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वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ने ली स्वास्थ्य अफसरों की क्लास
Wed, 26 Dec 2018 07:23 PM IST
zaidi saba
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Published by: zaidi saba
Updated Wed, 26 Dec 2018 07:23 PM IST
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एमआर टीकाकरण में सुधार, मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं करने पर कार्रवाई के निर्देश
पीलीभीत। कलक्ट्रेट स्थित एनआईसी में वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत द्विवेदी ने जिले में चल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लेने के साथ ही टीकाकरण की स्थिति खराब मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की क्लास ली। करीब दो घंटे चली क्लास में टीकाकरण व्यवस्था को सुधारने, सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध दवाइयों को ब्योरा ऑनलाइन करने, बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं करने वाले प्राइवेट अस्पतालों पर शिकंजा कसने के साथ उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल के अवकाश पर रहने के कारण प्रमुख सचिव के निशान पर वीडियो कांफ्रेंसिंग में पहुंचे अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी निशाने पर रहे। स्वास्थ्य विभाग से एसीएमओ डॉ. हरपाल सिंह, डॉ. अश्वनी गुप्ता, डॉ. राजेश भट्ट, सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, डॉ. अनीता चौरसिया आदि पहुंचे थे। प्रमुख सचिव ने जिला अस्पताल में नवनिर्मित मदर चाइल्ड विंग शुरू नहीं होने, दवाओं की सूची ऑनलाइन नहीं किए जाने, एमआर टीकाकरण लक्ष्य के सापेक्ष काफी कम होने, प्राइवेट अस्पतालों द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं करने पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की जमकर क्लास ली। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने ऐसे अस्पतालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए।
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पीलीभीत। कलक्ट्रेट स्थित एनआईसी में वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत द्विवेदी ने जिले में चल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लेने के साथ ही टीकाकरण की स्थिति खराब मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की क्लास ली। करीब दो घंटे चली क्लास में टीकाकरण व्यवस्था को सुधारने, सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध दवाइयों को ब्योरा ऑनलाइन करने, बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं करने वाले प्राइवेट अस्पतालों पर शिकंजा कसने के साथ उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल के अवकाश पर रहने के कारण प्रमुख सचिव के निशान पर वीडियो कांफ्रेंसिंग में पहुंचे अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी निशाने पर रहे। स्वास्थ्य विभाग से एसीएमओ डॉ. हरपाल सिंह, डॉ. अश्वनी गुप्ता, डॉ. राजेश भट्ट, सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, डॉ. अनीता चौरसिया आदि पहुंचे थे। प्रमुख सचिव ने जिला अस्पताल में नवनिर्मित मदर चाइल्ड विंग शुरू नहीं होने, दवाओं की सूची ऑनलाइन नहीं किए जाने, एमआर टीकाकरण लक्ष्य के सापेक्ष काफी कम होने, प्राइवेट अस्पतालों द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं करने पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की जमकर क्लास ली। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने ऐसे अस्पतालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए।
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