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बिजली चोरी रोकने को सौभाग्य का सहारा
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पीलीभीत। शहर में बिजली चोरी और लाइन लॉस की समस्या का भले ही अभी पूरी तरह समाधान न हो सका हो, लेकिन प्रधानमंत्री की सौभाग्य योजना के सहारे पावर कॉरपोरेशन ग्रामीण अंचलों में बड़े पैमाने पर हो रही बिजली चोरी रोकने की प्लानिंग कर रहा है। इसके तहत न सिर्फ जर्जर तारों को बदला जाएगा, बल्कि बंच लाइन भी डलवाई जाएंगी। योजना के तहत ग्रामीण स्तर पर चल रहे विद्युतीकरण कार्य के बाद इसकी शुरूआत की जाएगी। लचर सप्लाई व्यवस्था के पीछे बिजली चोरी अहम वजह होती है। शहर का लाइन लॉस 21 फीसदी है, जबकि ग्रामीण अंचलों में यह दोगुना से भी अधिक है। ग्रामीण स्तर पर बिजली चोरी की बात करें तो 50 प्रतिशत लाइन लॉस है। इसकी रोकथाम करने के लिए शहर में बीते वर्षों में बंच लाइन डालने का काम कराया गया था। हालांकि कई इलाके अभी भी इससे वंचित हैं। नतीजतन पूरी तरह से बिजली चोरी रोकने में कामयाबी नहीं मिल सकी है। अब नई योजना का इंतजार है, लेकिन विभागीय अधिकारियों का दावा है कि ग्रामीण स्तर पर इसको रोकने के लिए केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना मददगार साबित होगी। हर गांव और मजरे में बिजली पहुंचाए जाने के बाद सौभाग्य योजना के दूसरे चरण में इसी दिशा में काम होना है। एक हजार से अधिक उपभोक्ता वाले गांव इसमें चिह्नित किए जाएंगे। जिनमें जर्जर खंभे, तारों को बदला जाएगा। यहां पर बंच लाइन डलवाई जाएंगी, ताकि बिजली चोरी पर रोकथाम लगाई जा सके। इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है। एसडीओ, जेई की मदद से अधिकारी ऐसे गांवों का चिन्हीकरण करने में जुट गए हैं।
20 दिसंबर को सौभाग्यशाली घोषित हुआ था जिला
61598 नये उपभोक्ता बनाने के साथ ही आजादी के बाद से बिजली का इंतजार कर रहे 66 मजरों में विद्युतीकरण कराकर जिला सौभाग्य योजना के तहत 20 दिसंबर 2018 को सौभाग्यशाली घोषित किया जा चुका है। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों का दावा है कि इसके तहत हर गांव-मजरे तक बिजली दी जा चुकी है। नेडा के सहयोग से भी सोलर पैनल लगवाए गए। योजना के तहत अभी भी काम जारी है।
सौभाग्य योजना के तहत ग्रामीण स्तर पर काफी काम होना है। यह योजना अभी भी जारी है, जो लोग कनेक्शन लेने के इच्छुक हैं, उनको लाभान्वित किया जा रहा है। लाइन लॉस कम करने के लिए गांव में बंच लाइन डलवाने का काम भी जल्द शुरू हो सकेगा। इसकी जिम्मेदारी भी बजाज कंपनी को ही मिली है। एक हजार उपभोक्ता वाले गांव में ये काम होगा। - असीम निगम, अधिशासी अभियंता (पावर कॉरपोरेशन)
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20 दिसंबर को सौभाग्यशाली घोषित हुआ था जिला
61598 नये उपभोक्ता बनाने के साथ ही आजादी के बाद से बिजली का इंतजार कर रहे 66 मजरों में विद्युतीकरण कराकर जिला सौभाग्य योजना के तहत 20 दिसंबर 2018 को सौभाग्यशाली घोषित किया जा चुका है। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों का दावा है कि इसके तहत हर गांव-मजरे तक बिजली दी जा चुकी है। नेडा के सहयोग से भी सोलर पैनल लगवाए गए। योजना के तहत अभी भी काम जारी है।
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सौभाग्य योजना के तहत ग्रामीण स्तर पर काफी काम होना है। यह योजना अभी भी जारी है, जो लोग कनेक्शन लेने के इच्छुक हैं, उनको लाभान्वित किया जा रहा है। लाइन लॉस कम करने के लिए गांव में बंच लाइन डलवाने का काम भी जल्द शुरू हो सकेगा। इसकी जिम्मेदारी भी बजाज कंपनी को ही मिली है। एक हजार उपभोक्ता वाले गांव में ये काम होगा। - असीम निगम, अधिशासी अभियंता (पावर कॉरपोरेशन)
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