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शांतिपूर्ण ढंग से सत्याग्रह में जुटे शिक्षामित्र, दिया धरना

Fri, 18 Aug 2017 06:27 PM IST
Updated Fri, 18 Aug 2017 06:27 PM IST
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शांतिपूर्ण ढंग से सत्याग्रह में जुटे शिक्षामित्र, दिया धरना
पीलीभीत। पद वापसी की मांग को लेकर शिक्षामित्रों का चल रहा सत्याग्रह दूसरे दिन भी जारी रहा। जिले भर के कई शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय परिसर में धरना दिया। शिक्षक पद पर वापसी न होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया गया और अध्यादेश लाने की मांग की गई।
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संयुक्त समायोजित शिक्षक/शिक्षामित्र संघर्ष समिति के बैनर तले जिले के कई शिक्षामित्र शुक्रवार को भी बीएसए कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और नारेबाजी कर धरना दिया। धरनास्थल पर हुई सभा में एक दिन पूर्व लखनऊ में अपर बेसिक शिक्षा सचिव और प्रांतीय पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता से अवगत कराया गया और पूर्ण शिक्षक पद पर वापसी न होने तक सत्याग्रह आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया। सभा में प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के मंडल उपाध्यक्ष राम सिंह राठौर ने कहा कि हमें अपने कर्म पर विश्वास रखना चाहिए। शिक्षामित्र संगठनों ने जब-जब आंदोलन किए, तब-तब कामयाबी ही मिली है। उन्होंने शिक्षामित्रों से एकजुट होकर संघर्ष करने की आह्वान किया। अध्यक्षता प्रांतीय उपाध्यक्ष तीर्थदेव शर्मा और संचालन त्रिलोकीनाथ पाल ने किया। सभा में रामप्रकाश अवस्थी, डॉ. महेश वर्मा, सूर्यकांत मिश्रा, आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल वर्मा, सुरेश चंद्र राठौर, रामबहादुर गौतम, सुमनबाला, जया गंगवार, नीरज गंगवार आदि ने भी विचार रखे। धरना देने वालों में ब्रजेश कुमार, शिखा गोस्वामी, रमेशचंद्र वर्मा, वीर सिंह गंगवार, विकास सिंह, अनीता देवी, जगदीश पटेल, संतोष शर्मा, शिवदयाल, सर्वेश स्वर्णकार, पूनम शुक्ला, कौशल्यादेवी समेत जिले भर के कई शिक्षामित्र शामिल रहे।
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बंद स्कूलों के नहीं खुल सके ताले
शिक्षामित्र के सत्याग्रह आंदोलन के चलते शुक्रवार को भी जिले के दो दर्जन से अधिक स्कूलों के ताले नहीं खुल सके। इनमें से अधिकांश स्कूलों में बच्चे तो पहुंचे लेकिन ताला न खुलने के कारण सभी घरों को वापस लौट गए। स्कूल बंद होने के चलते अभिभावकों में खासा रोष देखा जा रहा है। इधर इस संबंध में बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि जिन स्कूलों में शिक्षामित्र के पास चार्ज है उनसे स्कूल की चाबी मांगी गई है। यदि वे चाबी नहीं देते हुए हैं तो संबंधित स्कूल की वीडियोग्राफी कराते हुए ताले तोड़कर अन्य शिक्षक को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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