे। इस वजह से हम वहीं से सोलर लाइट खरीद रहे हैं, जहां से खरीदने का निर्देश मिला है।
एक ही ठेकदार को दिया गया था ठेका
विभागीय सूत्रों की मानें तो अफसरों के करीबी जिस ठेकेदार को कूड़ेदान का ठेका दिया गया, उसी को ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट लगाने की जिम्मेदारी दी गई। बताया जाता है कि ठेकेदार की माधोटांडा रोड पर सोलर लाइट व देवीपुरा गौशाला के पास वेल्डिंग की दुकान है। जहां आज भी पुराने कूड़ेदान को पेंट कर उनको स्वच्छ भारत मिशन के कूड़ेदान का नया रूप दिया जा रहा है।
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बिलसंडा व मरौरी ब्लॉक में खेल
बिलसंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत चरखौला, रोहतापुर, गौहनिया, नांद व मरौरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरहा, नौगवा पकड़िया में नियमों को ताक पर रखकर सोलर लाइट लगाई गई हैं। वहीं पंचायती राज विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इस मामले में पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं।
सोलर लाइट की मांगी सूचनाएं
आरटीआई कार्यकर्ता ईश्वरी प्रसाद ने सोलर लाइट में गड़बड़झाला उजागर करने के लिए जिला पंचायती राज कार्यालय से जन सूचना अधिकार कानून के तहत जानकारी मांगी है। प्रार्थना पत्र देकर एक-एक गांव में लगे सोलर लाइट, किस संस्था ने लगवाया और उसकी कीमत कितनी है और कितने का चेक कटा।
यूपी नेडा से खरीदने का है प्रावधान
ग्राम पंचायतों में लगाए जाने वाली सोलर लाइट नियमानुसार नेडा विभाग से ही लगनी चाहिए। लेकिन कमीशनखोरी के चक्कर में पंचायती राज विभाग नेडा से सोलर लाइटों की खरीद नहीं करता है। नेडा विभाग के अधिकारियों की मानें तो तीन साल से उनके यहां से सोलर लाइट नहीं खरीदी गई हैं। यह आलम तब है जब बीते दिनों निदेशक पंचायती राज ने इस संबंध में पत्र जारी कर यूपी नेडा और उससे संबद्ध एजेंसियों से ही सोलर लाइट खरीदे जाने के निर्देश दिए थे।
कराई जाएगी जांच, होगी कार्रवाई : सीडीओ
मुख्य विकास अधिकारी राजीव बनकटा ने कहा कि कूड़ेदान वाला मामला मेरे कार्यकाल का नहीं है। नियमानुसार ग्राम पंचायतों में नेडा से ही सोलर लाइट लगनी चाहिए। शिकायत के आधार पर सोलर लाइट में की गई धांधली की जांच कराई जाएगी। जांच में जिसकी भी मिलीभत सामने आती है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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नेडा विभाग वाले बोले- तीन साल से नहीं की विभाग से सोलर लाइट की खरीद
कूड़ेदान घोटाले में कार्रवाई के नाम पर इक्का-दुक्का प्रधान व सचिवों पर कार्रवाई का मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, वहीं अब ग्राम पंचायतों में पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर लाइट लगवाने में बड़ा घोटाला किए जाने का मामला सामने आया है। जिले में गांवों को सोलर लाइटों से रोशन करने की मुहिम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। नेडा द्वारा दी जाने वाली लाइट और ग्राम प्रधानों द्वारा स्वयं लगवाई जा रही लाइटों की कीमत में भारी अंतर है। कमीशनखोरी के खेल में प्रधान, सचिव आदि ने बहती गंगा में हाथ धोया है। माना जा रहा है कि इस मामले की ढंग से जांच हुई तो कई की गर्दन फंसना तय है।
ग्रामीण अंचलों में बिजली कटौती की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए करीब तीन साल पूर्व सोलर लाइट लगाने की कवायद शुरू हुई। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के सात ब्लॉकों के 721 गांवों में ग्राम पंचायत निधि से चार हजार से ज्यादा सोलर लाइटें लगाई जा चुकी हैं। कुछ पंचायतों में पांच से दस सोलर लाइटें तो कुछ में 25 से 40 तक लाइटें लगाई गई हैं। खास बात यह है कि बाजार में सोलर लाइट की कीमत 13 से 15 हजार रुपये बताई गई है, उसी को 21 से 22 हजार की दर से खर्च दिखाकर ठेकेदार ने अफसरों से सांठगांठ कर भुगतान करा लिया। दबी जुबान से इसे प्रधान भी स्वीकार कर रहे हैं लेकिन वे खुलकर सामने आने से कतरा रहे हैं। प्रधानों का कहना है कि सरकारी धन अगर अधिकारियों की मंशा के अनुरूप नहीं खर्च करते तो परेशान होना पड़ता। एक प्रधान ने तो यहां तक बताया कि अधिकारी पहले से सोलर लाइट खरीदने के लिए ठेकेदारों को तय कर चुके थे। इस वजह से हम वहीं से सोलर लाइट खरीद रहे हैं, जहां से खरीदने का निर्देश मिला है।
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एक ही ठेकदार को दिया गया था ठेका
विभागीय सूत्रों की मानें तो अफसरों के करीबी जिस ठेकेदार को कूड़ेदान का ठेका दिया गया, उसी को ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट लगाने की जिम्मेदारी दी गई। बताया जाता है कि ठेकेदार की माधोटांडा रोड पर सोलर लाइट व देवीपुरा गौशाला के पास वेल्डिंग की दुकान है। जहां आज भी पुराने कूड़ेदान को पेंट कर उनको स्वच्छ भारत मिशन के कूड़ेदान का नया रूप दिया जा रहा है।
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बिलसंडा व मरौरी ब्लॉक में खेल
बिलसंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत चरखौला, रोहतापुर, गौहनिया, नांद व मरौरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरहा, नौगवा पकड़िया में नियमों को ताक पर रखकर सोलर लाइट लगाई गई हैं। वहीं पंचायती राज विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इस मामले में पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं।
सोलर लाइट की मांगी सूचनाएं
आरटीआई कार्यकर्ता ईश्वरी प्रसाद ने सोलर लाइट में गड़बड़झाला उजागर करने के लिए जिला पंचायती राज कार्यालय से जन सूचना अधिकार कानून के तहत जानकारी मांगी है। प्रार्थना पत्र देकर एक-एक गांव में लगे सोलर लाइट, किस संस्था ने लगवाया और उसकी कीमत कितनी है और कितने का चेक कटा।
यूपी नेडा से खरीदने का है प्रावधान
ग्राम पंचायतों में लगाए जाने वाली सोलर लाइट नियमानुसार नेडा विभाग से ही लगनी चाहिए। लेकिन कमीशनखोरी के चक्कर में पंचायती राज विभाग नेडा से सोलर लाइटों की खरीद नहीं करता है। नेडा विभाग के अधिकारियों की मानें तो तीन साल से उनके यहां से सोलर लाइट नहीं खरीदी गई हैं। यह आलम तब है जब बीते दिनों निदेशक पंचायती राज ने इस संबंध में पत्र जारी कर यूपी नेडा और उससे संबद्ध एजेंसियों से ही सोलर लाइट खरीदे जाने के निर्देश दिए थे।
कराई जाएगी जांच, होगी कार्रवाई : सीडीओ
मुख्य विकास अधिकारी राजीव बनकटा ने कहा कि कूड़ेदान वाला मामला मेरे कार्यकाल का नहीं है। नियमानुसार ग्राम पंचायतों में नेडा से ही सोलर लाइट लगनी चाहिए। शिकायत के आधार पर सोलर लाइट में की गई धांधली की जांच कराई जाएगी। जांच में जिसकी भी मिलीभत सामने आती है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।