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काउंसिलिंग में वास्तविक उपस्थिति की हकीकत उजागर नहीं, भटकते रहे टीचर
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पीलीभीत। जिले के अंदर समायोजन/पारस्परिक स्थानांतरण के तहत हुई काउंसलिंग गलत मानकों पर शुरू कर दी गई। खुलासा तब हुआ जब कुछ शिक्षिकाएं एडीएम अतुल सिंह से मिलीं और समायोजन के मानकों के बारे में जानकारी की तो पता चला कि समायोजन मिड-डे मील (एमडीएम) की वास्तविक औसत उपस्थिति के अनुसार होगा। बीएसए ने तत्काल सभी बीईओ से जानकारी की तो दो ब्लॉकों की सूची सर्वाधिक उपस्थिति से बनना पाई गई। इस पर एडीएम ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए। देर शाम तक सूची में सुधार न होने से बीसलपुर और ललौरीखेड़ा की काउंसलिंग नहीं हो सकी।
जिले में समायोजन/पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत 141 सरप्लस शिक्षक शिक्षिकाएं पाई गईं। हालांकि कौन से मानकों से समायोजन होगा, इसकी तस्वीर साफ नहीं की गई। इसी के चलते बृहस्पतिवार को मरौरी ब्लॉक की शिक्षिकाएं पहुंची, लेकिन उनकी एक न सुनी गई। इधर, विभाग से शुक्रवार सुबह नौ बजे से एडीएम अतुल कुमार की अध्यक्षता में 141 शिक्षक-शिक्षिकाओं की काउंसलिंग शुरू कर दी गई।
दोपहर 12 बजे हुआ खुलासा, एडीएम ने दिए सुधार के निर्देश
काउंसलिंग के दौरान कुछ शिक्षिकाओं ने समायोजन के मानकों के बारे जानकारी की तो पता चला कि एमडीएम की वास्तविक औसत उपस्थिति तो किसी ने गत वर्ष अक्तूबर की सर्वाधिक औसत उपस्थिति के अनुसार सूची तैयार की है। इसको लेकर शिक्षिकाओं ने एडीएम के सामने अपनी बात रखी। एडीएम ने बीएसए देवेंद्र स्वरूप से पूछा तो वे भी स्थिति स्पष्ट नहीं कर सके। बीएसए ने मरौरी के बीईओ श्रीराम सक्सेना से सूची में मानकों के संबंध में जानकारी की तो उन्होंने बताया कि सूची एमडीएम की वास्तविक औसत उपस्थिति के अनुसार बनाई गई है। बिलसंडा, पूरनपुर, अमरिया, बरखेड़ा की सूचियां इसी अनुसार बनना पाई गईं, जबकि ललौरीखेड़ा और बीसलपुर की सूची सर्वाधिक उपस्थिति के आधार पर बनी मिलीं। एडीएम ने तत्काल सुधार कर दोनों ब्लॉकों की दूसरी सूची बनाने के निर्देश दिए।
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असंतुष्ट शिक्षक-शिक्षिकाएं कोर्ट जाने के मूड में
काउंसलिंग के दौरान कई शिक्षक शिक्षिकाएं बनाई गई सूचियों में गड़बड़ी होने की आशंका जता रहे थे। उनका कहना था कि सूची में अब भी कई खामियां है। यदि दोबारा समायोजन नहीं किया गया तो वे कोर्ट जाएंगी।
दो ब्लॉकों की काउंसलिंग रुकी
समायोजन को बीसलपुर और ललौरीखेड़ा के बीईओ द्वारा गत वर्ष की सर्वाधिक वास्तविक उपस्थिति के आधार पर सूची बनाई गई जो कि शासनादेश के विरुद्ध पाई गई। एडीएम ने तत्काल एमडीएम की वास्तविक औसत उपस्थिति के अनुसार सूची बनाने के निर्देश दिए। हालांकि देर शाम तक सूची न बनने से दोनों ब्लॉकों की काउंसलिंग नहीं हो सकी।
17 शिक्षकों को काउंसलिंग से हटाया
काउंसलिंग के दौरान ऐसे सीनियर शिक्षक शिक्षिकाओं को सूची से हटा दिया, जिनका रिटायरमेंट करीब है। बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने बताया कि जिन शिक्षकों का रिटायरमेंट मार्च 2020 में होना है। उन्हें काउंसलिंग से दूर रखा गया है।
समायोजन/पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया के मानक को लेकर भ्रम की स्थिति थी। जिसे दुरुस्त करने को कहा गया है। बीसलपुर और ललौरीखेड़ा की सूची दोबारा बनाई जा रही है।
- देवेंद्र स्वरूप, बीएसए
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जिले में समायोजन/पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत 141 सरप्लस शिक्षक शिक्षिकाएं पाई गईं। हालांकि कौन से मानकों से समायोजन होगा, इसकी तस्वीर साफ नहीं की गई। इसी के चलते बृहस्पतिवार को मरौरी ब्लॉक की शिक्षिकाएं पहुंची, लेकिन उनकी एक न सुनी गई। इधर, विभाग से शुक्रवार सुबह नौ बजे से एडीएम अतुल कुमार की अध्यक्षता में 141 शिक्षक-शिक्षिकाओं की काउंसलिंग शुरू कर दी गई।
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दोपहर 12 बजे हुआ खुलासा, एडीएम ने दिए सुधार के निर्देश
काउंसलिंग के दौरान कुछ शिक्षिकाओं ने समायोजन के मानकों के बारे जानकारी की तो पता चला कि एमडीएम की वास्तविक औसत उपस्थिति तो किसी ने गत वर्ष अक्तूबर की सर्वाधिक औसत उपस्थिति के अनुसार सूची तैयार की है। इसको लेकर शिक्षिकाओं ने एडीएम के सामने अपनी बात रखी। एडीएम ने बीएसए देवेंद्र स्वरूप से पूछा तो वे भी स्थिति स्पष्ट नहीं कर सके। बीएसए ने मरौरी के बीईओ श्रीराम सक्सेना से सूची में मानकों के संबंध में जानकारी की तो उन्होंने बताया कि सूची एमडीएम की वास्तविक औसत उपस्थिति के अनुसार बनाई गई है। बिलसंडा, पूरनपुर, अमरिया, बरखेड़ा की सूचियां इसी अनुसार बनना पाई गईं, जबकि ललौरीखेड़ा और बीसलपुर की सूची सर्वाधिक उपस्थिति के आधार पर बनी मिलीं। एडीएम ने तत्काल सुधार कर दोनों ब्लॉकों की दूसरी सूची बनाने के निर्देश दिए।
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असंतुष्ट शिक्षक-शिक्षिकाएं कोर्ट जाने के मूड में
काउंसलिंग के दौरान कई शिक्षक शिक्षिकाएं बनाई गई सूचियों में गड़बड़ी होने की आशंका जता रहे थे। उनका कहना था कि सूची में अब भी कई खामियां है। यदि दोबारा समायोजन नहीं किया गया तो वे कोर्ट जाएंगी।
दो ब्लॉकों की काउंसलिंग रुकी
समायोजन को बीसलपुर और ललौरीखेड़ा के बीईओ द्वारा गत वर्ष की सर्वाधिक वास्तविक उपस्थिति के आधार पर सूची बनाई गई जो कि शासनादेश के विरुद्ध पाई गई। एडीएम ने तत्काल एमडीएम की वास्तविक औसत उपस्थिति के अनुसार सूची बनाने के निर्देश दिए। हालांकि देर शाम तक सूची न बनने से दोनों ब्लॉकों की काउंसलिंग नहीं हो सकी।
17 शिक्षकों को काउंसलिंग से हटाया
काउंसलिंग के दौरान ऐसे सीनियर शिक्षक शिक्षिकाओं को सूची से हटा दिया, जिनका रिटायरमेंट करीब है। बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने बताया कि जिन शिक्षकों का रिटायरमेंट मार्च 2020 में होना है। उन्हें काउंसलिंग से दूर रखा गया है।
समायोजन/पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया के मानक को लेकर भ्रम की स्थिति थी। जिसे दुरुस्त करने को कहा गया है। बीसलपुर और ललौरीखेड़ा की सूची दोबारा बनाई जा रही है।
- देवेंद्र स्वरूप, बीएसए