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एडी के निरीक्षण में मिली तमाम खामियां
Updated Mon, 28 Aug 2017 06:20 PM IST
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पूरनपुर/पीलीभीत। अपर निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) डॉ. प्रमिला गौड़ को सीएचसी के निरीक्षण में काउंसलर सरोजनी और स्टाफ नर्स मंदीप कौर गैरहाजिर मिलीं। भीषण गंदगी और प्रसव कक्ष में एक्सपायरी दवाई और इंजेक्शन मिले। खिड़की के शीशे ठीक नहीं मिले। आरकेएस फंड से साफ-सफाई आदि व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के साथ सफाई कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश एमओआईसी को दिए हैं।
अपर निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) बरेली डॉ. प्रमिला गौड़ ने सीएचसी में प्रसव कक्ष, वार्ड आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण में जगह-जगह गंदगी मिली, वार्ड के कुछ पंखे चलते नहीं मिले। प्रसव कक्ष के शीशे टूटे मिले। स्टाफ नर्स और काउंसलर गैरहाजिर मिली। वार्ड में मरीजों के बेड के पास दवाई की लटक रही खाली बोतलों पर रोष व्यक्त किया। प्रसव कक्ष में कुछ दवाई और इंजेक्शन एक्सपायरी मिलीं। व्यापारी नेता विजयपाल विक्की ने सीएचसी में एंटी रैबीज लगवाने आने वाले मरीजों को टरकाने का आरोप लगाया। इस पर उन्होंने स्टाक रजिस्टर चेक कराया। रजिस्टर ठीक न मिलने पर एमओआईसी को रजिस्टर की जांच करवाने और चीफ फार्मेसिस्ट को स्थिति सुधारने की चेतावनी दी। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में भीषण गंदगी, खिड़कियों के शीशे टूटे मिले। रोगी कल्याण समिति से व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने, गंदगी न हो इसके लिए परिसर में धूम्रपान पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने के निर्देश एमओआईसी को दिए गए है। परिसर में बेतरतीव खड़े होने वाले वाहनों को लेकर पार्किंग की व्यवस्था कराने, ताकि एंबुलेंस इमरजेंसी तक आसानी से पहुंच सके और मरीजों को असुविधा न हो के निर्देश दिए गए।
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स्वाइन फ्लू से बचने के बताए उपाय
अपर निदेशक डॉ. प्रमिला गौड़ ने बार-बार छींके आना, नाक में जलन महसूस होना गले में खरासे, सास फूलना आदि स्वाइन फ्लू के लक्षण बताए। साथ ही कहा कि उक्त लक्षण मिलने पर दवाई से पहले गर्म पानी से गरारे करे। गर्म पानी से मुंह धोएं। हाथों को साफ रखे। अगर किसी बच्चे में यह लक्षण है तो उसे अन्य बच्चों से दूर रखे। समय रहते चिकित्सक से सलाह लें। उन्होंने बताया कि सावधानी से स्वाइन फ्लू से दवाई से पहले ही बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस बार चिकिन गुनिया बुखार का प्रकोप नहीं रहा है।
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लापरवाह चिकित्सकों की रिपोर्ट देने के दिए निर्देश
जटपुरा पीएचसी में आदेश के बाद भी चिकित्सकों के न पहुंचने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। जटपुरा पीएचसी में आदेश के बाद भी चिकित्सकों के न पहुंचने के मामले को अपर निदेशक ने गंभीरता से लेकर लापरवाह चिकित्सकों की रिपोर्ट सीएमओ को देने और पीएचसी में फार्मेसिस्ट को संबद्ध करने के निर्देश दिए।
चार शैय्या वाले इस अस्पताल में गांव के अलावा हुसेनापुर, बिलहरी, गजरौला, रुद्रपुर, ढक्काचांट, खिरकिया बरगदिया, धर्मापुर सहित आसपास गांव के करीब सौ से अधिक मरीज रोजाना पहुंचते हैं। अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती न होने पर पीएचसी चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों के सहारे चल रही है। एमओआईसी डॉ. मोहम्मद असलम ने सप्ताह भर पहले सीएचसी पूरनपुर में तैनात चिकित्सक डॉॅ. अनिल कुमार, संविदा चिकित्सक डॉ. रेहान रजा और शेरपुर पीएचसी में तैनात डॉ. आसिफ दो-दो दिन जटपुरा पीएचसी से संबंद्ध किया था, लेकिन एमओआईसी के आदेश के बाद मात्र डॉ. मोहम्मद आसिफ एक दिन जटपुरा पीएचसी पहुंचे। सोमवार को भी कोई चिकित्सक जटपुरा पीएचसी नहीं पहुंचा। अपर निदेशक ने लापरवाही को गंभीरता से लेकर लापरवाह डॉक्टरों की रिपोर्ट सीएमओ को भेजने के आदेश एमओआईसी को दिए। इसके बाद भी लापरवाही मिलने पर उनको अवगत कराने को कहा। उन्होंने जटपुरा पीएचसी मेें फार्मेसिस्ट को संबंद्ध करने के निर्देश एमओआईसी को दिए।
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अपर निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) बरेली डॉ. प्रमिला गौड़ ने सीएचसी में प्रसव कक्ष, वार्ड आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण में जगह-जगह गंदगी मिली, वार्ड के कुछ पंखे चलते नहीं मिले। प्रसव कक्ष के शीशे टूटे मिले। स्टाफ नर्स और काउंसलर गैरहाजिर मिली। वार्ड में मरीजों के बेड के पास दवाई की लटक रही खाली बोतलों पर रोष व्यक्त किया। प्रसव कक्ष में कुछ दवाई और इंजेक्शन एक्सपायरी मिलीं। व्यापारी नेता विजयपाल विक्की ने सीएचसी में एंटी रैबीज लगवाने आने वाले मरीजों को टरकाने का आरोप लगाया। इस पर उन्होंने स्टाक रजिस्टर चेक कराया। रजिस्टर ठीक न मिलने पर एमओआईसी को रजिस्टर की जांच करवाने और चीफ फार्मेसिस्ट को स्थिति सुधारने की चेतावनी दी। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में भीषण गंदगी, खिड़कियों के शीशे टूटे मिले। रोगी कल्याण समिति से व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने, गंदगी न हो इसके लिए परिसर में धूम्रपान पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने के निर्देश एमओआईसी को दिए गए है। परिसर में बेतरतीव खड़े होने वाले वाहनों को लेकर पार्किंग की व्यवस्था कराने, ताकि एंबुलेंस इमरजेंसी तक आसानी से पहुंच सके और मरीजों को असुविधा न हो के निर्देश दिए गए।
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स्वाइन फ्लू से बचने के बताए उपाय
अपर निदेशक डॉ. प्रमिला गौड़ ने बार-बार छींके आना, नाक में जलन महसूस होना गले में खरासे, सास फूलना आदि स्वाइन फ्लू के लक्षण बताए। साथ ही कहा कि उक्त लक्षण मिलने पर दवाई से पहले गर्म पानी से गरारे करे। गर्म पानी से मुंह धोएं। हाथों को साफ रखे। अगर किसी बच्चे में यह लक्षण है तो उसे अन्य बच्चों से दूर रखे। समय रहते चिकित्सक से सलाह लें। उन्होंने बताया कि सावधानी से स्वाइन फ्लू से दवाई से पहले ही बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस बार चिकिन गुनिया बुखार का प्रकोप नहीं रहा है।
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लापरवाह चिकित्सकों की रिपोर्ट देने के दिए निर्देश
जटपुरा पीएचसी में आदेश के बाद भी चिकित्सकों के न पहुंचने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। जटपुरा पीएचसी में आदेश के बाद भी चिकित्सकों के न पहुंचने के मामले को अपर निदेशक ने गंभीरता से लेकर लापरवाह चिकित्सकों की रिपोर्ट सीएमओ को देने और पीएचसी में फार्मेसिस्ट को संबद्ध करने के निर्देश दिए।
चार शैय्या वाले इस अस्पताल में गांव के अलावा हुसेनापुर, बिलहरी, गजरौला, रुद्रपुर, ढक्काचांट, खिरकिया बरगदिया, धर्मापुर सहित आसपास गांव के करीब सौ से अधिक मरीज रोजाना पहुंचते हैं। अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती न होने पर पीएचसी चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों के सहारे चल रही है। एमओआईसी डॉ. मोहम्मद असलम ने सप्ताह भर पहले सीएचसी पूरनपुर में तैनात चिकित्सक डॉॅ. अनिल कुमार, संविदा चिकित्सक डॉ. रेहान रजा और शेरपुर पीएचसी में तैनात डॉ. आसिफ दो-दो दिन जटपुरा पीएचसी से संबंद्ध किया था, लेकिन एमओआईसी के आदेश के बाद मात्र डॉ. मोहम्मद आसिफ एक दिन जटपुरा पीएचसी पहुंचे। सोमवार को भी कोई चिकित्सक जटपुरा पीएचसी नहीं पहुंचा। अपर निदेशक ने लापरवाही को गंभीरता से लेकर लापरवाह डॉक्टरों की रिपोर्ट सीएमओ को भेजने के आदेश एमओआईसी को दिए। इसके बाद भी लापरवाही मिलने पर उनको अवगत कराने को कहा। उन्होंने जटपुरा पीएचसी मेें फार्मेसिस्ट को संबंद्ध करने के निर्देश एमओआईसी को दिए।