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12 वर्ष पुराने केस में 16 के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
Updated Wed, 31 Oct 2018 01:15 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
खेकड़ा नगर की बदहाल बिजली आपूर्ति को लेकर 12 वर्ष पहले दिल्ली सहारनपुर हाईवे जाम करना आंदोलनकारियों को भारी पड़ गया है। हाईवे जाम करने की धारा के चलते नगर के 16 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गए है। इनमें से चार लोगों की मृत्यु हो चुकी है। नगरवासियों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर 12 साल पहले मुकदमे को खारिज कराने की मांग की।
खेकड़ा नगर में 12 वर्ष पहले नगर के लोगों ने विद्युत निगम के खिलाफ बदहाल बिजली आपूर्ति को लेकर आंदोलन चलाया । उस वक्त नगर को मात्र पांच से सात घंटे ही बिजली आपूर्ति मिलती थी। भीषण गर्मी में पूरी रात लोगों को परिवार सहित घर के बाहर घूमना पड़ता था। परेशान नगरवासियों ने बिजली को लेकर गांधी प्याऊ पर एकत्र होकर जुलूस निकाला और दिल्ली सहारनपुर हाईवे को जाम किया। जनहित में किया गया यह आंदोलन नगर के 16 लोगों पर भारी पड़ गया। खेकड़ा थाने में दर्ज मुकदमे में 16 लोगों को आंदोलन का मुख्य कर्णधार मानकर मुकदमा दर्ज किया।
इसके बाद बागपत के तत्कालीन विधायक कोकब हमीद, हेम लता चौधरी आदि ने कई बार प्रदेश सरकार से उक्त मुकदमे को समाप्त कराने की गुहार लगाई। बात न बनती देखकर उन्होंने स्टे करा लिया और लंबे समय से यह मामला लंबित बना रहा। अब इन 16 लोगों की गिरफ्तारी के गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। इन 16 में से चार बाबू खान सभासद, ब्रह्म पाल मास्टर, बीरू धामा, रणजीत यादव की कई वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। नगरवासी सुरेश, नरेंद्र, रोहित, मनोज, प्रदीप, सुधीर, बिजेंद्र आदि ने कहा कि चारों मृतक लोगों के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। मुकदमे में प्रतिपक्ष को इन चार लोगों की मृत्यु के बारे में अदालत को अवगत कराना चाहिए था। इसके अलावा शेष जिन लोगों के नाम हैं। उन्होंने भी जनहित में ही आंदोलन में भाग लिया । इनमें अधिकांश नगर के बडे़ प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। नगरवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से हस्तक्षेप कर इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर मुकदमे को खारिज कराने की मांग की।
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खेकड़ा नगर की बदहाल बिजली आपूर्ति को लेकर 12 वर्ष पहले दिल्ली सहारनपुर हाईवे जाम करना आंदोलनकारियों को भारी पड़ गया है। हाईवे जाम करने की धारा के चलते नगर के 16 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गए है। इनमें से चार लोगों की मृत्यु हो चुकी है। नगरवासियों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर 12 साल पहले मुकदमे को खारिज कराने की मांग की।
खेकड़ा नगर में 12 वर्ष पहले नगर के लोगों ने विद्युत निगम के खिलाफ बदहाल बिजली आपूर्ति को लेकर आंदोलन चलाया । उस वक्त नगर को मात्र पांच से सात घंटे ही बिजली आपूर्ति मिलती थी। भीषण गर्मी में पूरी रात लोगों को परिवार सहित घर के बाहर घूमना पड़ता था। परेशान नगरवासियों ने बिजली को लेकर गांधी प्याऊ पर एकत्र होकर जुलूस निकाला और दिल्ली सहारनपुर हाईवे को जाम किया। जनहित में किया गया यह आंदोलन नगर के 16 लोगों पर भारी पड़ गया। खेकड़ा थाने में दर्ज मुकदमे में 16 लोगों को आंदोलन का मुख्य कर्णधार मानकर मुकदमा दर्ज किया।
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इसके बाद बागपत के तत्कालीन विधायक कोकब हमीद, हेम लता चौधरी आदि ने कई बार प्रदेश सरकार से उक्त मुकदमे को समाप्त कराने की गुहार लगाई। बात न बनती देखकर उन्होंने स्टे करा लिया और लंबे समय से यह मामला लंबित बना रहा। अब इन 16 लोगों की गिरफ्तारी के गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। इन 16 में से चार बाबू खान सभासद, ब्रह्म पाल मास्टर, बीरू धामा, रणजीत यादव की कई वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। नगरवासी सुरेश, नरेंद्र, रोहित, मनोज, प्रदीप, सुधीर, बिजेंद्र आदि ने कहा कि चारों मृतक लोगों के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। मुकदमे में प्रतिपक्ष को इन चार लोगों की मृत्यु के बारे में अदालत को अवगत कराना चाहिए था। इसके अलावा शेष जिन लोगों के नाम हैं। उन्होंने भी जनहित में ही आंदोलन में भाग लिया । इनमें अधिकांश नगर के बडे़ प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। नगरवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से हस्तक्षेप कर इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर मुकदमे को खारिज कराने की मांग की।
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