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सभी को भुगतना पड़ता है कर्मों का फल
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बिलसंडा। नगर के सत्संग भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक बलरामकृष्ण ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को अपने कर्मों का फल भुगतना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि देश को खुशहाल बनाने के लिए गऊ, ब्राह्मण, संतों ने त्याग किया है। कथावाचक ने ध्रुव और प्रहलाद की भक्ति तथा रावण के अहंकार का भी वर्णन किया। ब्यूरो
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उन्होंने कहा कि देश को खुशहाल बनाने के लिए गऊ, ब्राह्मण, संतों ने त्याग किया है। कथावाचक ने ध्रुव और प्रहलाद की भक्ति तथा रावण के अहंकार का भी वर्णन किया। ब्यूरो