{"_id":"5ab279864f1c1bb3758b6a59","slug":"101521645958-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"...तो आपात स्थिति में कैसे होगी दस से अधिक जिलों को सिंचाई की भरपाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...तो आपात स्थिति में कैसे होगी दस से अधिक जिलों को सिंचाई की भरपाई
Updated Wed, 21 Mar 2018 08:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लीड............
समय से पहले ही सुखा दिया शारदा डैम
आपात स्थिति में कैसे होगी दस से अधिक जिलों को सिंचाई की भरपाई
लखनऊ से आए मुख्य अभियंता ने झांककर भी नहीं देखी डैम की दुर्दशा
21 पीबीटीपी 18
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा। सिंचाई विभाग ने समय से पहले ही शारदा डैम का पानी सुखा दिया। वर्तमान समय में डैम में मात्र डेड लेवल तक का ही पानी शेष बचा है। बताते हैं कि डैम को खाली करने के पीछे मकसद डैम से निकलने वाली नहर के हेड की मरम्मत होना बताया जा रहा है। खास बात यह है कि मरम्मत के नाम पर डैम को तो लगभग खाली कर दिया गया, लेकिन भेजे गए प्रोजेक्ट पर अभी तक एक धेला भी नहीं मिल सका है। ऐसे में यदि प्रदेश में सूखे के हालात पैदा होते हैं तो सिंचाई के लिए खासी दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं।
प्रदेश में आपात स्थिति के दौरान दस से अधिक जिलों की लाखों एकड़ कृषि भूमि की शारदा डैम में भंडार किए गए पानी से ही सिंचाई की भरपाई की जाती है। शारदा डैम में 624 फिट तक पानी भरा जाता है, लेकिन डैम की हालत जर्जर होने के चलते अब सिंचाई विभाग इसे 622.50 फिट तक ही भरता है। खास बात यह है कि किसी अनहोनी की आशंका के चलते पानी का भंडारण मात्र कुछ समय के लिए किया जाता है और बाद में इसे जल्द ही खाली कर दिया जाता है।
00
पहली बार समय से पूर्व खाली कराया डैम, बिगड़ सकते हैं हालात
शारदा डैम को सिंचाई विभाग के अफसरों ने खाली कराया है। बताते हैं कि यह कार्यवाही पहली बार समय से पहले कराई गई है। वर्तमान में डैम में 603 फिट तक पानी शेष बचा है जो डैड लेवल माना जाता है। ऐसे में यदि प्रदेश में सूखे की आपात स्थिति पैदा होती है या फिर पहाड़ों से शारदा मुख्य नहर को पानी कम मिलता है तो प्रदेश के दस से अधिक जनपदों की लाखों एकड़ कृषि भूमि के लिए सिंचाई का एक बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।
विज्ञापन
00
मरम्मत कार्य के चलते डैम कराया खाली
सिंचाई विभाग के मुताबिक डैम को समय से पूर्व खाली कराने के पीछे डैम से निकलने वाली हरदोई ब्रांच के हेड के खराब फाटक है, जिनकी मरम्मत होना है। इसके चलते ही अफसरों ने डैम को खाली करवाया है। इधर जब डैम में पानी का लेवल नीचे पहुंचा तो मुख्य बाडी के भीतरी हिस्से में लगी सीमेंट की पिचिंग का अधिकांश भाग क्षतिग्रस्त होना पाया गया। वहीं सीपेज पानी को बाहर निकालने को बनाई गई लॉग व क्रास ड्रेनें भी चोक पाई गईं।
00
मुख्य अभियंता ने भी नहीं देखा डैम की दुर्दशा
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता शारदा प्रवीन कुमार दो दिन पूर्व जनपद दौरे पर आए थे। उन्होंने ट्रांस शारदा क्षेत्र में बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ शारदा नदी पर कराए जाने वाले कार्यों की हकीकत तो देखी, लेकिन उन्होंने सिंचाई की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण शारदा डैम की ओर झांककर देखने को प्रयास भी नहीं किया।
00
वर्जन
डैम से निकलने वाली सबसीडरी हरदोई ब्रांच के फाटक खराब हैं। उस पर कार्य होना जरूरी है। इसके चलते ही अफसरों के निर्देश पर शारदा डैम को खाली कराया गया है, ताकि कार्य कराया जा सके।
राजेश चौधरी, अभियंता हेड वर्क्स खंड
00
वर्जन:
शारदा डैम की मरम्मत के लिए तैयार प्रोजेक्ट को पहले ही मंजूरी के लिए भेज रखे हैं, लेकिन अभी तक किसी प्रोजेक्ट पर बजट नहीं मिला है। बजट मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
धर्म घोष, सहायक अभियंता, शारदा डैम
विज्ञापन
समय से पहले ही सुखा दिया शारदा डैम
आपात स्थिति में कैसे होगी दस से अधिक जिलों को सिंचाई की भरपाई
लखनऊ से आए मुख्य अभियंता ने झांककर भी नहीं देखी डैम की दुर्दशा
21 पीबीटीपी 18
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा। सिंचाई विभाग ने समय से पहले ही शारदा डैम का पानी सुखा दिया। वर्तमान समय में डैम में मात्र डेड लेवल तक का ही पानी शेष बचा है। बताते हैं कि डैम को खाली करने के पीछे मकसद डैम से निकलने वाली नहर के हेड की मरम्मत होना बताया जा रहा है। खास बात यह है कि मरम्मत के नाम पर डैम को तो लगभग खाली कर दिया गया, लेकिन भेजे गए प्रोजेक्ट पर अभी तक एक धेला भी नहीं मिल सका है। ऐसे में यदि प्रदेश में सूखे के हालात पैदा होते हैं तो सिंचाई के लिए खासी दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं।
प्रदेश में आपात स्थिति के दौरान दस से अधिक जिलों की लाखों एकड़ कृषि भूमि की शारदा डैम में भंडार किए गए पानी से ही सिंचाई की भरपाई की जाती है। शारदा डैम में 624 फिट तक पानी भरा जाता है, लेकिन डैम की हालत जर्जर होने के चलते अब सिंचाई विभाग इसे 622.50 फिट तक ही भरता है। खास बात यह है कि किसी अनहोनी की आशंका के चलते पानी का भंडारण मात्र कुछ समय के लिए किया जाता है और बाद में इसे जल्द ही खाली कर दिया जाता है।
विज्ञापन
00
पहली बार समय से पूर्व खाली कराया डैम, बिगड़ सकते हैं हालात
शारदा डैम को सिंचाई विभाग के अफसरों ने खाली कराया है। बताते हैं कि यह कार्यवाही पहली बार समय से पहले कराई गई है। वर्तमान में डैम में 603 फिट तक पानी शेष बचा है जो डैड लेवल माना जाता है। ऐसे में यदि प्रदेश में सूखे की आपात स्थिति पैदा होती है या फिर पहाड़ों से शारदा मुख्य नहर को पानी कम मिलता है तो प्रदेश के दस से अधिक जनपदों की लाखों एकड़ कृषि भूमि के लिए सिंचाई का एक बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।
विज्ञापन
00
मरम्मत कार्य के चलते डैम कराया खाली
सिंचाई विभाग के मुताबिक डैम को समय से पूर्व खाली कराने के पीछे डैम से निकलने वाली हरदोई ब्रांच के हेड के खराब फाटक है, जिनकी मरम्मत होना है। इसके चलते ही अफसरों ने डैम को खाली करवाया है। इधर जब डैम में पानी का लेवल नीचे पहुंचा तो मुख्य बाडी के भीतरी हिस्से में लगी सीमेंट की पिचिंग का अधिकांश भाग क्षतिग्रस्त होना पाया गया। वहीं सीपेज पानी को बाहर निकालने को बनाई गई लॉग व क्रास ड्रेनें भी चोक पाई गईं।
00
मुख्य अभियंता ने भी नहीं देखा डैम की दुर्दशा
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता शारदा प्रवीन कुमार दो दिन पूर्व जनपद दौरे पर आए थे। उन्होंने ट्रांस शारदा क्षेत्र में बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ शारदा नदी पर कराए जाने वाले कार्यों की हकीकत तो देखी, लेकिन उन्होंने सिंचाई की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण शारदा डैम की ओर झांककर देखने को प्रयास भी नहीं किया।
00
वर्जन
डैम से निकलने वाली सबसीडरी हरदोई ब्रांच के फाटक खराब हैं। उस पर कार्य होना जरूरी है। इसके चलते ही अफसरों के निर्देश पर शारदा डैम को खाली कराया गया है, ताकि कार्य कराया जा सके।
राजेश चौधरी, अभियंता हेड वर्क्स खंड
00
वर्जन:
शारदा डैम की मरम्मत के लिए तैयार प्रोजेक्ट को पहले ही मंजूरी के लिए भेज रखे हैं, लेकिन अभी तक किसी प्रोजेक्ट पर बजट नहीं मिला है। बजट मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
धर्म घोष, सहायक अभियंता, शारदा डैम