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कही पॉलिथीन तो कही मिठाई की दुकानों पर की छापेमारी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Sat, 03 Nov 2018 09:21 PM IST
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दीपावली के नजदीक आते ही मिलावटखोरों व प्रतिबंधित पॉलिथीन पर अंकुश लगाने को जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाना शुरूकर दी है। शनिवार को जिलेभर में कहीं पॉलिथीन तो कहीं मिठाई की दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। छापेमारी में मिठाई की दुकानों से गुलाब जामुन, मावा आदि के आठ नमूना लिए गए। इसे देख आसपास के दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। व्यापारी दुकान बंद कर भाग खड़े हुए।
दीपावली पर्व को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी शनिवार को भी जारी रही। टीम ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी करते हुए गुलाब जामुन, जलेबी, खोया आदि के आठ नमूने लिए। इससे देहात क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी रही। न्यूरिया में एसडीएम व सीओ के नेतृत्व में फूड इंस्पेक्टर कीर्ति आनंद ने नगर पंचायत के सरताज के ताज मिष्ठान भंडार पर छापा मारकर गुलाब जामुन, लड्डू के दो नमूने लिए। अमरिया में टीम ने ममता स्वीट्स से गुलाब जामुन, छेना चमचम और मुख्तार अली के अलवी किराना स्टोर से रिफांइड पाम ऑयल का, जहानाबाद में सुनील चौरसिया के प्रतिष्ठान से लड्डूू, रमेश की दुकान से खोवा का नमूना लिया गया। पूरनपुर में नायब तहसीलदार अनुराग सिंह के साथ पहुंचे खाद्य सुरक्षा अधिकारी राममिलन राना ने ब्लाक रोड पर मुन्ने खां के साबरी स्वीट्स पर छापा मारकर लड्डू और बाजार रोड पर वीरेंद्र जायसवाल के हनुमान रेस्टोरेंट पर छापा मारकर बर्फी का नमूना लिया गया। इधर, बिलसंडा में प्रतिबंधित पॉलिथीन के खिलाफ अभियान चलाया गया। डीपीएम गिरजा शंकर वर्मा, ईओ अवनीश कुमार आदि ने करीब दो घंटे छापेमार कार्रवाई की। दो किलो पॉलिथीन जब्त कर आठ हजार जुर्माना वसूला गया।
इस तरह बनता है नकली मावा
तयोहारों के मौके पर मावे की डिमांड बढ़ जाती है। दूध के कम उत्पादन के चलते शुद्ध मावा नहीं बनाया जा सकता। इसलिए नकली मावे का कारोबार बढ़ रहा है। नकली मावा बनाने के लिए पहले शुद्ध दूध से क्रीम निकाल ली जाती है, जिसके बाद सिंथेटिक दूध में यूरिया, डिटरजेंट, रिफाइंड और वनस्पति घी मिलाया जाता है। मावे में चिकनाहट लाने के लिए वनस्पति और रिफाइंड को दोबारा मिलाया जाता है। यही नहीं मावे को ज्यादा दिन तक सुरक्षित रखने के लिए उसमें शक्कर भी मिला दी जाती है।
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मावे और मिठाइयों के 75 प्रतिशत नमूने फेल
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार जिले में मावे व मिठाइयों के 75 प्रतिशत नमून फेल हो जाते हैं। विभाग आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करता है, लेकिन इसके बाद भी मिलावटखोरी का धंधा बंद नहीं होता। अफसर त्योहारों के नजदीक एक या दो दिन अभियान चलाकर मिठाइयों की दुकानों पर छापे मारते हैं। मिठाइयां नष्ट कराई जाती हैं, लेकिन टीम के जाते ही फिर मिलावटी खेल शुरूहो जाता है।
जा सकती आंखों की रोशनी
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. महावीर प्रसाद का कहना है कि मिलावटी मावे या मिठाई से पेट की बीमारी होती है। आंखों पर असर पड़ता है। अधिक सेवन से आंखों की रोशनी भी जा सकती है। हृदय पर भी असर पड़ता है। ब्लड संबंधी बीमारियां भी हो सकती हैं। रंग बिरंगी मिठाइयां भी सेहत के लिए नुकसानदायक होती हैं।
मिलावटखोरों पर होगी सख्त कार्रवाई
अभिहीत अधिकारी वीके वर्मा ने बताया कि डीएम के निर्देश पर दीपावली के मद्देनजर टीमें अलर्ट हैं। कर्मचारियों के अवकाश पर भी रोक लगा दी गई है। मिलावटी मावा व मिठाइयों की सेंपलिंग के लिए दुकानों पर छापेमारी की जा रही है। शनिवार को न्यूरिया, अमरिया, जहानाबाद आदि जगहों पर से मिठाई आदि के आठ नमूने लिए गए हैं। छापेमारी के दौरान देहात क्षेत्र में अधिकतर दुकानें बंद हो कर दुकानदार खिसक लिए। जिसके कारण टीम को नमूने लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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दीपावली पर्व को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी शनिवार को भी जारी रही। टीम ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी करते हुए गुलाब जामुन, जलेबी, खोया आदि के आठ नमूने लिए। इससे देहात क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी रही। न्यूरिया में एसडीएम व सीओ के नेतृत्व में फूड इंस्पेक्टर कीर्ति आनंद ने नगर पंचायत के सरताज के ताज मिष्ठान भंडार पर छापा मारकर गुलाब जामुन, लड्डू के दो नमूने लिए। अमरिया में टीम ने ममता स्वीट्स से गुलाब जामुन, छेना चमचम और मुख्तार अली के अलवी किराना स्टोर से रिफांइड पाम ऑयल का, जहानाबाद में सुनील चौरसिया के प्रतिष्ठान से लड्डूू, रमेश की दुकान से खोवा का नमूना लिया गया। पूरनपुर में नायब तहसीलदार अनुराग सिंह के साथ पहुंचे खाद्य सुरक्षा अधिकारी राममिलन राना ने ब्लाक रोड पर मुन्ने खां के साबरी स्वीट्स पर छापा मारकर लड्डू और बाजार रोड पर वीरेंद्र जायसवाल के हनुमान रेस्टोरेंट पर छापा मारकर बर्फी का नमूना लिया गया। इधर, बिलसंडा में प्रतिबंधित पॉलिथीन के खिलाफ अभियान चलाया गया। डीपीएम गिरजा शंकर वर्मा, ईओ अवनीश कुमार आदि ने करीब दो घंटे छापेमार कार्रवाई की। दो किलो पॉलिथीन जब्त कर आठ हजार जुर्माना वसूला गया।
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इस तरह बनता है नकली मावा
तयोहारों के मौके पर मावे की डिमांड बढ़ जाती है। दूध के कम उत्पादन के चलते शुद्ध मावा नहीं बनाया जा सकता। इसलिए नकली मावे का कारोबार बढ़ रहा है। नकली मावा बनाने के लिए पहले शुद्ध दूध से क्रीम निकाल ली जाती है, जिसके बाद सिंथेटिक दूध में यूरिया, डिटरजेंट, रिफाइंड और वनस्पति घी मिलाया जाता है। मावे में चिकनाहट लाने के लिए वनस्पति और रिफाइंड को दोबारा मिलाया जाता है। यही नहीं मावे को ज्यादा दिन तक सुरक्षित रखने के लिए उसमें शक्कर भी मिला दी जाती है।
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मावे और मिठाइयों के 75 प्रतिशत नमूने फेल
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार जिले में मावे व मिठाइयों के 75 प्रतिशत नमून फेल हो जाते हैं। विभाग आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करता है, लेकिन इसके बाद भी मिलावटखोरी का धंधा बंद नहीं होता। अफसर त्योहारों के नजदीक एक या दो दिन अभियान चलाकर मिठाइयों की दुकानों पर छापे मारते हैं। मिठाइयां नष्ट कराई जाती हैं, लेकिन टीम के जाते ही फिर मिलावटी खेल शुरूहो जाता है।
जा सकती आंखों की रोशनी
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. महावीर प्रसाद का कहना है कि मिलावटी मावे या मिठाई से पेट की बीमारी होती है। आंखों पर असर पड़ता है। अधिक सेवन से आंखों की रोशनी भी जा सकती है। हृदय पर भी असर पड़ता है। ब्लड संबंधी बीमारियां भी हो सकती हैं। रंग बिरंगी मिठाइयां भी सेहत के लिए नुकसानदायक होती हैं।
मिलावटखोरों पर होगी सख्त कार्रवाई
अभिहीत अधिकारी वीके वर्मा ने बताया कि डीएम के निर्देश पर दीपावली के मद्देनजर टीमें अलर्ट हैं। कर्मचारियों के अवकाश पर भी रोक लगा दी गई है। मिलावटी मावा व मिठाइयों की सेंपलिंग के लिए दुकानों पर छापेमारी की जा रही है। शनिवार को न्यूरिया, अमरिया, जहानाबाद आदि जगहों पर से मिठाई आदि के आठ नमूने लिए गए हैं। छापेमारी के दौरान देहात क्षेत्र में अधिकतर दुकानें बंद हो कर दुकानदार खिसक लिए। जिसके कारण टीम को नमूने लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।