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ओवरलोड गन्ना वाहनों पर शिकंजा कसने में अफसर नाकाम
Updated Fri, 09 Feb 2018 07:36 PM IST
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ओवरलोड गन्ना वाहनों पर शिकंजा कसने में अफसर नाकाम
खुलकर उड़ा रहे नियमों की धज्जियां, निगाहें फेरते जिम्मेदार
09 पीबीटीपी 16, 17
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। हादसों के बाद भी जिला प्रशासन ओवरलोड गन्ना वाहनों पर शिकंजा कसने में कामयाब नहीं हो सका है। प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से बरती जा रही लापरवाही राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई है। ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से जहां जाम की समस्या है, वहीं हादसे का डर भी बना हुआ है।
चीनी मिल की शुरूआत के बाद से नवंबर माह से सड़कों पर गन्ने के ओवरलोड वाहन मुसीबत का सबब बन गए हैं। इसको लेकर शुरूआत में काफी हल्ला हुआ, जिसके बाद एसपी कलानिधि नैथानी ने गन्ना स्कीम लागू कर सख्ती की थी। इसमें वाहनों की शहर में इंट्री का समय और संख्या दोनों निर्धारित की गईं। इसका काफी असर दिखाई दिया, लेकिन समय बढ़ने के साथ ही यह मुहिम भी कागजों में सिमट कर रह गई। ट्रैफिक पुलिस इक्का-दुक्का चालान कर अभिलेख दुरुस्त करने में जुट गई। वहीं परिवहन महकमा और प्रशासनिक अफसर संजीदा नहीं हो पाए। नतीजतन हालात में बदलाव नहीं हो सका है। अभी चंद दिन पहले ही टनकपुर हाईवे पर नकटादाना चौराहा के पास एक बाइक सवार की गन्ना लदे वाहन से कुचलकर दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके अलावा बृहस्पतिवार को माधोटांडा रोड पर हुए हादसे में इंटरमीडिएट के दो छात्रों की मौत हो गई थी। इसमें छात्र के पिता ने भी ओवरलोड वाहन से हादसे की बात दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कही है। वहीं आसपास के लोग गन्ना वाहन होने की बात भी कह रहे हैं। हादसे के दूसरे दिन भी पुलिस और परिवहन महकमा सख्ती नहीं कर सका है। शुक्रवार को गन्ने के ओवरलोड वाहन गुजरते रहे। इन पर कार्रवाई करने के बजाए पुलिस निगाहें फेरने का काम करती रही। ओवरलोड और ओवर हाइट को लेकर न तो कोई पुलिसकर्मी कार्रवाई को आगे आया न ही परिवहन विभाग के अधिकारियों ने दफ्तरों से निकलकर धरातल पर गन्ना वाहनों पर शिकंजा कसने की जहमत उठाई है। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि गन्ने की ओवरलोडिंग को लेकर कार्रवाई के निर्देश थाना एवं ट्रैफिक पुलिस को दिए गए हैं। इसको लेकर कार्रवाई कराई जा रही है।
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खुलकर उड़ा रहे नियमों की धज्जियां, निगाहें फेरते जिम्मेदार
09 पीबीटीपी 16, 17
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। हादसों के बाद भी जिला प्रशासन ओवरलोड गन्ना वाहनों पर शिकंजा कसने में कामयाब नहीं हो सका है। प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से बरती जा रही लापरवाही राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई है। ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से जहां जाम की समस्या है, वहीं हादसे का डर भी बना हुआ है।
चीनी मिल की शुरूआत के बाद से नवंबर माह से सड़कों पर गन्ने के ओवरलोड वाहन मुसीबत का सबब बन गए हैं। इसको लेकर शुरूआत में काफी हल्ला हुआ, जिसके बाद एसपी कलानिधि नैथानी ने गन्ना स्कीम लागू कर सख्ती की थी। इसमें वाहनों की शहर में इंट्री का समय और संख्या दोनों निर्धारित की गईं। इसका काफी असर दिखाई दिया, लेकिन समय बढ़ने के साथ ही यह मुहिम भी कागजों में सिमट कर रह गई। ट्रैफिक पुलिस इक्का-दुक्का चालान कर अभिलेख दुरुस्त करने में जुट गई। वहीं परिवहन महकमा और प्रशासनिक अफसर संजीदा नहीं हो पाए। नतीजतन हालात में बदलाव नहीं हो सका है। अभी चंद दिन पहले ही टनकपुर हाईवे पर नकटादाना चौराहा के पास एक बाइक सवार की गन्ना लदे वाहन से कुचलकर दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके अलावा बृहस्पतिवार को माधोटांडा रोड पर हुए हादसे में इंटरमीडिएट के दो छात्रों की मौत हो गई थी। इसमें छात्र के पिता ने भी ओवरलोड वाहन से हादसे की बात दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कही है। वहीं आसपास के लोग गन्ना वाहन होने की बात भी कह रहे हैं। हादसे के दूसरे दिन भी पुलिस और परिवहन महकमा सख्ती नहीं कर सका है। शुक्रवार को गन्ने के ओवरलोड वाहन गुजरते रहे। इन पर कार्रवाई करने के बजाए पुलिस निगाहें फेरने का काम करती रही। ओवरलोड और ओवर हाइट को लेकर न तो कोई पुलिसकर्मी कार्रवाई को आगे आया न ही परिवहन विभाग के अधिकारियों ने दफ्तरों से निकलकर धरातल पर गन्ना वाहनों पर शिकंजा कसने की जहमत उठाई है। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि गन्ने की ओवरलोडिंग को लेकर कार्रवाई के निर्देश थाना एवं ट्रैफिक पुलिस को दिए गए हैं। इसको लेकर कार्रवाई कराई जा रही है।
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