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Pilibhit News: 8764 परिवार आयुष्मान योजना से जुड़े, मिलेगा मुफ्त इलाज
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पीलीभीत। आर्थिक रूप से कमजोर व जीरो पॉवर्टी परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में आयुष्मान भारत योजना जिले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत अब तक जीरो पॉवर्टी श्रेणी में चिह्नित 8,764 परिवारों के 46,518 सदस्यों को आयुष्मान योजना के दायरे में शामिल किया गया है। इससे जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारी की स्थिति में महंगे इलाज की चिंता से राहत मिली है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पात्र परिवारों की पहचान से लेकर आयुष्मान कार्ड बनवाने तक लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जीरो पॉवर्टी श्रेणी के 8,764 परिवारों में कम से कम एक आयुष्मान कार्ड बनाया जा चुका है, जो करीब 99.4 प्रतिशत है। वहीं, इस श्रेणी के 46,518 सदस्यों में से 33,138 सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, यानी 71.2 प्रतिशत सदस्यों को कार्ड का लाभ मिल चुका है।
विभाग की यह उपलब्धि खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है। क्योंकि जीरो पॉवर्टी परिवारों के लिए बीमारी के दौरान इलाज का खर्च बड़ी चुनौती बन सकता है।
आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पात्र परिवार सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग में योजना के नोडल डॉ. अटल मणि शुक्ला ने बताया उनकी टीमें जिले में लगातार निगरानी कर रहीं हैं। प्रत्येक लाभार्थी को आयुष्मान योजना के तहत जोड़ा जा रहा है। संवाद
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से पात्र परिवारों की पहचान से लेकर आयुष्मान कार्ड बनवाने तक लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जीरो पॉवर्टी श्रेणी के 8,764 परिवारों में कम से कम एक आयुष्मान कार्ड बनाया जा चुका है, जो करीब 99.4 प्रतिशत है। वहीं, इस श्रेणी के 46,518 सदस्यों में से 33,138 सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, यानी 71.2 प्रतिशत सदस्यों को कार्ड का लाभ मिल चुका है।
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विभाग की यह उपलब्धि खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है। क्योंकि जीरो पॉवर्टी परिवारों के लिए बीमारी के दौरान इलाज का खर्च बड़ी चुनौती बन सकता है।
आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पात्र परिवार सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग में योजना के नोडल डॉ. अटल मणि शुक्ला ने बताया उनकी टीमें जिले में लगातार निगरानी कर रहीं हैं। प्रत्येक लाभार्थी को आयुष्मान योजना के तहत जोड़ा जा रहा है। संवाद
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