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युवक की पेशाब थैली से निकली 1250 ग्राम की पथरी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:13 AM IST
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शहर के एक निजी अस्पताल के चिकित्सक ने पूरनपुर विकास खंड क्षेत्र के ग्राम सेहरामऊ उत्तरी निवासी एक युवक की पेशाब की थैली से 1250 ग्राम वजन की 13.9 सेंटीमीटर लंबी पथरी ऑपरेशन कर निकाली है। चिकित्सक का दावा है कि मूत्रालय की थैली से ऑपरेशन कर निकाली जाने वाली देश की यह तीसरी बड़ी पथरी है। इससे पहले 1400 ग्राम और 14.9 सेमी लंबी देश की सबसे पड़ी पथरी गुजरात में वर्ष 2017 में निकाली गई थी। दूसरी बड़ी 1300 ग्राम की पथरी भी गुजरात में निकाली जा चुकी है। चर्चा के बाद इस पथरी को तमाम लोग देखने चिकित्सक के अस्पताल पहुंच रहे हैं।
ग्राम शेहरामऊ उत्तरी निवासी 27 वर्षीय बशरुद्दीन पेशे से मजदूर हैं। पिछले करीब एक साल से वह पेशाब की थैली में पथरी होने के चलते परेशान थे। पहले पूरनपुर फिर पीलीभीत के भी कुछ चिकित्सकों को उन्होंने दिखाया। सभी ने उन्हें छह माह पहले भी ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन मजदूरी पेशा बशरुद्दीन आर्थिक कमजोरी के चलते समय से ऑपरेशन नहीं करा सका। मंगलवार को वह सुनगढ़ी के निकट स्थित सर्जन शैलेंद्र गंगवार के अस्पताल पहुंचा और उन्हें अपनी पीड़ा बताई। यह भी बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वह समय से ऑपरेशन नहीं करा सका। उसके अनुनय विनय के बाद डॉ. शैलेंद्र उसका कम पैसे में ऑपरेशन करने को राजी हो गए। डा. शैलेंद्र गंगवार ने बताया कि मंगलवार रात को करीब 10 बजे उन्होंने उसका ऑपरेशन शुरू किया। करीब पौन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद उसके पेशाब की थैली से पथरी निकाली जा सकी। डॉ. शैलेंद्र ने बताया कि यह पहला ऐसा मौका है जब उन्होंने पेशाब की थैली से 1250 ग्राम वजन और 13.9 सेंटीमीटर लंबी पथरी निकाली है। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति ठीक है। एक सप्ताह बाद उसे अस्पताल से छुट्टी भी मिल जाएगी।
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ग्राम शेहरामऊ उत्तरी निवासी 27 वर्षीय बशरुद्दीन पेशे से मजदूर हैं। पिछले करीब एक साल से वह पेशाब की थैली में पथरी होने के चलते परेशान थे। पहले पूरनपुर फिर पीलीभीत के भी कुछ चिकित्सकों को उन्होंने दिखाया। सभी ने उन्हें छह माह पहले भी ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन मजदूरी पेशा बशरुद्दीन आर्थिक कमजोरी के चलते समय से ऑपरेशन नहीं करा सका। मंगलवार को वह सुनगढ़ी के निकट स्थित सर्जन शैलेंद्र गंगवार के अस्पताल पहुंचा और उन्हें अपनी पीड़ा बताई। यह भी बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वह समय से ऑपरेशन नहीं करा सका। उसके अनुनय विनय के बाद डॉ. शैलेंद्र उसका कम पैसे में ऑपरेशन करने को राजी हो गए। डा. शैलेंद्र गंगवार ने बताया कि मंगलवार रात को करीब 10 बजे उन्होंने उसका ऑपरेशन शुरू किया। करीब पौन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद उसके पेशाब की थैली से पथरी निकाली जा सकी। डॉ. शैलेंद्र ने बताया कि यह पहला ऐसा मौका है जब उन्होंने पेशाब की थैली से 1250 ग्राम वजन और 13.9 सेंटीमीटर लंबी पथरी निकाली है। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति ठीक है। एक सप्ताह बाद उसे अस्पताल से छुट्टी भी मिल जाएगी।
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