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अब गड्ढे में गिराकर पकड़ा जाएगा खूनी बाघ
Updated Thu, 31 Aug 2017 07:07 PM IST
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पीलीभीत। कई प्रयास के बाद भी खूनी बाघ के हत्थे न चढ़ने पर अब वन विभाग रणनीति में बदलाव करने का मन बना चुका है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बाघ को पकड़ने के लिए बड़ा से गड्ढा खोदकर उसके ऊपर घासफूस डालकर दूसरी ओर पड्डा बाधा जाएगा ताकि बाघ उस तक पहुंचने के प्रयास में गड्ढे में गिरकर फंस जाए।
अमरिया क्षेत्र में बेहरी गांव और हिमकरनपुर के आसपास पिछले 21 दिनों से घूम रहे बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमें अपने पूरे इंतजाम से लगी हुई हैं। बुधवार की रात भी बाघ ने मरौरी ब्लाक के गांव बेहरी निवासी टोड़ीलाल के खेत के पास बांधे गए पड्डे को मार डाला। सुबह जब टीम पहुंची तो पड्डे का शव बरामद हुआ जिसका लगभग आधा भाग बाघ खा चुका था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने पड्डे के शव से कुछ दूर स्थित पापुलर के पेड़ों पर एक मचान बनाई और इस मचान पर बैठकर उसका इंतजार शुरू किया। हालाकि शाम तक बाघ वापस नहीं आया लेकिन उम्मीद की जा रही है बाघ जल्द लौटेगा। उधर 21 दिन बाद भी बाघ के न पकड़े जाने को शासन ने भी गंभीरता से लिया है। प्रमुख मुख्य वनसंरक्षक (टाइगर प्राजेक्ट) एसके उपाध्याय ने इस बाबत पत्र टाइगर रिजर्व कार्यालय का भेजा है जिसमें अन्य उपाय करने के निर्देश दिए हैं। इस पर वनसंरक्षक वीके सिंह ने बताया कि अभी दो तीन और इंतजार किया जाएगा। यदि इसके बाद भी बाघ पकड़ में नहीं आता है तो करीब 10-12 चौड़ाई में 15-20 फिट गहरा गड्ढा खोदा जाएगा। इसमें जाल एवं इसके ऊपर घास फूस आदि डालकर छिपाया जाएगा। गड्ढे के दूसरी ओर अथवा घास के ऊपर ही कोई व्यवस्था कर पड्डे का बांधा जाएगा। प्रयास यह किया जाएगा कि पड्डे को मारने के चक्कर में बाघ घास पर चलकर आगे बढ़ेे और गड्ढे में गिर जाए। गहराई ज्यादा होने के चलते वह आसानी से नहीं भाग सकेगा। ऐसे में उसे आसानी से बेहोश कर पकड़ने में मदद मिलेगी।
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अमरिया क्षेत्र में बेहरी गांव और हिमकरनपुर के आसपास पिछले 21 दिनों से घूम रहे बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमें अपने पूरे इंतजाम से लगी हुई हैं। बुधवार की रात भी बाघ ने मरौरी ब्लाक के गांव बेहरी निवासी टोड़ीलाल के खेत के पास बांधे गए पड्डे को मार डाला। सुबह जब टीम पहुंची तो पड्डे का शव बरामद हुआ जिसका लगभग आधा भाग बाघ खा चुका था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने पड्डे के शव से कुछ दूर स्थित पापुलर के पेड़ों पर एक मचान बनाई और इस मचान पर बैठकर उसका इंतजार शुरू किया। हालाकि शाम तक बाघ वापस नहीं आया लेकिन उम्मीद की जा रही है बाघ जल्द लौटेगा। उधर 21 दिन बाद भी बाघ के न पकड़े जाने को शासन ने भी गंभीरता से लिया है। प्रमुख मुख्य वनसंरक्षक (टाइगर प्राजेक्ट) एसके उपाध्याय ने इस बाबत पत्र टाइगर रिजर्व कार्यालय का भेजा है जिसमें अन्य उपाय करने के निर्देश दिए हैं। इस पर वनसंरक्षक वीके सिंह ने बताया कि अभी दो तीन और इंतजार किया जाएगा। यदि इसके बाद भी बाघ पकड़ में नहीं आता है तो करीब 10-12 चौड़ाई में 15-20 फिट गहरा गड्ढा खोदा जाएगा। इसमें जाल एवं इसके ऊपर घास फूस आदि डालकर छिपाया जाएगा। गड्ढे के दूसरी ओर अथवा घास के ऊपर ही कोई व्यवस्था कर पड्डे का बांधा जाएगा। प्रयास यह किया जाएगा कि पड्डे को मारने के चक्कर में बाघ घास पर चलकर आगे बढ़ेे और गड्ढे में गिर जाए। गहराई ज्यादा होने के चलते वह आसानी से नहीं भाग सकेगा। ऐसे में उसे आसानी से बेहोश कर पकड़ने में मदद मिलेगी।
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